भारत के विश्व कप विजेता पूर्व कप्तान कपिल देव ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पूर्व क्रिकेट कप्तान इमरान खान के समर्थन में आवाज उठाई है। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और उनके खिलाफ कई मामलों में दोषसिद्धि तथा कानूनी कार्यवाही जारी रही है। हाल के दिनों में उनके स्वास्थ्य और जेल में इलाज को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। इसी पृष्ठभूमि में कपिल देव ने कहा है कि वह अपने पुराने मित्र के लिए आवाज उठाना चाहते हैं।
कपिल देव की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कई पूर्व कप्तानों ने इमरान खान के मानवीय व्यवहार और उचित चिकित्सकीय देखभाल की मांग की है। इन पूर्व खिलाड़ियों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को एक बार फिर पत्र लिखकर आग्रह किया है कि इमरान खान को न्यायालय के निर्देश के अनुसार स्वतंत्र और पूरी चिकित्सकीय जांच तथा आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाए।
कपिल देव ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को दोष नहीं दिया
इमरान खान के समर्थन में पाकिस्तान के मौजूदा या पूर्व क्रिकेटरों की ओर से अपेक्षाकृत कम सार्वजनिक आवाजें उठने के सवाल पर कपिल देव ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों की स्थिति को समझने की बात कही।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के क्रिकेटरों को उसी देश में रहना है, इसलिए वह उनके खुलकर बोलने की कठिनाई को समझते हैं। हालांकि, कपिल देव ने स्पष्ट किया कि वह अपने मित्र इमरान खान के लिए आवाज उठाना चाहते हैं।
दोनों पूर्व कप्तानों के बीच लंबे समय से क्रिकेट के मैदान के बाहर भी अच्छे संबंध रहे हैं। दोनों ने अपने-अपने देशों को विश्व कप जिताया और अपने दौर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में महत्वपूर्ण पहचान बनाई।
कपिल देव का कहना है कि उनकी मांग किसी राजनीतिक मुद्दे से जुड़ी नहीं है। वह केवल यह चाहते हैं कि इमरान खान को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी विशेष राजनीतिक या कानूनी परिणाम की मांग नहीं की जा रही है, बल्कि पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को उनकी जरूरत के अनुसार उचित इलाज मिलने की अपेक्षा की जा रही है।
21 पूर्व कप्तानों ने उठाई आवाज
इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर लिखे गए पत्र पर कपिल देव के अलावा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के 20 अन्य पूर्व कप्तानों ने भी हस्ताक्षर किए हैं। इनमें माइकल एथर्टन, एलेक्स ब्लैकवेल, एलन बॉर्डर, माइकल ब्रेयरली, ग्रेग चैपल, इयान चैपल, बेलिंडा क्लार्क, एलिस्टर कुक, सुनील गावस्कर, ली जर्मन, एडम गिलक्रिस्ट, डेविड गोवर, किम ह्यूज, नासिर हुसैन, क्लाइव लॉयड, अर्जुन रणतुंगा, एंड्रयू स्ट्रॉस, दिलीप वेंगसरकर, स्टीफन वॉ और जॉन राइट जैसे नाम शामिल हैं।
यह पहली बार नहीं है जब क्रिकेट जगत के पूर्व दिग्गजों ने इमरान खान की स्थिति को लेकर पाकिस्तान सरकार से अपील की है। इससे पहले भी पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों के एक समूह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इमरान खान के साथ मानवीय व्यवहार और उचित चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की थी।
अब नए पत्र में पहले की तुलना में अधिक पूर्व कप्तान शामिल हुए हैं। इससे यह मुद्दा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है।
न्यायालय के आदेश का दिया गया हवाला
पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने अपने पत्र में पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय से जुड़े एक आदेश का उल्लेख किया है। उनके अनुसार, न्यायालय ने इमरान खान को चिकित्सकीय जांच के लिए अस्पताल ले जाने की अनुमति दी थी। इसके साथ ही उनके परिवार से नियमित मुलाकात की व्यवस्था बहाल किए जाने की बात भी सामने आई थी।
पूर्व कप्तानों ने चिंता जताई कि अस्पताल में इमरान खान का ठहराव बहुत कम समय का रहा। पत्र के अनुसार, उन्हें ऐसी चिकित्सकीय टीम ने जांचा जिसे राज्य की ओर से नियुक्त किया गया था, जबकि न्यायालय के निर्देश के मुताबिक प्रस्तावित चिकित्सकीय मंडल में उनके निजी चिकित्सकों और उनकी बहन डॉ. उज्मा खान को भी शामिल किया जाना था।
पत्र में यह भी कहा गया कि इमरान खान को चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ घोषित किए जाने के बाद उन्हें फिर से अदियाला जेल भेज दिया गया, जबकि न्यायालय द्वारा निर्देशित चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी तरह पूरी नहीं हुई थी।
दाहिनी आंख की रोशनी को लेकर चिंता
पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने इमरान खान के स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ रिपोर्टों पर विशेष चिंता व्यक्त की है। इनमें उनकी दाहिनी आंख की रोशनी कम होने की कथित समस्या भी शामिल है।
