Sunday, August 9, 2026

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एमएस धोनी पेंशन: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद भी जारी है BCCI का सम्मान, जानिए हर महीने कितनी मिलती है पेंशन

भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में शामिल महेंद्र सिंह धोनी ने भले ही साल 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया हो, लेकिन क्रिकेट की दुनिया में उनकी लोकप्रियता और सक्रियता आज भी बरकरार है। ‘कैप्टन कूल’ के नाम से मशहूर एमएस धोनी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खेलते रहे हैं और भारतीय क्रिकेट से उनका जुड़ाव लगातार बना हुआ है।

धोनी की कमाई के कई बड़े स्रोत हैं। इनमें IPL कॉन्ट्रैक्ट, ब्रांड एंडोर्समेंट, विज्ञापन और उनके विभिन्न कारोबारी निवेश शामिल हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी उन्हें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की पूर्व क्रिकेटरों के लिए चलाई जाने वाली पेंशन योजना का लाभ मिलता है।

MS Dhoni को कितनी पेंशन मिलती है?

एमएस धोनी ने भारत के लिए 90 टेस्ट मैच खेले हैं। BCCI की 2022 में संशोधित पेंशन व्यवस्था के तहत 25 या उससे अधिक टेस्ट खेलने वाले पूर्व क्रिकेटरों के लिए मासिक पेंशन की ऊपरी स्लैब ₹70,000 प्रति माह है। इसलिए उपलब्ध जानकारी के अनुसार धोनी इस श्रेणी में आते हैं और उन्हें हर महीने Rs 70,000 की BCCI पेंशन मिलती है।

BCCI ने जून 2022 में पूर्व पुरुष और महिला क्रिकेटरों तथा पूर्व अंपायरों की मासिक पेंशन में बढ़ोतरी की घोषणा की थी। बोर्ड के अनुसार यह संशोधन 1 जून 2022 से प्रभावी हुआ। उस समय अलग-अलग श्रेणियों में पेंशन को बढ़ाकर Rs 30,000,Rs 45,000,Rs 52,500,Rs 60,000 और Rs 70,000 किया गया था।

इस तरह धोनी के मामले में 70,000 प्रति माह की राशि उनके लंबे टेस्ट करियर के आधार पर मिलने वाली पेंशन से जुड़ी है।

BCCI Pension Scheme कैसे काम करती है?

BCCI की पेंशन व्यवस्था का उद्देश्य पूर्व क्रिकेटरों के योगदान को सम्मान देना और उनके खेल करियर के बाद वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। 2022 में पेंशन में की गई बढ़ोतरी के बाद इस योजना के तहत अलग-अलग श्रेणियों के खिलाड़ियों को अलग राशि मिलती है।

वर्तमान में उपलब्ध संशोधित ढांचे के अनुसार पूर्व क्रिकेटरों के लिए पेंशन उनके क्रिकेट करियर और संबंधित श्रेणी के आधार पर तय होती है। 25 या उससे अधिक टेस्ट मैच खेलने वाले पूर्व पुरुष क्रिकेटरों को Rs 70,000 मासिक की ऊपरी टेस्ट-पेंशन स्लैब मिलती है, जबकि अन्य पात्र श्रेणियों के लिए राशि अलग है।

इस योजना का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय क्रिकेट के लिए वर्षों तक योगदान देने वाले पूर्व खिलाड़ी रिटायरमेंट के बाद भी बोर्ड से जुड़े कल्याणकारी लाभ प्राप्त कर सकें।

धोनी की कुल कमाई में पेंशन की हिस्सेदारी कितनी?

70,000 प्रति माह सुनने में बड़ी राशि लग सकती है, लेकिन एमएस धोनी की क्रिकेट और कारोबारी कमाई के मुकाबले यह रकम बहुत छोटी है। उनकी आय का बड़ा हिस्सा IPL, विज्ञापन, ब्रांड एंडोर्समेंट और कारोबारी गतिविधियों से आता है।

धोनी IPL में अभी भी चेन्नई सुपर किंग्स के साथ जुड़े हुए हैं। IPL की आधिकारिक 2026 रिटेंशन सूची में भी उनका नाम CSK के रिटेन किए गए खिलाड़ियों में शामिल था।

इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बावजूद धोनी का पेशेवर क्रिकेट करियर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। वह IPL के जरिए क्रिकेट के मैदान पर अपनी मौजूदगी बनाए हुए हैं।

MS Dhoni का शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर

एमएस धोनी ने साल 2004 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। लगभग 16 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने बल्लेबाज, विकेटकीपर और कप्तान के रूप में भारतीय क्रिकेट को कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दिलाईं।

धोनी की कप्तानी में भारत ने 2007 का ICC T20 World Cup, 2011 का ODI World Cup और 2013 की Champions Trophy जीती। तीनों प्रमुख ICC सीमित ओवरों की ट्रॉफियां जीतने वाले भारतीय कप्तान के रूप में उनका रिकॉर्ड उन्हें क्रिकेट इतिहास में अलग स्थान देता है।

धोनी ने भारत के लिए 90 टेस्ट, 350 वनडे और 98 T20 इंटरनेशनल मैच खेले। सभी अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों को मिलाकर उनके नाम 17,266 रन दर्ज हैं। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में 16 शतक और 108 अर्धशतक भी शामिल हैं।

विकेटकीपर के तौर पर भी धोनी का प्रभाव असाधारण रहा। उनकी तेज स्टंपिंग, विकेट के पीछे शांत निर्णय लेने की क्षमता और दबाव में सही फैसला करने की शैली ने उन्हें दुनिया के महान विकेटकीपर-बल्लेबाजों में शामिल किया।

2020 में लिया था अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास

एमएस धोनी ने 15 अगस्त 2020 को सोशल मीडिया के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की थी। इसके बाद भी उन्होंने IPL में खेलना जारी रखा। यही वजह है कि धोनी आज भी क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं।

उनका संन्यास भारतीय क्रिकेट के एक युग का अंत माना गया था, लेकिन IPL में उनकी मौजूदगी ने प्रशंसकों को उन्हें मैदान पर देखने का मौका जारी रखा। चेन्नई सुपर किंग्स के साथ उनका जुड़ाव भी बेहद मजबूत रहा है।

BCCI Pension सिर्फ रकम नहीं, सम्मान भी है

एमएस धोनी जैसे दिग्गज क्रिकेटर के लिए Rs 70,000 की मासिक पेंशन उनकी कुल आय की तुलना में निश्चित रूप से छोटी रकम है। फिर भी BCCI की यह पेंशन सिर्फ आर्थिक सहायता के तौर पर नहीं देखी जाती। यह उन खिलाड़ियों के लंबे योगदान को सम्मान देने की व्यवस्था भी है, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

धोनी ने कप्तान के तौर पर भारत को तीन बड़े ICC खिताब दिलाए, विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में कई रिकॉर्ड बनाए और अपनी शांत नेतृत्व शैली से क्रिकेट की एक पूरी पीढ़ी को प्रभावित किया।

इसलिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के वर्षों बाद भी MS Dhoni Pension चर्चा में रहना स्वाभाविक है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 90 टेस्ट खेलने वाले धोनी को BCCI की संशोधित पेंशन व्यवस्था के तहत 70,000 प्रति माह, यानी सालाना लगभग 8.4 लाख पेंशन मिलती है। यह राशि उनके क्रिकेट करियर के योगदान के लिए BCCI की ओर से मिलने वाले सम्मान और कल्याणकारी लाभ का हिस्सा है।

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