Thursday, September 10, 2026

Creating liberating content

ভোটের তহবিলে বিজেপি-কংগ্রেসের বড়...

দেশের পাঁচ রাজ্যের বিধানসভা নির্বাচনের পর নির্বাচন কমিশনে জমা পড়া হিসাব সামনে আসতেই...

রিপাবলিকান জিতলে ৫ হাজার...

আমেরিকার মধ্যবর্তী নির্বাচনের আগে বড়সড় আর্থিক প্রতিশ্রুতি দিলেন মার্কিন প্রেসিডেন্ট ডোনাল্ড ট্রাম্প। রিপাবলিকানরা...

১০ হাজার প্রবীণকে নিয়ে...

দুর্গাপুজো শুধু বাঙালির উৎসব নয়, এখন তা বাংলার অন্যতম বড় সাংস্কৃতিক পরিচয়। কলকাতার...

WHO পদ থেকে ইস্তফা...

বাংলাদেশের প্রাক্তন প্রধানমন্ত্রী শেখ হাসিনার মেয়ে সায়মা ওয়াজেদ বিশ্ব স্বাস্থ্য সংস্থার (WHO) দক্ষিণ-পূর্ব...
Homeहिंदीबाबा वेंगा की...

बाबा वेंगा की २०२६ भविष्यवाणियां फिर चर्चा में, नेपाल आपदा से जोड़ा दावा

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बाबा वेंगा की कथित भविष्यवाणियों को लेकर सामाजिक माध्यमों पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। कई संदेशों और समाचार संबंधी दावों में यह कहा जा रहा है कि वर्ष २०२६ दुनिया के लिए बड़े संकटों का वर्ष हो सकता है। इन दावों में प्राकृतिक आपदाओं से लेकर तीसरे विश्व युद्ध, अंतरिक्ष से आने वाले अज्ञात जीवों के संपर्क, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव, वैश्विक आर्थिक संकट और रूस की सत्ता व्यवस्था में बड़े बदलाव जैसी बातें शामिल हैं। हालांकि, इन दावों की सत्यता को लेकर कोई ठोस और विश्वसनीय प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

नेपाल में आई बाढ़ और उससे जुड़ी तबाही के बाद पुराने कथित भविष्यवाणी संबंधी दावों को वर्तमान घटनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सामाजिक माध्यमों पर कुछ लोग इसे बाबा वेंगा की कथित भविष्यवाणियों से जोड़कर प्रस्तुत कर रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने वर्ष २०२६ में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी प्राकृतिक आपदाओं की आशंका जताई थी।

इन दावों में भूकंप, बाढ़, तूफान और ज्वालामुखी विस्फोट जैसी घटनाओं का उल्लेख किया जाता है। लेकिन किसी प्राकृतिक आपदा के घटित होने के बाद उसे पहले से कही गई कथित भविष्यवाणी के साथ जोड़ देना यह प्रमाणित नहीं करता कि भविष्यवाणी वास्तव में सही थी। भविष्यवाणी की विश्वसनीयता निर्धारित करने के लिए यह आवश्यक होता है कि उसके मूल स्रोत, कथन की तारीख और वास्तविक शब्दों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन किया जा सके।

बाबा वेंगा से जुड़ी कई भविष्यवाणियां वर्षों से सामाजिक माध्यमों और विभिन्न समाचार माध्यमों में प्रसारित होती रही हैं। इनमें से अनेक दावों के मूल स्रोत स्पष्ट नहीं हैं। कई बार किसी घटना के घटित होने के बाद पुराने अस्पष्ट कथनों को उस घटना के अनुरूप अर्थ देकर प्रस्तुत किया जाता है। ऐसी स्थिति में संयोग और वास्तविक भविष्यवाणी के बीच अंतर करना बेहद जरूरी हो जाता है।

वर्ष २०२६ को लेकर तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत का दावा भी तेजी से प्रसारित हो रहा है। कुछ संदेशों में रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव, चीन और ताइवान के बीच विवाद तथा पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों को भविष्य के किसी बड़े युद्ध की संभावित भूमिका के रूप में पेश किया जा रहा है। इन घटनाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव अवश्य मौजूद है, लेकिन इनके आधार पर यह निश्चित रूप से कहना संभव नहीं है कि वर्ष २०२६ में तीसरा विश्व युद्ध शुरू होगा।

किसी भी युद्ध की शुरुआत का सटीक वर्ष, महीना या तारीख केवल इस प्रकार के अस्पष्ट कथनों से निर्धारित नहीं की जा सकती। अंतरराष्ट्रीय संघर्ष अनेक राजनीतिक, आर्थिक, सैन्य और कूटनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं। इसलिए वर्तमान तनावों को किसी कथित भविष्यवाणी का प्रमाण मानना उचित नहीं होगा।

