विदेश में बेहतर नौकरी और उज्ज्वल भविष्य का सपना दिखाकर लोगों के साथ ठगी और मानव तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला महाराष्ट्र से सामने आया है, जहां नागपुर की 28 वर्षीय एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे पुर्तगाल में सुपरमार्केट की नौकरी दिलाने का वादा किया गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसे कथित तौर पर वेश्यावृत्ति के लिए बेच दिया गया। किसी तरह अपनी जान बचाकर भारत लौटी महिला ने पुणे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुणे और पुर्तगाल के सात लोगों पर मामला दर्ज
पुलिस के अनुसार, इस मामले में कुल सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें पुणे के रहने वाले प्रतिमा भाटी, अमित कुमार झा, अज़हर शेख और कपिल मिश्रा शामिल हैं। वहीं, पुर्तगाल में रहने वाले वामसी, चैतन्य और हिम्मत सिंह के नाम भी एफआईआर में शामिल किए गए हैं।
शिकायत के अनुसार, कथित घटनाएं दिसंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच पुणे के विमान नगर स्थित फीनिक्स मार्केटसिटी परिसर में संचालित एक कार्यालय और पुर्तगाल के विभिन्न स्थानों पर हुईं।
इंस्टाग्राम वीडियो से हुई शुरुआत
महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि वह विदेश में नौकरी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान इंस्टाग्राम पर उसे We Migrate नाम की एक कंपनी का वीडियो दिखाई दिया। वीडियो में कई लोगों को विदेश का वीजा मिलने के बाद जश्न मनाते हुए दिखाया गया था।
वीडियो से प्रभावित होकर महिला ने कंपनी से संपर्क किया। इसके बाद उसे पुणे बुलाया गया, जहां उसकी मुलाकात प्रतिमा भाटी, अज़हर शेख और कपिल मिश्रा से हुई।
महिला का आरोप है कि उसे बताया गया कि कंपनी नीदरलैंड, पुर्तगाल, स्पेन, डेनमार्क और पोलैंड जैसे देशों में लोगों को नौकरी दिलाती है। उसे सुपरमार्केट कैशियर की नौकरी, लगभग 1.5 लाख रुपये मासिक वेतन, प्रतिदिन आठ घंटे की ड्यूटी, सप्ताह में दो दिन की छुट्टी और तीन साल का वर्क परमिट मिलने का भरोसा दिया गया।
नौकरी के नाम पर लिए गए 11 लाख रुपये
शिकायत के अनुसार, कंपनी ने विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के लिए कुल 11 लाख रुपये खर्च होने की बात कही। महिला ने यह राशि अलग-अलग किश्तों में जमा कर दी।
बाद में 24 मार्च 2026 को उसे पुणे स्थित कार्यालय बुलाया गया, जहां कथित तौर पर विदेश में नौकरी मिलने की खुशी मनाने के नाम पर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। महिला का आरोप है कि उसे उन दस्तावेजों की कोई प्रति नहीं दी गई।
स्पेन होते हुए पहुंची पुर्तगाल
महिला ने बताया कि वह मुंबई से अबू धाबी और वहां से स्पेन के मैड्रिड पहुंची। वहां उसे बताया गया कि वामसी नाम का व्यक्ति उसे लेने आएगा। शिकायत के अनुसार, वामसी जानबूझकर देर से पहुंचा, जिससे उसकी पुर्तगाल जाने वाली बस छूट गई। बाद में वह दूसरी बस से देर रात पुर्तगाल पहुंची।
वहां चैतन्य नामक व्यक्ति उसे हिम्मत सिंह के घर ले गया। महिला का आरोप है कि वहां पहुंचते ही उसका पासपोर्ट ले लिया गया और उसे दो दिनों तक एक कमरे में बंद रखा गया। उसने आरोप लगाया कि 40 हजार रुपये देने के बाद ही उसे बाहर निकलने दिया गया।
सुपरमार्केट की जगह बीयर शॉप में कराया काम
महिला के अनुसार, उसे बताया गया था कि कॉलेज में दाखिला और छात्र संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने तक उसे सुपरमार्केट में कैशियर की नौकरी मिलेगी। लेकिन इसके बजाय उसे एक ऐसे घर में रखा गया, जहां पहले से राजस्थान और हरियाणा की दो अन्य महिलाएं रह रही थीं।
26 मई को घर के मालिक ने उसे सुपरमार्केट भेजने के बजाय अपनी बीयर शॉप में काम करने के लिए भेज दिया। जब महिला ने इस बारे में संबंधित व्यक्ति से शिकायत की तो उसे कुछ समय तक “समायोजन” करने की सलाह दी गई।
वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर करने का आरोप
महिला का आरोप है कि 27 जून को स्थिति और गंभीर हो गई। उसे बीयर शॉप के मालिक के घर भेजा गया। इस दौरान कथित रूप से एक व्यक्ति ने फोन पर कहा कि उसे मालिक को “हर तरह से खुश” रखना होगा।
महिला का दावा है कि जब उसने इस बातचीत का जिक्र घर के मालिक से किया तो उसने कथित तौर पर कहा कि उसने प्रतिमा भाटी और उसके सहयोगियों को पैसे देकर उसे खरीदा है। उसने यह भी कहा कि उसे नौकरी के लिए नहीं लाया गया, बल्कि उसे वही करना होगा जो वह कहेगा।
महिला ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि उसके साथ रह रही दो अन्य महिलाओं ने भी उसे बताया कि उसे जबरन देह व्यापार में धकेला जा सकता है।
किसी तरह बचाकर भारत लौटी
अपनी सुरक्षा को खतरे में देखते हुए महिला ने अपने पति से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत के अनुसार, वह 29 जून की सुबह लगभग तीन बजे वहां से भाग निकली। इसके बाद बस के जरिए वह लिस्बन और फिर मैड्रिड पहुंची। वहां एक रात बस स्टॉप पर बिताने के बाद वह एक हॉस्टल में रुकी।
बाद में वह हवाई मार्ग से मैड्रिड से दोहा और फिर दिल्ली पहुंची। इसके बाद अपने पति के साथ नागपुर लौट आई।
भारत लौटने के बाद भी मिलती रहीं धमकियां
महिला ने आरोप लगाया कि भारत लौटने के बाद भी आरोपी उसे धमकाते रहे। शिकायत के अनुसार, प्रतिमा भाटी ने उससे पासपोर्ट भेजने को कहा, जबकि एक अन्य आरोपी ने कथित रूप से तीन लाख रुपये की मांग करते हुए माल्टा में नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
महिला का यह भी आरोप है कि पैसे नहीं देने पर उसके पति के खिलाफ झूठा छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराने या जान से मारने की धमकी दी गई।
मानसिक तनाव के बाद दर्ज कराई शिकायत
महिला ने बताया कि घटना के तुरंत बाद वह मानसिक रूप से बेहद परेशान थी और लगातार मिल रही कथित धमकियों के कारण पुलिस के पास नहीं जा सकी। बाद में वह पुणे पहुंची और क्राइम ब्रांच के अधिकारियों से संपर्क किया। उनकी सलाह पर विमान नगर पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस कर रही है विस्तृत जांच
पुणे पुलिस ने इस मामले में मानव तस्करी, धोखाधड़ी, अवैध रूप से बंधक बनाने, धमकी देने और कथित शोषण सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब प्लेसमेंट एजेंसी की कार्यप्रणाली, आर्थिक लेन-देन, विदेश में मौजूद कथित नेटवर्क और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
गौरतलब है कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। मामले में दर्ज सभी आरोप शिकायत पर आधारित हैं और संबंधित आरोपियों का पक्ष अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