पत्र में आग्रह किया गया है कि न्यायालय के निर्देश के अनुसार गठित चिकित्सकीय मंडल को स्वतंत्र रूप से उनकी पूरी जांच करने दी जाए। इस जांच में उनके निजी चिकित्सकों को भी शामिल किए जाने की मांग की गई है।
पूर्व खिलाड़ियों ने कहा कि किसी व्यक्ति की चिकित्सकीय स्थिति का स्वतंत्र मूल्यांकन पूरा होना आवश्यक है, विशेष रूप से तब जब उसके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंताएं सार्वजनिक रूप से सामने आई हों।
उन्होंने यह भी मांग की कि जांच के बाद चिकित्सकों द्वारा जिस उपचार की सिफारिश की जाए, उसे बिना अनावश्यक देरी के उपलब्ध कराया जाए।
परिवार से नियमित मुलाकात का मुद्दा
इमरान खान के परिवार को उनसे मिलने की व्यवस्था भी पत्र में प्रमुख मुद्दा रही है। पूर्व कप्तानों ने कहा कि न्यायालय द्वारा बहाल की गई साप्ताहिक पारिवारिक मुलाकातों का नियमित रूप से पालन किया जाना चाहिए।
उनका कहना है कि प्रशासनिक कारणों या किसी अन्य देरी के चलते परिवार की मुलाकात बाधित नहीं होनी चाहिए।
पत्र लिखने वाले पूर्व खिलाड़ियों ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि वे पाकिस्तान की घरेलू राजनीतिक या कानूनी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का दावा नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और पूर्व प्रधानमंत्री को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल मिले।
इमरान खान और कपिल देव की पुरानी दोस्ती
कपिल देव और इमरान खान की दोस्ती क्रिकेट जगत में लंबे समय से चर्चित रही है। दोनों ऐसे दौर के कप्तान थे जब भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबलों को बेहद प्रतिस्पर्धी माना जाता था।
इमरान खान ने पाकिस्तान को वर्ष 1992 में विश्व कप जिताया था। कपिल देव की कप्तानी में भारत ने वर्ष 1983 में पहली बार एकदिवसीय विश्व कप जीता था। दोनों कप्तानों ने अपने-अपने देशों में क्रिकेट की एक पीढ़ी को प्रभावित किया।
मैदान पर दोनों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा रही, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर उनके बीच सम्मान और मित्रता के संबंध भी रहे। यही कारण है कि कपिल देव ने वर्तमान परिस्थितियों में इमरान खान के पक्ष में सार्वजनिक रूप से बोलने का फैसला किया है।
पाकिस्तान के क्रिकेटरों की चुप्पी पर चर्चा
इमरान खान स्वयं पाकिस्तान क्रिकेट के सबसे बड़े नामों में से एक रहे हैं। उन्होंने लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के बाद राजनीति में प्रवेश किया और अंततः पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने।
ऐसे में उनके जेल में रहने और स्वास्थ्य को लेकर सामने आ रही खबरों पर पाकिस्तान के क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, कपिल देव ने पाकिस्तान के क्रिकेटरों की आलोचना करने के बजाय उनकी परिस्थितियों को समझने की बात कही।
उनका कहना है कि पाकिस्तान में रहने वाले खिलाड़ियों के लिए ऐसे संवेदनशील राजनीतिक विषय पर सार्वजनिक रूप से बोलना आसान नहीं हो सकता।
क्रिकेट की सीमाओं से आगे पहुंचा मामला
इमरान खान की स्थिति अब केवल पाकिस्तान की राजनीति का विषय नहीं रह गई है। उनके स्वास्थ्य को लेकर क्रिकेट जगत के पूर्व दिग्गजों की अपील ने इस मामले को खेल जगत में भी चर्चा में ला दिया है।
पूर्व कप्तानों ने अपने पत्र में यह भी संकेत दिया कि उनका संबंध राजनीतिक पक्ष लेने से नहीं, बल्कि क्रिकेट के मैदान पर बने पुराने संबंध से है। उनका मानना है कि क्रिकेट की प्रतिस्पर्धा और देशों के बीच राजनीतिक मतभेदों से अलग मानवीय व्यवहार का एक आधार होना चाहिए।
उनकी मांग का मुख्य केंद्र चिकित्सकीय जांच, आवश्यक उपचार और परिवार से नियमित मुलाकात है।
आगे क्या होगा
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पाकिस्तान सरकार और संबंधित प्रशासन इन पूर्व क्रिकेट कप्तानों की अपील पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। खास तौर पर यह महत्वपूर्ण होगा कि न्यायालय द्वारा निर्देशित चिकित्सकीय प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है और इमरान खान की स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों की स्वतंत्र जांच होती है या नहीं।
कपिल देव की टिप्पणी ने इस पूरे मामले में भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट संबंधों से जुड़ी पुरानी दोस्ती को भी सामने ला दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह किसी राजनीतिक बहस में शामिल होने के बजाय अपने मित्र के लिए खड़े होना चाहते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम मांग यही है कि इमरान खान की चिकित्सकीय स्थिति का उचित मूल्यांकन हो और जरूरत के अनुसार उन्हें उपचार उपलब्ध कराया जाए। पूर्व क्रिकेट कप्तानों का कहना है कि किसी भी कानूनी या राजनीतिक मतभेद से अलग, गंभीर स्वास्थ्य संबंधी मामलों में मानवीय और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।


