नई दिल्ली में 11 से 13 सितंबर के बीच आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कारण राजधानी क्षेत्र में रेल परिचालन पर व्यापक असर पड़ने वाला है। सुरक्षा व्यवस्था और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल ने कई ट्रेनों को रद्द करने, कुछ ट्रेनों के मार्ग बदलने और कई सेवाओं को सीमित दूरी तक चलाने का निर्णय लिया है।
रेलवे की ओर से जारी परिचालन योजना के अनुसार 26 रेल सेवाएं रद्द की गई हैं, जबकि दो दर्जन से अधिक रेल सेवाओं के मार्ग में बदलाव किया गया है। इसके अलावा कई ट्रेनों को उनके निर्धारित समय से नियंत्रित करके चलाया जाएगा। कुछ रेलगाड़ियों को 10 से 40 मिनट तक रोककर या नियंत्रित गति से चलाए जाने की संभावना है।
इन बदलावों का सबसे अधिक असर दिल्ली को गाजियाबाद, पलवल, शकूरबस्ती और आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने वाली स्थानीय रेल सेवाओं पर पड़ेगा। लंबी दूरी की कई महत्वपूर्ण रेलगाड़ियों के मार्ग भी बदले जाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था के कारण बदला रेल परिचालन
ब्रिक्स सम्मेलन में कई देशों के शीर्ष नेता और विदेशी प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुंचेंगे। उनकी आवाजाही के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए दिल्ली रेल मंडल के कई महत्वपूर्ण हिस्सों में परिचालन संबंधी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
उत्तर रेलवे ने बताया है कि सम्मेलन के दौरान रेलगाड़ियों को रद्द करने के साथ-साथ उनके प्रारंभिक और अंतिम स्टेशन में बदलाव, मार्ग परिवर्तन तथा परिचालन नियंत्रण जैसे कदम उठाए जाएंगे।
यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस रेलगाड़ी से वे यात्रा करने वाले हैं, उसका ताजा परिचालन विवरण यात्रा शुरू करने से पहले अवश्य जांच लें।
11 सितंबर को रद्द होने वाली रेल सेवाएं
11 सितंबर को पलवल से शकूरबस्ती जाने वाली 64015 संख्या की स्थानीय रेल सेवा रद्द रहेगी। गाजियाबाद से नई दिल्ली जाने वाली 64429 और 64433 संख्या की सेवाएं भी रद्द रहेंगी।
नई दिल्ली से पलवल जाने वाली महिला विशेष स्थानीय सेवा 64492 तथा दिल्ली जंक्शन से शामली जाने वाली 64491 संख्या की सेवा भी इस दिन नहीं चलेगी।
इनमें से कुछ सेवाओं से जुड़ी रेलगाड़ियों के प्रारंभिक स्टेशन में भी बदलाव किया गया है। इसका अर्थ है कि संबंधित रेल सेवा पूरी दूरी तय करने के बजाय किसी दूसरे स्टेशन से शुरू हो सकती है।
12 सितंबर को सबसे अधिक असर
12 सितंबर को रेल परिचालन पर व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है। इस दिन गाजियाबाद और नई दिल्ली के बीच चलने वाली कई स्थानीय सेवाएं रद्द रहेंगी।
गाजियाबाद से नई दिल्ली जाने वाली 64425, 64429, 64433 और 64441 संख्या की सेवाओं के साथ नई दिल्ली से गाजियाबाद जाने वाली 64432, 64410, 64412 और 64406 संख्या की सेवाएं भी प्रभावित रहेंगी।
नई दिल्ली से पलवल जाने वाली महिला स्थानीय सेवा 64492, गाजियाबाद से दिल्ली जंक्शन जाने वाली 64443 और 64445 तथा दिल्ली जंक्शन से गाजियाबाद जाने वाली 64418 संख्या की सेवा भी रद्द रहेगी।
पलवल और शकूरबस्ती के बीच चलने वाली कुछ सेवाएं भी प्रभावित होंगी। 64013 और 64015 संख्या की रेल सेवाएं फरीदाबाद क्षेत्र में चल रहे रेल विकास कार्यों के कारण पहले से प्रभावित बताई गई हैं।
13 सितंबर को भी कई रेल सेवाएं रद्द
13 सितंबर को भी कई स्थानीय रेल सेवाओं का परिचालन प्रभावित रहेगा। पलवल से गाजियाबाद जाने वाली 64053, गाजियाबाद से दिल्ली जंक्शन जाने वाली 64439 तथा बल्लभगढ़ से शकूरबस्ती जाने वाली 64071 संख्या की सेवाएं रद्द रहेंगी।
नई दिल्ली से पलवल जाने वाली 64078, साहिबाबाद से दिल्ली जंक्शन जाने वाली 64411 और गाजियाबाद से शकूरबस्ती जाने वाली 64031 संख्या की सेवाएं भी रद्द रहेंगी।
नई दिल्ली से गाजियाबाद जाने वाली 64426 संख्या की सेवा भी इस दिन प्रभावित होगी।
कई महत्वपूर्ण लंबी दूरी की रेलगाड़ियों के मार्ग बदले
स्थानीय सेवाओं के साथ कई लंबी दूरी की महत्वपूर्ण रेलगाड़ियों के मार्ग भी बदले गए हैं।
