Tuesday, August 25, 2026

Creating liberating content

ইরানের সঙ্গে সম্পর্ক ছিন্ন...

ইরান যুদ্ধকে কেন্দ্র করে আন্তর্জাতিক কূটনীতি ও অর্থনীতিতে ফের বড়সড় চাপ তৈরি হল।...

পুতিনের সঙ্গে জয়শঙ্করের বৈঠক,...

মস্কোয় রাশিয়ার প্রেসিডেন্ট ভ্লাদিমির পুতিনের সঙ্গে গুরুত্বপূর্ণ বৈঠক করলেন ভারতের বিদেশমন্ত্রী এস জয়শঙ্কর।...

২০২৭-এ সেনার হাতে দেশীয়...

ভারতের প্রতিরক্ষা উৎপাদনে আরও একটি গুরুত্বপূর্ণ মাইলফলক তৈরি হয়েছে। উত্তরপ্রদেশের আমেঠিতে তৈরি হয়েছে...

ক্রীড়া দিবসে তরুণদের সঙ্গে...

জাতীয় ক্রীড়া দিবসকে সামনে রেখে দেশের তরুণ প্রজন্ম এবং উঠতি ক্রীড়াবিদদের সঙ্গে সরাসরি...
HomeहिंदीVande Mataram विवाद...

Vande Mataram विवाद पर अड़ा Congress, दो अंतरे ही गाएगा

राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक विवाद लगातार तेज होता जा रहा है। कांग्रेस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी के आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे। यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब बीजेपी कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत के कथित अपमान को लेकर लगातार हमलावर है।
I
Indian Express
+1

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस मुद्दे पर पार्टी के रुख का मजबूती से बचाव किया है। मंगलवार को उन्होंने कहा कि उन्होंने वही संस्करण गाया जिसे महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे कांग्रेस के प्रमुख नेता गाते रहे थे। खड़गे ने बीजेपी पर सवाल उठाते हुए चुनौती दी कि अगर इस संस्करण को गाना अपराध है, तो उन ऐतिहासिक नेताओं के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए।

वंदे मातरम् पर क्यों बढ़ा विवाद?

विवाद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के बाद तेज हुआ। इसके बाद गोवा में भी कांग्रेस के एक कार्यक्रम में खड़गे की मौजूदगी के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने वंदे मातरम् के दो अंतरे गाए। बीजेपी ने इसे राष्ट्रीय गीत के प्रति कांग्रेस के रवैये से जोड़ते हुए तीखी आलोचना की।

बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी को राष्ट्रीय गीत के पूरे स्वरूप के प्रति सम्मान दिखाना चाहिए। दूसरी ओर, कांग्रेस का कहना है कि पहले दो अंतरों का गायन उसके लंबे समय से चले आ रहे संगठनात्मक अभ्यास के अनुरूप है।

कांग्रेस के भीतर भी कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना है कि राष्ट्रवाद से जुड़े इस मुद्दे पर पार्टी को बेहद सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि, पार्टी नेतृत्व फिलहाल अपने रुख से पीछे हटने के संकेत नहीं दे रहा है।

कांग्रेस ने 1937 के CWC प्रस्ताव का दिया हवाला

कांग्रेस अपने पक्ष में 1937 के कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के प्रस्ताव का उल्लेख कर रही है। पार्टी का तर्क है कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे प्रमुख नेताओं ने सार्वजनिक रूप से वंदे मातरम् के शुरुआती दो अंतरों के इस्तेमाल का समर्थन किया था।

कांग्रेस के अनुसार, गीत के बाद के हिस्सों में धार्मिक प्रतीकों और विशेष धार्मिक imagery का उल्लेख होने के कारण सार्वजनिक गायन के लिए शुरुआती दो अंतरों को अपनाने का निर्णय लिया गया था।

पार्टी का कहना है कि यह कोई हाल में लिया गया राजनीतिक फैसला नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौर से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है।

खड़गे ने बीजेपी को दी खुली चुनौती

मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को इस विवाद पर बीजेपी पर तीखा हमला किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस द्वारा गाए जा रहे वंदे मातरम् के संस्करण को अपराध माना जाता है, तो फिर उन नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने इसी संस्करण को गाया था।

खड़गे का तर्क था कि कांग्रेस ने करीब 90 वर्षों से चली आ रही अपनी परंपरा को ही जारी रखा है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी मौजूदा सरकार द्वारा लिया गया फैसला अपने आप इतिहास में पहले से चली आ रही हर परंपरा को नहीं बदल देता।

यह बयान ऐसे समय आया है जब बीजेपी ने वंदे मातरम् विवाद को कांग्रेस की राष्ट्रवादी छवि से जोड़ने की कोशिश तेज कर दी है।

नया कानून भी विवाद के केंद्र में

इस राजनीतिक टकराव का एक महत्वपूर्ण पहलू हाल में संसद द्वारा पारित कानून है। Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 को संसद ने जुलाई में मंजूरी दी थी। इस संशोधन के जरिए राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान के समान कानूनी संरक्षण देने का प्रावधान किया गया है।

सरकारी जानकारी के अनुसार, संशोधन का उद्देश्य जानबूझकर राष्ट्रीय गीत के गायन को रोकने या उसके गायन में जुटी सभा में बाधा डालने को दंडनीय बनाना है।

