भारत की अध्यक्षता में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों के प्रमुख नेता तथा साझेदार देशों के प्रतिनिधि वैश्विक शासन, बहुपक्षीय सहयोग, व्यापार, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। इस वर्ष भारत की अध्यक्षता का मुख्य विषय लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के आधार पर भविष्य का निर्माण करना है। Akashvani News+1
ब्रिक्स के विस्तार के साथ इस मंच पर आने वाले नेताओं की संख्या और उनके अनुभवों की विविधता भी बढ़ी है। इन नेताओं की राजनीतिक विचारधाराएं और शासन व्यवस्थाएं अलग-अलग हैं, लेकिन उनकी शैक्षिक यात्राएं भी उतनी ही दिलचस्प हैं। किसी नेता ने कानून की पढ़ाई की है, तो किसी ने चिकित्सा, अभियंत्रण, साहित्य या सैन्य विज्ञान में शिक्षा प्राप्त की है। कुछ नेताओं ने देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन किया, जबकि कुछ ने अपनी शिक्षा के साथ सैन्य या प्रशासनिक प्रशिक्षण भी हासिल किया।
नरेंद्र मोदी की शिक्षा
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडनगर में अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के मुक्त अध्ययन विद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। आगे उन्होंने गुजरात विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि हासिल की।
प्रधानमंत्री मोदी की शैक्षिक पृष्ठभूमि मुख्य रूप से राजनीति विज्ञान से जुड़ी रही है। उनके राजनीतिक जीवन में संगठनात्मक कार्य और सार्वजनिक जीवन का लंबा अनुभव रहा है। ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की ओर से नेतृत्व करते हुए उनका अनुभव और शैक्षिक पृष्ठभूमि दोनों महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शी चिनफिंग की शिक्षा
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने रसायन अभियंत्रण की पढ़ाई की और बाद में विधि के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनकी शैक्षिक यात्रा तकनीकी शिक्षा से लेकर कानून तक फैली हुई है।
शी चिनफिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। वह 12 सितंबर को नई दिल्ली में सम्मेलन के पहले सत्र में शामिल हुए और वैश्विक सहयोग तथा उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका से जुड़े मुद्दों पर चीन का पक्ष रखा। Chinese Embassy in Finland
मसूद पेजेश्कियान की चिकित्सा शिक्षा
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान की शैक्षिक पृष्ठभूमि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी है। उन्होंने चिकित्सा और शल्य चिकित्सा का अध्ययन किया तथा हृदय शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल की।
उनकी यात्रा इस मायने में अलग है कि उन्होंने राजनीति में आने से पहले चिकित्सा के क्षेत्र में पेशेवर पहचान बनाई। ब्रिक्स सम्मेलन में उनकी उपस्थिति ईरान के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय संबंधों और संगठन के विस्तारित स्वरूप को भी दर्शाती है। सम्मेलन में ईरान सहित कई नए सदस्य देशों की भागीदारी हो रही है। Akashvani News
प्रबोवो सुबियांतो का सैन्य प्रशिक्षण
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की प्रारंभिक शिक्षा कई देशों में हुई। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उन्होंने सिंगापुर, हांगकांग, मलेशिया, स्विट्जरलैंड और इंग्लैंड में शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने इंडोनेशियाई सैन्य अकादमी से शिक्षा पूरी की।
उनकी शैक्षिक और पेशेवर यात्रा में सैन्य प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। वर्तमान में इंडोनेशिया ब्रिक्स के सदस्य देशों में शामिल है और प्रबोवो सम्मेलन में अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। Akashvani News+1
फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर की अलग शैक्षिक यात्रा
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर की शिक्षा की यात्रा भी अन्य नेताओं से अलग रही। उन्होंने ऑक्सफोर्ड में अध्ययन किया, लेकिन स्नातक उपाधि के लिए आवश्यक सभी परीक्षाएं पूरी नहीं कीं। इसके स्थान पर उन्हें सामाजिक अध्ययन में विशेष डिप्लोमा प्रदान किया गया।
उन्होंने अमेरिका में व्यवसाय प्रशासन में स्नातकोत्तर अध्ययन भी किया, लेकिन यह पाठ्यक्रम भी पूरा नहीं कर सके। उनकी शैक्षिक यात्रा इस बात का उदाहरण है कि विश्व के शीर्ष राजनीतिक नेताओं की शैक्षिक पृष्ठभूमि हमेशा पारंपरिक या एक समान नहीं होती।
अबिय अहमद की तकनीकी और प्रबंधन शिक्षा
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद की शैक्षिक पृष्ठभूमि काफी व्यापक है। उन्होंने संगणक अभियंत्रण में स्नातक की उपाधि हासिल की। इसके बाद नेतृत्व के क्षेत्र में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की और व्यवसाय प्रशासन में भी उच्च शिक्षा हासिल की।
