Monday, November 2, 2026

Creating liberating content

यूईएम जयपुर ने मानवता...

जयपुर में आयोजित मानवता के लिए दौड़ के दसवें संस्करण में यूनिवर्सिटी ऑफ...

अक्टूबर 2026 में पड़ेंगी...

सनातन हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।...

इंफोसिस और विप्रो में...

देश की प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनियों में शामिल इंफोसिस और विप्रो के...

स्वर्ग में कर्ण को...

महाभारत के महान योद्धाओं में कर्ण का नाम केवल उनकी वीरता और संघर्ष...
Homeहिंदीभिवंडी इमारत ढहने...

भिवंडी इमारत ढहने की घटना,महाराष्ट्र:

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी में गुरुवार देर रात हुई दर्दनाक इमारत दुर्घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया। गंगारामवाड़ी, बालाजी नगर स्थित चार मंजिला कोहिनूर अपार्टमेंट का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिसमें अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जबकि आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी दो से तीन लोग फंसे हो सकते हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बचाव एजेंसियों ने युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया।

इस दुखद घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि इस हादसे में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भिवंडी में इमारत गिरने से हुई जनहानि अत्यंत दुखद है और उनकी संवेदनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज किया जाए और उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

पहले ही घोषित की जा चुकी थी खतरनाक इमारत

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, भिवंडी-निजामपुर नगर निगम ने इस इमारत को पहले ही खतरनाक भवन घोषित किया था। भवन की खराब स्थिति को लेकर निवासियों और संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किए गए थे।

प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि हादसे के समय इमारत के पिलरों की मरम्मत का कार्य चल रहा था। इसी दौरान रात लगभग 11:30 बजे अचानक पूरी संरचना का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। हालांकि, दुर्घटना का वास्तविक कारण विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

संकरी सड़क बनी बचाव अभियान में चुनौती

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कर दिया। लेकिन बचाव अभियान के दौरान सबसे बड़ी समस्या घटनास्थल तक पहुंचने वाली संकरी सड़क बनी।

भारी मशीनें और क्रेन शुरुआत में मौके तक नहीं पहुंच सकीं, जिससे राहत कार्य में देरी हुई। बाद में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (TDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं।

बचाव कार्य को आसान बनाने के लिए दुर्घटनास्थल के पास स्थित एक पुराने चॉल को जेसीबी मशीनों की मदद से हटाया गया ताकि राहत दलों को मलबे तक पहुंचने का रास्ता मिल सके। इसके बाद तेजी से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया।

स्थानीय लोगों ने बचाईं कई जानें

घटना के दौरान स्थानीय युवाओं ने अद्भुत साहस और मानवता का परिचय दिया। राहत एजेंसियों के पहुंचने से पहले ही आसपास रहने वाले युवकों ने कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ युवाओं ने अपनी जान की परवाह किए बिना मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश की और कम से कम दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। स्थानीय लोगों के इस प्रयास की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है।

हादसे से पहले बाहर निकल गए कई परिवार

इमारत में रहने वाले कुछ परिवार हादसे से कुछ ही क्षण पहले बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे उनकी जान बच गई।

स्थानीय निवासी अरविंद गुप्ता और उनकी पत्नी समय रहते भवन से बाहर निकल आए। हालांकि उनकी बेटी कोमल कुछ समय के लिए मलबे में फंस गई थीं। बाद में उन्होंने स्वयं बाहर निकलने में सफलता प्राप्त की।

कोमल ने दावा किया कि हादसे के समय भवन के पिलरों की मरम्मत का काम चल रहा था। उनके अनुसार, मरम्मत के दौरान अचानक पूरी संरचना कमजोर होकर ढह गई। हालांकि इन दावों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

अभी भी जारी है राहत एवं बचाव अभियान

प्रशासन का कहना है कि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। मलबे को सावधानीपूर्वक हटाया जा रहा है ताकि यदि कोई व्यक्ति अभी भी अंदर फंसा हो तो उसे सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

डॉक्टरों, पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत बल की टीमें लगातार घटनास्थल पर मौजूद हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

उपमुख्यमंत्री ने भी जताई संवेदना

महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने भी इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने बताया कि NDRF, दमकल विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ राहत कार्य में जुटे हुए हैं और जब तक सभी संभावित फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल लिया जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा।

भवन सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

भिवंडी की यह दुर्घटना एक बार फिर महाराष्ट्र में पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। हर वर्ष मानसून के दौरान कमजोर इमारतों के गिरने की घटनाएं सामने आती हैं, बावजूद इसके कई भवनों में लोग रहने को मजबूर रहते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर संरचनात्मक जांच, खतरनाक इमारतों को खाली कराना और मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना बेहद आवश्यक है। यदि संबंधित विभागों की चेतावनियों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाए, तो भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि हादसे के पीछे निर्माण संबंधी लापरवाही, मरम्मत कार्य में त्रुटि या अन्य कोई तकनीकी कारण जिम्मेदार था। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Get notified whenever we post something new!

spot_img

Create a website from scratch

Just drag and drop elements in a page to get started with Newspaper Theme.

Continue reading

यूईएम जयपुर ने मानवता के लिए दौड़ में बढ़चढ़कर भाग लिया

जयपुर में आयोजित मानवता के लिए दौड़ के दसवें संस्करण में यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, जयपुर के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह आयोजन बॉम्बे अस्पताल, जयपुर के सहयोग से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम...

अक्टूबर 2026 में पड़ेंगी दो प्रमुख एकादशी, जानें तिथि पूजा विधि

सनातन हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। भगवान विष्णु को समर्पित इस तिथि पर श्रद्धालु व्रत रखते हैं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी का व्रत आत्मसंयम, भक्ति...

इंफोसिस और विप्रो में गिरावट, आईटी क्षेत्र पर बढ़ा दबाव

देश की प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनियों में शामिल इंफोसिस और विप्रो के शेयरों में मंगलवार को एक बार फिर भारी गिरावट देखने को मिली। लगातार बिकवाली के बीच दोनों कंपनियों के शेयर छह साल के निचले स्तर के...

Enjoy exclusive access to all of our content

Get an online subscription and you can unlock any article you come across.