Monday, November 2, 2026

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बठिंडा में युवा दौड़ में 20 हजार लोगों की भागीदारी

पंजाब के बठिंडा में रविवार को खेल, स्वास्थ्य और नशामुक्त जीवन के समर्थन में एक विशाल जनभागीदारी देखने को मिली। राज्य की सबसे बड़ी युवा दौड़ में करीब 20 हजार युवाओं, खिलाड़ियों, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को पंजाब में नशे के खिलाफ मजबूत सामाजिक संदेश और खेलों के प्रति बढ़ते रुझान के रूप में देखा जा रहा है।

इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर खेल, शारीरिक स्वास्थ्य और अनुशासित जीवनशैली की ओर प्रेरित करना था। पंजाब सरकार की ओर से चलाए जा रहे ‘नशे के विरुद्ध युद्ध’ अभियान को भी इस आयोजन से व्यापक समर्थन मिला। आयोजकों के अनुसार, दौड़ में समाज के अलग-अलग वर्गों और आयु समूहों के लोगों ने हिस्सा लिया, जिससे यह केवल युवाओं तक सीमित कार्यक्रम न रहकर जनभागीदारी का बड़ा अभियान बन गया।

इस अवसर पर प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार भी दिए गए। विजेताओं को 11 हजार रुपये तक की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई। इसके अलावा दौड़ में शामिल सभी प्रतिभागियों को टी-शर्ट और सहभागिता पदक दिए गए। पुरस्कार और सम्मान ने प्रतिभागियों के उत्साह को और बढ़ाया तथा खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी बठिंडा में हुई इस बड़ी भागीदारी की सराहना की। उन्होंने सामाजिक माध्यम पर अपने संदेश में कहा कि यह पंजाब का नया रूप है और युवाओं में खोया हुआ उत्साह वापस दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के सहयोग से राज्य के युवा नशे की समस्या से लड़ने के लिए आगे आ रहे हैं और खेल तथा शारीरिक स्वास्थ्य को अपना रहे हैं।

केजरीवाल ने युवाओं की सक्रिय भागीदारी को पंजाब के लिए सकारात्मक संकेत बताया। उनके अनुसार, जब युवा नशे के बजाय खेल और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हैं, तो इससे समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव मजबूत होती है। उन्होंने बठिंडा में बड़ी संख्या में युवाओं और अन्य नागरिकों के शामिल होने को नशामुक्त पंजाब की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के विशेष कार्याधिकारी राजबीर सिंह घुम्मन ने भी आयोजन को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बठिंडा में आयोजित दौड़ इस श्रृंखला का तीसरा आयोजन था। इसकी शुरुआत मोहाली से की गई थी और इसके बाद अलग-अलग क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, बठिंडा में करीब 20 हजार लोगों की भागीदारी ने इस पहल को नया उत्साह दिया है।

घुम्मन ने कहा कि दौड़ में हर आयु वर्ग और समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। उनके मुताबिक, इतनी बड़ी भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि पंजाब के लोग खेल और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति गहरी रुचि रखते हैं। उन्होंने बठिंडा के लोगों की भागीदारी को इस अभियान के लिए उत्साहजनक बताया।

इस आयोजन के जरिए पंजाब की उस छवि को बदलने का संदेश भी दिया गया, जिसमें राज्य को लंबे समय से नशे की समस्या से जोड़कर देखा जाता रहा है। घुम्मन ने कहा कि बठिंडा में हजारों लोगों की भागीदारी उन लोगों को जवाब है, जो पंजाब को केवल नकारात्मक छवि के माध्यम से प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने पंजाब के लिए ऐसा संदेश देने पर जोर दिया, जिसमें खेलता, दौड़ता और आगे बढ़ता हुआ पंजाब दिखाई दे।

उन्होंने यह भी कहा कि बठिंडा में लोगों की भागीदारी किसी दबाव या जबरन जुटाई गई भीड़ का परिणाम नहीं थी। उनके अनुसार, लोगों ने स्वयं पंजीकरण कराया और अपनी इच्छा से कार्यक्रम में पहुंचे। बड़ी संख्या में लोगों के अपने स्तर पर जुड़ने को उन्होंने अभियान की स्वीकार्यता और जनसमर्थन का संकेत बताया।

बठिंडा में मिली प्रतिक्रिया ने इस श्रृंखला में होने वाले आगामी आयोजनों के लिए भी नई चुनौती तय कर दी है। घुम्मन के अनुसार, अब पटियाला और लुधियाना में होने वाली युवा दौड़ों से भी बड़ी भागीदारी की उम्मीद की जा रही है। बठिंडा में बने नए स्तर ने आयोजकों और स्थानीय प्रशासन के सामने आगामी कार्यक्रमों में अधिक लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने बठिंडा के लोगों को इस शानदार भागीदारी के लिए बधाई देते हुए कहा कि पंजाब के विभिन्न हिस्सों में ऐसे आयोजन लगातार जारी रखे जाएंगे। उनका कहना था कि समाज को नशे के खिलाफ एकजुट करने और युवाओं को स्वस्थ गतिविधियों से जोड़ने के लिए खेल आधारित कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का विषय रही है। ऐसे में युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने के प्रयासों को नशामुक्ति अभियान के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। दौड़ जैसे सामूहिक आयोजनों के जरिए युवाओं में अनुशासन, शारीरिक सक्रियता और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

बठिंडा की युवा दौड़ में महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी ने भी कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप दिया। इससे यह संदेश गया कि स्वस्थ जीवनशैली और नशामुक्त समाज का लक्ष्य केवल युवाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक भागीदारी से ही इसे मजबूत किया जा सकता है।

कार्यक्रम की बड़ी सफलता ने पंजाब में खेल और स्वास्थ्य आधारित जनअभियानों को लेकर नई उम्मीद पैदा की है। हजारों लोगों की भागीदारी ने यह संकेत दिया कि राज्य में ऐसे आयोजनों के लिए व्यापक जनसमर्थन मौजूद है। आयोजकों ने लोगों से आगे भी इसी तरह सहयोग जारी रखने और युवाओं को नशे से दूर रहकर खेल तथा शारीरिक स्वास्थ्य अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की।

बठिंडा में हुई इस विशाल युवा दौड़ ने फिलहाल पंजाब में एक स्पष्ट संदेश दिया है—युवा शक्ति को नशे से दूर रखकर खेल, स्वास्थ्य और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जा सकता है। आने वाले समय में पटियाला और लुधियाना सहित राज्य के अन्य हिस्सों में होने वाले आयोजनों से यह अभियान कितना व्यापक रूप लेता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।

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