उन्होंने आगे चलकर डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। इस प्रकार उनकी शिक्षा तकनीकी ज्ञान, नेतृत्व, प्रबंधन और शोध—इन सभी क्षेत्रों को जोड़ती है। ब्रिक्स में इथियोपिया की भागीदारी अफ्रीकी देशों की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करती है। Akashvani News
व्लादिमीर पुतिन की कानून और अर्थशास्त्र की पढ़ाई
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कानून की शिक्षा प्राप्त की और बाद में अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उच्च शोध उपाधि हासिल की। उन्होंने लेनिनग्राद राज्य विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी की थी।
उनकी शैक्षिक यात्रा कानून और अर्थशास्त्र जैसे दो महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़ी रही है। राजनीति में आने से पहले उनका पेशेवर जीवन सुरक्षा और प्रशासनिक क्षेत्र से भी जुड़ा रहा। ब्रिक्स सम्मेलन में रूस की ओर से उनकी उपस्थिति भारत और रूस के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों के संदर्भ में विशेष महत्व रखती है। सम्मेलन में पुतिन प्रमुख भागीदार नेताओं में शामिल हैं। Akashvani News
सिरिल रामाफोसा की विधि शिक्षा
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने कानून की पढ़ाई की। उन्होंने विधि की शिक्षा पूरी करने के बाद अधिवक्ता के रूप में योग्यता हासिल की।
कानून की शिक्षा ने उनके सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक भूमिका के लिए मजबूत आधार तैयार किया। दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स के मूल सदस्य देशों में शामिल है और रामाफोसा की भागीदारी इस समूह के पुराने सदस्यों में अफ्रीकी नेतृत्व की निरंतर भूमिका को दर्शाती है। BERNAMA
अब्देल फतह अल-सीसी का सैन्य अध्ययन
मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी ने मिस्र की सैन्य अकादमी से शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने मिस्र और ब्रिटेन में सैन्य विज्ञान के क्षेत्र में उच्च शिक्षा हासिल की। उन्हें मिस्र और अमेरिका में विभिन्न अध्ययनवृत्तियां तथा प्रशिक्षण अवसर भी मिले।
उनकी शिक्षा मुख्य रूप से सैन्य अध्ययन और रणनीतिक विषयों से संबंधित रही है। मिस्र की ब्रिक्स सदस्यता के बाद अल-सीसी की भागीदारी इस समूह के भौगोलिक और राजनीतिक विस्तार को दर्शाती है। Akashvani News
अनवर इब्राहीम की साहित्यिक शिक्षा
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम की शैक्षिक पृष्ठभूमि मानविकी और साहित्य से जुड़ी है। उन्होंने मलय अध्ययन में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और आगे साहित्य में स्नातकोत्तर उपाधि हासिल की।
उनकी शिक्षा विज्ञान या सैन्य अध्ययन के बजाय भाषा, संस्कृति और साहित्य के क्षेत्र से जुड़ी रही। ब्रिक्स के व्यापक होते स्वरूप में मलेशिया साझेदार देशों में शामिल है और अनवर इब्राहीम सम्मेलन से जुड़े प्रमुख नेताओं में हैं। mint
फाम मिन्ह चिन्ह की भाषा और सार्वजनिक नीति की शिक्षा
वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह की शैक्षिक पृष्ठभूमि भाषा और सार्वजनिक नीति दोनों से जुड़ी है। उन्होंने फ्रांसीसी भाषा में स्नातक की पढ़ाई की और बाद में सार्वजनिक नीति में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की।
उनकी शैक्षिक यात्रा यह दर्शाती है कि प्रशासन और शासन से जुड़े नेताओं के लिए भाषा तथा सार्वजनिक नीति का अध्ययन किस प्रकार उपयोगी हो सकता है। वियतनाम इस सम्मेलन में साझेदार देशों के समूह के साथ जुड़ा हुआ है। Akashvani News
अलग शिक्षा, साझा वैश्विक दृष्टि
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल नेताओं की शैक्षिक यात्राएं एक-दूसरे से काफी अलग हैं। किसी ने चिकित्सा और हृदय शल्य चिकित्सा को चुना, किसी ने कानून और अर्थशास्त्र को, तो किसी ने अभियंत्रण, साहित्य, सैन्य विज्ञान या सार्वजनिक नीति में विशेषज्ञता हासिल की। यही विविधता ब्रिक्स के व्यापक स्वरूप को भी दर्शाती है।
भारत में आयोजित इस सम्मेलन में 11 सदस्य देशों के साथ साझेदार देशों की भी भागीदारी हो रही है। सम्मेलन के प्रमुख विषयों में वैश्विक शासन, बहुपक्षीय व्यवस्था, व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा आपदा-रोधी क्षमता जैसे मुद्दे शामिल हैं। Akashvani News+1
इन नेताओं की शिक्षा भले ही अलग-अलग क्षेत्रों में रही हो, लेकिन नई दिल्ली में उनका साझा उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए सहयोग को मजबूत करना है। 2026 का ब्रिक्स सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब विश्व अर्थव्यवस्था, भू-राजनीति, आपूर्ति श्रृंखला, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दे तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में विभिन्न देशों से आए नेताओं की विविध शैक्षिक और पेशेवर पृष्ठभूमि इस बहुपक्षीय मंच को और व्यापक स्वरूप देती है।