यही कानूनी बदलाव मौजूदा राजनीतिक बहस को और महत्वपूर्ण बना रहा है। हालांकि, उपलब्ध कानून की भाषा गायन रोकने या सभा में व्यवधान डालने से संबंधित है; इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि हर परिस्थिति में पूरे गीत के सभी अंतरे गाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस अंतर को समझना मौजूदा विवाद में महत्वपूर्ण है।

CWC बैठक में चर्चा की संभावना

कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC की बैठक बुधवार को होने वाली है। पार्टी इस बैठक में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ राजनीतिक रणनीति पर चर्चा करने की तैयारी में है। वंदे मातरम् विवाद औपचारिक एजेंडे में शामिल होने की बात स्पष्ट नहीं थी, लेकिन पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा की संभावना जताई गई है।

CWC की बैठक कांग्रेस के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि पार्टी सरकार के खिलाफ कई मुद्दों को एक साथ राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनाना चाहती है।

छात्रों के आंदोलन और रोजगार का मुद्दा

कांग्रेस की रणनीति में student unrest और jobs का मुद्दा प्रमुख रहने वाला है। पार्टी हालिया छात्र आंदोलनों को रोजगार और युवाओं की समस्याओं से जोड़कर केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाना चाहती है।

हालिया Jantar Mantar protests के बाद कांग्रेस इस मुद्दे को व्यापक राजनीतिक बहस में बदलने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि छात्र असंतोष को केवल एक अलग विरोध के रूप में देखने के बजाय बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य से जोड़कर पेश किया जा सकता है।

राहुल गांधी छात्रों के साथ बढ़ा रहे संवाद

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी छात्रों के साथ अपने संवाद को बढ़ा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उनका अगला ऐसा कार्यक्रम 22 अगस्त को पुणे में निर्धारित है।

कांग्रेस का प्रयास है कि छात्र आंदोलनों और रोजगार के मुद्दे को देशव्यापी राजनीतिक चर्चा का हिस्सा बनाया जाए। पार्टी इन मुद्दों के जरिए युवाओं के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच मजबूत करना चाहती है।

राम मंदिर चंदे और दूसरे मुद्दे भी रणनीति में

CWC बैठक में कांग्रेस कथित Ram temple donation irregularities, ethanol blending और अरुणाचल प्रदेश में चीन सीमा से जुड़े तनाव की रिपोर्टों जैसे मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा कर सकती है। इन आरोपों और मुद्दों को कांग्रेस राजनीतिक रूप से उठाने की तैयारी में है, जबकि संबंधित पक्षों के जवाब और आधिकारिक निष्कर्षों को भी ध्यान में रखना जरूरी होगा।

पार्टी का व्यापक लक्ष्य सरकार पर कई मोर्चों से राजनीतिक दबाव बनाना है, ताकि अलग-अलग मुद्दे अलग-अलग घटनाओं तक सीमित न रहें बल्कि उन्हें शासन और जवाबदेही से जोड़कर पेश किया जा सके।

BJP और Congress के बीच बढ़ता राजनीतिक टकराव

वंदे मातरम् विवाद ने एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच nationalism और freedom movement legacy को लेकर राजनीतिक संघर्ष को सामने ला दिया है।

बीजेपी कांग्रेस पर राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति पर्याप्त सम्मान नहीं दिखाने का आरोप लगा रही है, जबकि कांग्रेस इसे अपने ऐतिहासिक रिकॉर्ड और स्वतंत्रता आंदोलन की परंपरा के संदर्भ में देख रही है। दोनों दलों के बीच यह बहस आने वाले दिनों में और तीखी हो सकती है।

फिलहाल कांग्रेस का संदेश स्पष्ट है कि वह अपने आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के पहले दो अंतरे गाने की परंपरा को जारी रखेगी। खड़गे के आक्रामक बयान के बाद पार्टी के इस रुख में तत्काल बदलाव के संकेत नहीं हैं।

CWC बैठक में यदि इस मुद्दे पर चर्चा होती है, तो यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस इसे केवल सांस्कृतिक और ऐतिहासिक बहस के रूप में रखती है या इसे केंद्र सरकार के खिलाफ अपने व्यापक राजनीतिक अभियान से भी जोड़ती है।

Get notified whenever we post something new!

spot_img

Create a website from scratch

Just drag and drop elements in a page to get started with Newspaper Theme.

Continue reading

कपिल देव ने जेल में इमरान खान के इलाज का समर्थन किया

भारत के विश्व कप विजेता पूर्व कप्तान कपिल देव ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेट कप्तान इमरान खान के समर्थन में आवाज उठाई है। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ कई...

ऋषभ पंत ने रचा इतिहास, धोनी का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ा

भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने सोमवार को कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मुकाबले के दौरान एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली। पंत ने विदेशी या तटस्थ मैदानों पर विकेटकीपर के रूप में...

लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज दूसरे चरण की संभावित कटऑफ

नई दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रवेश को लेकर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के वर्ष 2026 के दूसरे चरण की प्रक्रिया उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण हो गई है। यह संस्थान महिलाओं के लिए प्रमुख सरकारी...

Enjoy exclusive access to all of our content

Get an online subscription and you can unlock any article you come across.