मुंबई में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान अभिनेत्री आयशा खान ने दावा किया है कि उन्हें बिना किसी गलती के मुंबई पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अभिनेत्री ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर कई वीडियो साझा करते हुए पूरी घटना का अपना पक्ष रखा। उनके अनुसार, वह केवल सड़क पर शांतिपूर्वक खड़ी थीं और किसी भी प्रकार का प्रदर्शन या हंगामा नहीं कर रही थीं। इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें अन्य लोगों के साथ पुलिस वैन में बैठाकर वर्ली पुलिस स्टेशन पहुंचा दिया।
आयशा खान ने इंस्टाग्राम स्टोरी में पोस्ट किए गए पहले वीडियो में कहा कि वह इस पूरी घटना से बेहद घबरा गई थीं। वीडियो में उन्होंने कहा कि उनके हाथ कांप रहे हैं क्योंकि उन्हें सिर्फ सड़क पर खड़े रहने की वजह से पुलिस वैन में बैठा लिया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने न तो कोई नारेबाजी की और न ही किसी तरह का विरोध प्रदर्शन शुरू किया था।
अभिनेत्री के अनुसार, वह अपने भाई और कुछ दोस्तों के साथ नीट (NEET) छात्रों के समर्थन में आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दादर पहुंची थीं। उनका कहना है कि वहां पहुंचते ही पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की बात कही और उनके भाई सहित कुछ पुरुष मित्रों को हिरासत में लेकर पुलिस वैन में बैठा लिया गया। आयशा का दावा है कि वह केवल यह समझने की कोशिश कर रही थीं कि आगे क्या करना है और अपने भाई तक कैसे पहुंचा जाए।
उन्होंने बताया कि इसी दौरान लगभग 15 पुलिसकर्मी उनके पास पहुंचे, जिनमें पुरुष और महिला दोनों पुलिसकर्मी शामिल थे। आयशा के मुताबिक पुलिस ने उन्हें भी वैन में बैठने के लिए कहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने कारण पूछा तो उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया और उन्हें जबरन पुलिस वाहन में बैठा दिया गया।
एक अन्य वीडियो में आयशा खान पुलिसकर्मियों से यह पूछती हुई दिखाई देती हैं कि उन्हें कहां ले जाया जा रहा है। हालांकि, वीडियो में उनके सवाल का कोई जवाब सुनाई नहीं देता। इस वीडियो के माध्यम से उन्होंने दावा किया कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट जानकारी के हिरासत में लिया गया।
आयशा ने एक और वीडियो साझा किया, जिसमें चार महिला पुलिसकर्मी उन्हें पुलिस वैन के अंदर ले जाती हुई दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो पर अभिनेत्री ने लिखा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर उन्हें किस कारण हिरासत में लिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल सड़क पर खड़े होना किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने का आधार हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने न कोई शोर मचाया और न ही किसी प्रकार की बहस की थी।
बाद में अभिनेत्री ने एक और वीडियो पोस्ट कर बताया कि उन्हें और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों को वर्ली पुलिस स्टेशन ले जाया गया। वहां पहुंचने के बाद उन्होंने पूरी घटना को विस्तार से बताया। उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य केवल नीट छात्रों के समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना था और उन्होंने किसी प्रकार का अव्यवस्था फैलाने का प्रयास नहीं किया।
हालांकि, आयशा खान ने अपने वीडियो में वर्ली पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों के व्यवहार की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि वहां मौजूद पुलिसकर्मी उनके साथ विनम्र और सहयोगपूर्ण व्यवहार कर रहे थे। उन्होंने उन्हें “स्वीट” बताते हुए कहा कि पुलिस स्टेशन पहुंचने के बाद उन्हें किसी तरह की बदसलूकी का सामना नहीं करना पड़ा। इसके बावजूद उनका कहना था कि उनके मन में अब भी यही सवाल है कि आखिर उन्हें हिरासत में क्यों लिया गया।
यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया है। अभिनेत्री द्वारा साझा किए गए वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे हैं और कई लोग इस घटना को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग आयशा खान के दावों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए होंगे।
फिलहाल, इस मामले में मुंबई पुलिस की ओर से इस घटना को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। आयशा खान के दावे उनके द्वारा साझा किए गए वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित हैं। यदि पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया जाता है, तो उससे इस पूरे घटनाक्रम की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकती है।
इस घटना ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन, नागरिकों के अधिकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के बीच संतुलन को लेकर एक नई बहस भी छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस मामले में आगे क्या आधिकारिक जानकारी सामने आती है और क्या संबंधित पक्ष अपनी बात को सार्वजनिक रूप से विस्तार से रखते हैं।


