देश में सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार, 14 अगस्त को बड़ी गिरावट देखने को मिली। हालिया तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने से दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ गया। घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमत एक ही कारोबारी सत्र में 1,184 रुपये तक टूट गई, जबकि चांदी में 2,426 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुओं की कीमतों में कमजोरी बनी रही। इससे आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों और निवेशकों के बीच बाजार की अगली दिशा को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
घरेलू वायदा बाजार में सोना 1,184 रुपये गिरकर 1,52,282 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी की कीमत 2,426 रुपये घटकर 2,33,021 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत लगभग 0.92 प्रतिशत गिरकर 4,379 डॉलर प्रति औंस रही। चांदी में करीब 1.34 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई और यह 64.125 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई।
सोने की हालिया तेजी पर लगा ब्रेक
सोने की कीमतों में लगातार तेजी के बाद अब मुनाफावसूली का असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। गुरुवार को भी सोना लगभग 1.3 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ था। हालांकि, कारोबार के दौरान सोने ने 5 जून के बाद का अपना सबसे ऊंचा स्तर छू लिया था, लेकिन ऊपरी स्तर पर निवेशकों की बिकवाली बढ़ने के कारण कीमतें टिक नहीं सकीं।
शुक्रवार की गिरावट ने सप्ताह के दौरान सोने की हासिल की गई बढ़त को काफी हद तक मिटा दिया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया तेजी के बाद ऊंचे स्तर पर मुनाफा सुरक्षित करने की प्रवृत्ति अभी कुछ समय तक बनी रह सकती है। यदि वैश्विक संकेत कमजोर रहते हैं, तो घरेलू बाजार में भी सोने पर दबाव देखने को मिल सकता है।
दिल्ली में 22 कैरेट सोने का भाव
दिल्ली में 14 अगस्त को 22 कैरेट सोने की कीमत 14,030 रुपये प्रति ग्राम रही। इस हिसाब से दस ग्राम सोने की मूल कीमत 1,40,300 रुपये बैठती है। यदि इसमें 12 प्रतिशत निर्माण शुल्क और तीन प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर जोड़ा जाए, तो दस ग्राम आभूषण की कुल कीमत लगभग 1,61,850 रुपये तक पहुंच सकती है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि आभूषणों की वास्तविक कीमत दुकान, डिजाइन, निर्माण शुल्क और अन्य लागू शुल्क के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय आभूषण विक्रेता से अंतिम कीमत की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।
पटना में भी कीमत लगभग समान
पटना में 22 कैरेट सोने की कीमत 14,020 रुपये प्रति ग्राम बताई गई है। इस आधार पर दस ग्राम सोने की कीमत लगभग 1,40,200 रुपये है। इसमें निर्माण शुल्क और कर शामिल नहीं हैं। अंतिम आभूषण कीमत इन अतिरिक्त शुल्कों को जोड़ने के बाद अधिक हो जाएगी।
कानपुर में भी सोने पर दबाव
कानपुर में 24 कैरेट सोने की कीमत 71 रुपये प्रति ग्राम घटकर 15,304 रुपये हो गई। वहीं 22 कैरेट सोना 65 रुपये प्रति ग्राम टूटकर 14,030 रुपये पर पहुंच गया। 18 कैरेट सोने की कीमत 11,482 रुपये प्रति ग्राम रही।
कानपुर में भी दस ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत निर्माण शुल्क और कर जोड़ने के बाद लगभग 1,61,850 रुपये तक पहुंच सकती है। इससे साफ है कि शुद्ध सोने की बाजार कीमत और आभूषण की अंतिम खरीद कीमत में काफी अंतर हो सकता है।
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, चेन्नई और लखनऊ में भाव
14 अगस्त को देश के प्रमुख शहरों में सोने के भाव में बाजार की गिरावट का असर दिखाई दिया। दिल्ली में 22 कैरेट सोना लगभग 14,030 रुपये प्रति ग्राम और 24 कैरेट सोना करीब 15,304 रुपये प्रति ग्राम के आसपास रहा। मुंबई में भी ऊंचे स्तर से कीमतों में नरमी देखी गई।
कोलकाता में सोने की कीमतों पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार की कमजोरी का असर पड़ा। बेंगलुरु में भी 22 और 24 कैरेट सोने के भाव में नरमी दर्ज की गई। चेन्नई में सोने की कीमतें अन्य बड़े शहरों की तरह वैश्विक बाजार की चाल और स्थानीय मांग से प्रभावित रहीं। लखनऊ में भी हालिया तेजी के बाद सोने के भाव में गिरावट देखने को मिली।
हालांकि, अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में कुछ अंतर हो सकता है। इसका कारण स्थानीय मांग, कर, परिवहन लागत, आभूषण विक्रेताओं के शुल्क और बाजार की परिस्थितियां हैं। इसलिए किसी भी शहर में खरीदारी करने से पहले उसी दिन का स्थानीय भाव जांचना जरूरी है।
सोना और चांदी क्यों गिर रहे हैं?
कीमती धातुओं में मौजूदा गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण हालिया तेजी के बाद हुई मुनाफावसूली माना जा रहा है। निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर अपने लाभ को सुरक्षित करने के लिए बिकवाली बढ़ाई, जिससे सोने और चांदी दोनों की कीमतों पर दबाव आया।
इसके अलावा, अमेरिका में जुलाई की महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम बढ़े। इससे आने वाले समय में अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दर संबंधी नीतियों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव आया है। ब्याज दरों से जुड़ी संभावनाएं सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं को सीधे प्रभावित करती हैं।
अमेरिकी मुद्रा की मजबूती, कच्चे तेल की कीमत, महंगाई के आंकड़े और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी आगे सोने की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसके साथ ही दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव पैदा कर सकता है।
1,52,000 से 1,52,500 रुपये का स्तर अहम
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू बाजार में 1,52,000 रुपये से 1,52,500 रुपये का क्षेत्र सोने के लिए महत्वपूर्ण सहारा माना जा रहा है। यदि कीमतें इस क्षेत्र के आसपास स्थिर होती हैं, तो निचले स्तर पर खरीदारी लौट सकती है। इसके विपरीत, यदि यह सहारा टूटता है, तो सोने में और गिरावट की संभावना बन सकती है।
निवेशकों के लिए आने वाले कारोबारी सत्र महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। केंद्रीय बैंकों के निर्णय, वैश्विक आर्थिक आंकड़े, अमेरिकी मुद्रा की दिशा, महंगाई और निवेशकों की मुनाफावसूली सोने तथा चांदी की कीमतों पर असर डाल सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट को केवल एकतरफा कमजोरी मानना उचित नहीं होगा। सोने की कीमतें वैश्विक घटनाक्रमों के प्रति बेहद संवेदनशील रहती हैं। इसलिए आगे बाजार में तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों के लिए गिरावट राहत दे सकती है, जबकि निवेशकों को खरीदारी से पहले बाजार की दिशा और जोखिम को ध्यान में रखना चाहिए।


