Monday, August 3, 2026

Creating liberating content

সীমান্তে পাকিস্তানের বড় মোতায়েন,...

ভারত-পাকিস্তান সীমান্তে ফের বাড়ছে সামরিক তৎপরতা। গোয়েন্দা সূত্রের বরাত দিয়ে একাধিক সংবাদমাধ্যমে প্রকাশিত...

রেশন ব্যবস্থায় বড় বদল,...

রেশন ব্যবস্থাকে আরও স্বচ্ছ, দ্রুত এবং প্রযুক্তিনির্ভর করতে বড় পদক্ষেপ নিল পশ্চিমবঙ্গ সরকার।...

বুমরাহর বদলি অকিব নবি,...

ভারতীয় টেস্ট দলে বড় পরিবর্তন আনতে বাধ্য হল বিসিসিআই। চোটের কারণে আসন্ন শ্রীলঙ্কা...

लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट...

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा ने सुप्रीम...
Homeहिंदीदिल्ली के कई...

दिल्ली के कई स्कूलों में बम धमकी!

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब शहर के कई स्कूलों को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad), डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। प्रभावित स्कूलों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया और एहतियात के तौर पर सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए।

प्रारंभिक जांच में किसी भी स्कूल परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, लेकिन धमकी देने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान के लिए जांच जारी है। पुलिस साइबर विशेषज्ञों की मदद से धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर

दिल्ली पुलिस के अनुसार, धमकी मिलने के तुरंत बाद संबंधित स्कूलों को सतर्क कर दिया गया। छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक परिसर की गहन जांच की गई।

बम निरोधक दस्तों ने कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, प्रशासनिक भवनों, पार्किंग क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील स्थानों की बारीकी से जांच की। डॉग स्क्वॉड की भी सहायता ली गई ताकि किसी भी संभावित विस्फोटक सामग्री का समय रहते पता लगाया जा सके।

अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और स्थिति पर लगातार निगरानी जारी है।

गुरुग्राम में भी हाल ही में मिला था धमकी भरा ईमेल

दिल्ली में सामने आया यह मामला कुछ ही दिनों पहले हरियाणा के गुरुग्राम में हुई इसी तरह की घटना के बाद सामने आया है। 31 जुलाई को गुरुग्राम के उपायुक्त (DC) कार्यालय, जिला अदालतों और कई स्कूलों को भी बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल मिला था।

उस समय प्रशासन ने तत्काल इमारतों को खाली कराया था और बम निरोधक दस्तों व डॉग स्क्वॉड की मदद से कई घंटों तक तलाशी अभियान चलाया गया था। बाद में जांच में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली और पूरी घटना को फर्जी (Hoax) घोषित कर दिया गया।

हालांकि, उस मामले में भी ईमेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने के लिए जांच अभी जारी है। ईमेल में विभिन्न सरकारी भवनों और स्कूलों को अलग-अलग समय पर निशाना बनाने का दावा किया गया था।

लगातार मिल रही धमकियों से बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार स्कूलों और सरकारी संस्थानों को मिल रही इस तरह की धमकियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। भले ही अधिकांश मामले बाद में फर्जी साबित होते हों, लेकिन हर सूचना को गंभीरता से लेना आवश्यक होता है।

ऐसी घटनाओं के कारण स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होती है, अभिभावकों में चिंता बढ़ती है और प्रशासनिक संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यही कारण है कि पुलिस हर धमकी की विस्तृत जांच कर रही है और साइबर अपराध शाखा भी सक्रिय भूमिका निभा रही है।

दिल्ली के स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

इसी बीच दिल्ली में चलाए गए एक व्यापक निरीक्षण अभियान में बड़ी संख्या में स्कूलों में सुरक्षा संबंधी कमियां भी सामने आई हैं। बाल संरक्षण माह (Child Protection Month) के तहत 13 जुलाई से 24 जुलाई के बीच राजधानी के 1,677 स्कूलों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान 774 स्कूलों में विभिन्न प्रकार की सुरक्षा कमियां पाई गईं। इनमें सबसे अधिक मामले निजी स्कूलों से जुड़े थे।

निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार—

कुल निरीक्षित स्कूल: 1,677
सरकारी स्कूल: 790
निजी स्कूल: 812
सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल: 75

इनमें से—

270 सरकारी स्कूलों
463 निजी स्कूलों
41 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों

में सुरक्षा मानकों से जुड़ी कमियां पाई गईं।

छात्र सुरक्षा चेकलिस्ट के आधार पर हुआ निरीक्षण

यह निरीक्षण राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR), दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) तथा POCSO Act के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई Student Safety Checklist के आधार पर किया गया।

निरीक्षण में स्कूल परिसरों की सुरक्षा, सीसीटीवी व्यवस्था, आपातकालीन निकास, बच्चों की सुरक्षा नीति, कर्मचारियों का सत्यापन, शिकायत निवारण प्रणाली तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों की जांच की गई।

जिन स्कूलों में कमियां पाई गई हैं, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

सुधार के बाद होगा दोबारा सत्यापन

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं है। जिन स्कूलों में सुरक्षा संबंधी कमियां मिली हैं, वहां सुधार कार्य पूरा होने के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि उद्देश्य केवल कमियों की सूची बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सभी स्कूल बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएं।

5,633 स्कूलों तक पहुंचेगा अभियान

दिल्ली प्रशासन ने बताया कि निरीक्षण अभियान अभी जारी है और राजधानी के सभी 5,633 स्कूलों को इसके दायरे में लाया जाएगा। इनमें सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड तथा निजी स्कूल शामिल हैं।

यह अभियान उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा 6 जुलाई को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद शुरू किया गया था। बैठक में बाल सुरक्षा से जुड़े सभी उपायों को समयबद्ध तरीके से लागू करने पर जोर दिया गया था।

अभिभावकों और स्कूलों के लिए सतर्क रहने की सलाह

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की धमकियों के दौरान अफवाहों से बचना और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना बेहद जरूरी है। स्कूलों को अपने आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल नियमित रूप से अपडेट करने चाहिए, जबकि अभिभावकों को भी प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए।

निष्कर्ष

दिल्ली के कई स्कूलों को मिली बम धमकियों ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सभी स्कूलों में तलाशी अभियान के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन पुलिस ईमेल भेजने वालों की पहचान में जुटी है। दूसरी ओर, राजधानी में चल रहे सुरक्षा निरीक्षण अभियान में सैकड़ों स्कूलों में सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आने से यह स्पष्ट हो गया है कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल त्वरित कार्रवाई ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था भी आवश्यक है।

Get notified whenever we post something new!

spot_img

Create a website from scratch

Just drag and drop elements in a page to get started with Newspaper Theme.

Continue reading

लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट जजों की संख्या बढ़ाने वाला विधेयक पारित किया

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस विधेयक के जरिए देश के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 34...

यूक्रेन-रूस युद्ध में बदलते ड्रोन युद्ध के नियम

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने आधुनिक सैन्य रणनीतियों को पूरी तरह बदल दिया है। इस संघर्ष ने दुनिया को यह दिखाया कि अब केवल टैंक, लड़ाकू विमान और मिसाइलें ही युद्ध की दिशा तय नहीं करतीं,...

बुमराह की चोट से बढ़ी टीम इंडिया की चिंता

भारतीय क्रिकेट टीम को श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। टीम के सबसे अनुभवी और तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट दोबारा...

Enjoy exclusive access to all of our content

Get an online subscription and you can unlock any article you come across.