बाबा वेंगा से जुड़ा एक अन्य दावा नवंबर २०२६ को लेकर है। सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित कुछ संदेशों में कहा जा रहा है कि उस समय कोई विशाल अंतरिक्ष यान पृथ्वी के करीब आ सकता है और मनुष्यों का बाहरी अंतरिक्ष के जीवों से संपर्क हो सकता है। इस दावे ने लोगों के बीच काफी उत्सुकता पैदा की है। हालांकि, ऐसी घटना के समर्थन में फिलहाल कोई विश्वसनीय वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

वैज्ञानिक समुदाय ने पृथ्वी के बाहर जीवन की संभावना को पूरी तरह असंभव नहीं माना है, लेकिन किसी विशेष तारीख पर किसी विशाल अंतरिक्ष यान के पृथ्वी के पास आने और उससे संपर्क स्थापित होने संबंधी दावे के लिए ठोस प्रमाण आवश्यक होंगे। केवल सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित संदेश किसी वैज्ञानिक घटना की पुष्टि नहीं कर सकते।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर भी वर्ष २०२६ से संबंधित कई दावे सामने आ रहे हैं। कुछ संदेशों में कहा गया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता इतनी शक्तिशाली हो जाएगी कि वह मनुष्यों के नियंत्रण से बाहर निकल सकती है और इसके परिणामस्वरूप विश्व अर्थव्यवस्था पर बड़ा संकट आ सकता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास से रोजगार, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था पर प्रभाव को लेकर वास्तविक चर्चाएं जरूर चल रही हैं, लेकिन इन संभावित प्रभावों को बाबा वेंगा की कथित भविष्यवाणी से जोड़ने का कोई प्रमाण नहीं है।

इसी तरह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सत्ता और राजनीतिक स्थिति में वर्ष २०२६ के दौरान बड़े बदलाव का दावा भी प्रसारित किया जा रहा है। कुछ संदेशों में सत्ता परिवर्तन या नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव की बात कही गई है। मगर इस दावे की भी स्वतंत्र और विश्वसनीय पुष्टि नहीं हुई है।

ऐसे में वर्ष २०२६ से जुड़ी बाबा वेंगा की कथित भविष्यवाणियों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। प्राकृतिक आपदाएं, अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, आर्थिक अस्थिरता और तकनीकी बदलाव वास्तविक विषय हैं, लेकिन किसी अस्पष्ट कथन को बाद में हुई घटना के साथ जोड़कर उसे भविष्यवाणी का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी वायरल दावे को स्वीकार करने से पहले उसके मूल स्रोत की जांच करना, विश्वसनीय समाचार माध्यमों की जानकारी देखना और वैज्ञानिक प्रमाणों को प्राथमिकता देना आवश्यक है। बाबा वेंगा से जुड़ी २०२६ की भविष्यवाणियों के संबंध में भी यही सावधानी लागू होती है।

नेपाल की प्राकृतिक आपदा निश्चित रूप से गंभीर मानवीय संकट है, लेकिन इसे बाबा वेंगा की कथित भविष्यवाणी के सच होने का प्रमाण बताना उचित नहीं होगा। इसी तरह तीसरे विश्व युद्ध, बाहरी अंतरिक्ष के जीवों से संपर्क, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नियंत्रण से बाहर होने या रूस में सत्ता परिवर्तन संबंधी दावों को भी प्रमाण के अभाव में केवल अपुष्ट दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

इसलिए वर्ष २०२६ को लेकर फैल रही भविष्यवाणियों और आशंकाओं के बीच तथ्य और अफवाह के बीच अंतर करना सबसे महत्वपूर्ण है। किसी भी बड़ी घटना के बारे में निष्कर्ष निकालने से पहले उसके प्रमाण, स्रोत और वैज्ञानिक आधार की जांच करना आवश्यक है।

Get notified whenever we post something new!

spot_img

Create a website from scratch

Just drag and drop elements in a page to get started with Newspaper Theme.

Continue reading

दीपिका रणवीर ने बेटी दुआ का दूसरा जन्मदिन मनाया

अभिनेत्री दीपिका पादुकोण और अभिनेता रणवीर सिंह की बेटी दुआ का दूसरा जन्मदिन परिवार के लिए बेहद खास रहा। इस अवसर पर दोनों ने अपनी गर्भावस्था के दिनों की कुछ अनदेखी और भावुक तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में...

फैटी लिवर के 8 चेतावनी संकेत, जिन्हें नजरअंदाज न करें

फैटी लिवर यानी यकृत में जरूरत से ज्यादा वसा जमा होना एक ऐसी समस्या है, जो शुरुआती चरण में अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित होती रहती है। कई लोगों को लंबे समय तक यह पता ही नहीं...

भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियाई खिताब बचाने जापान रवाना

भारतीय पुरुष हॉकी टीम मंगलवार शाम जापान के लिए रवाना हो गई। टीम का लक्ष्य आगामी एशियाई खेलों में अपने महाद्वीपीय खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करना है। एशियाई खेल 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आइची-नागोया में आयोजित किए...

Enjoy exclusive access to all of our content

Get an online subscription and you can unlock any article you come across.