11 सितंबर को नई दिल्ली से रांची जाने वाली राजधानी, नई दिल्ली से डिब्रूगढ़ जाने वाली राजधानी, नई दिल्ली से सियालदह जाने वाली राजधानी, नई दिल्ली से हावड़ा जाने वाली राजधानी और नई दिल्ली से भुवनेश्वर जाने वाली राजधानी रेलगाड़ियां वैकल्पिक मार्ग से चलाई जाएंगी।
इन रेलगाड़ियों को नई दिल्ली, दिल्ली जंक्शन और साहिबाबाद की ओर से वैकल्पिक रास्ते पर भेजा जाएगा।
इसी दिन संपूर्ण क्रांति रेल सेवा और गाजियाबाद से मथुरा जाने वाली स्थानीय सेवा के मार्ग में भी बदलाव किया जाएगा।
12 सितंबर को भी कई महत्वपूर्ण रेलगाड़ियां प्रभावित
12 सितंबर को गोमती रेल सेवा, श्रमजीवी रेल सेवा, सियालदह और हावड़ा जाने वाली राजधानी रेलगाड़ियां भी परिवर्तित मार्ग से चलेंगी।
गाजियाबाद से मथुरा जाने वाली स्थानीय सेवा को साहिबाबाद, तिलक ब्रिज और हजरत निजामुद्दीन के रास्ते चलाया जाएगा।
कुरुक्षेत्र से खजुराहो जाने वाली रेल सेवा को दिल्ली के आदर्श नगर, सफदरजंग और ओखला की ओर से भेजा जाएगा।
इसके अलावा रेवाड़ी से मेरठ छावनी, दिल्ली से सहारनपुर, नई दिल्ली से ललितग्राम, मगध, स्वतंत्रता सेनानी और पानीपत से गाजियाबाद जाने वाली सेवाओं के मार्ग में भी बदलाव किया गया है।
बनारस से नई दिल्ली आने वाली सुपरफास्ट सेवा को साहिबाबाद, दिल्ली शाहदरा और दिल्ली जंक्शन के रास्ते चलाया जाएगा।
वंदे भारत और राजधानी रेलगाड़ियों पर भी असर
12 सितंबर को बनारस से नई दिल्ली आने वाली वंदे भारत रेल सेवा को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगभग 35 मिनट नियंत्रित किया जाएगा।
अमृतसर से बांद्रा जाने वाली पश्चिम रेल सेवा को भी डुडिया क्षेत्र में लगभग 35 मिनट नियंत्रित किया जाएगा।
भटिंडा से गोरखपुर जाने वाली गोरखधाम रेल सेवा, कटरा से बांद्रा टर्मिनस जाने वाली स्वराज रेल सेवा और धौलपुर से नई दिल्ली जाने वाली स्थानीय रेल सेवा भी निर्धारित समय से नियंत्रित होकर चल सकती हैं।
भुवनेश्वर से नई दिल्ली आने वाली राजधानी रेल सेवा को गाजियाबाद और साहिबाबाद के बीच लगभग 20 मिनट तथा हावड़ा से नई दिल्ली आने वाली राजधानी रेल सेवा को इसी क्षेत्र में लगभग 10 मिनट नियंत्रित किया जाएगा।
कुछ रेलगाड़ियों को 40 मिनट तक रोका जा सकता है
10 सितंबर से ही कुछ रेल सेवाओं पर परिचालन नियंत्रण लागू रहेगा। तिरुवनंतपुरम से नई दिल्ली आने वाली केरल सुपरफास्ट रेल सेवा को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगभग 40 मिनट और उत्तर रेलवे क्षेत्र में 20 मिनट तक नियंत्रित किया जा सकता है।
11 सितंबर को पुणे से जम्मू तवी जाने वाली रेल सेवा को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगभग 40 मिनट और पलवल क्षेत्र में 20 मिनट तक नियंत्रित किया जाएगा।
श्री माता वैष्णो देवी कटरा से चेन्नई जाने वाली सेवा को नई दिल्ली में लगभग 15 मिनट तथा विशाखापत्तनम से अमृतसर जाने वाली हिराकुंड रेल सेवा को पलवल क्षेत्र में लगभग 15 मिनट नियंत्रित किया जा सकता है।
यात्रियों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
11 से 13 सितंबर के बीच दिल्ली या दिल्ली से बाहर यात्रा करने वाले यात्रियों को स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी रेलगाड़ी की ताजा स्थिति जांचनी चाहिए।
जिन यात्रियों की रेलगाड़ी रद्द की गई है, उन्हें वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था के बारे में पहले से योजना बना लेनी चाहिए। जिन रेलगाड़ियों का मार्ग बदला गया है, उनके यात्रियों को सामान्य यात्रा समय से अधिक समय लगने के लिए तैयार रहना चाहिए।
जिन सेवाओं को सीमित दूरी तक चलाया जाएगा, उनके यात्रियों को अपने प्रारंभिक और अंतिम स्टेशन में हुए बदलाव की जानकारी भी लेनी चाहिए।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान सुरक्षा कारणों से लागू किए गए ये बदलाव अस्थायी हैं। इसलिए यात्रियों के लिए सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि वे यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक सूचना और अपनी रेलगाड़ी की ताजा स्थिति की पुष्टि करें।


