कोलंबो: श्रीलंका दौरे पर टेस्ट सीरीज से पहले भारत के लिए अभ्यास मैच का दूसरा दिन कई मायनों में बेहद उपयोगी रहा। देवदत्त पड्डिकल ने शानदार और संयमित बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 142 रन की पारी खेली, जबकि रवींद्र जडेजा ने 63 रन और मनव सुथार ने 41 रन बनाकर भारत की बल्लेबाजी को मजबूती दी। दिन का खेल खत्म होने तक भारत ने 90 ओवर में 357/8 रन बना लिए थे और वह श्रीलंका क्रिकेट XI के 363/8 के स्कोर से सिर्फ छह रन पीछे था।
यह मुकाबला सामान्य प्रतिस्पर्धी मैच से ज्यादा भारत की टेस्ट सीरीज की तैयारी का हिस्सा है। टीम मैनेजमेंट का मुख्य उद्देश्य श्रीलंका की परिस्थितियों में टेस्ट टीम के खिलाड़ियों को पर्याप्त समय देना और अलग-अलग बल्लेबाजी संयोजनों को परखना है। इसी वजह से भारतीय टीम की पारी के दौरान कई बल्लेबाजों को रिटायर आउट किया गया, ताकि अन्य खिलाड़ियों को भी क्रीज पर उतरने का मौका मिल सके।
पड्डिकल ने ठोका शानदार नाबाद शतक
दिन के सबसे बड़े स्टार देवदत्त पड्डिकल रहे। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 164 गेंदों पर नाबाद 142 रन बनाए। उनकी पारी में धैर्य, नियंत्रण और जरूरत के मुताबिक आक्रामकता का शानदार मिश्रण देखने को मिला। पड्डिकल ने लंबी पारी खेलकर दिखाया कि वह टेस्ट क्रिकेट की जरूरतों के मुताबिक अपनी बल्लेबाजी को ढाल सकते हैं।
पड्डिकल ने शतक पूरा करने के बाद पहले रिटायर आउट होने का फैसला किया था। हालांकि, बाद में वह दोबारा बल्लेबाजी के लिए लौटे और अपनी पारी को आगे बढ़ाया। उनका यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब भारत की टेस्ट बल्लेबाजी में नंबर-3 की स्थिति को लेकर चर्चा चल रही है।
पड्डिकल ने केएल राहुल के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी भी की। दोनों ने मिलकर 96 रन जोड़े। राहुल ने 67 गेंदों पर 40 रन बनाए, लेकिन स्पिनर केसारा नुवांथा की गेंद पर बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए।
इसके बाद पड्डिकल ने रवींद्र जडेजा के साथ भी 72 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत को शुरुआती झटकों से उबरने में मदद की और मध्यक्रम को पर्याप्त बल्लेबाजी अभ्यास मिला।
जडेजा ने भी दिखाया अनुभव
रवींद्र जडेजा ने 117 गेंदों पर 63 रन बनाकर अपने अनुभव का इस्तेमाल किया। उनकी पारी में धैर्य के साथ नियंत्रित आक्रामकता भी नजर आई। भारत के लिए यह पारी इसलिए महत्वपूर्ण रही क्योंकि जडेजा सिर्फ गेंदबाजी ही नहीं, बल्कि टेस्ट परिस्थितियों में बल्लेबाजी की लय भी हासिल करना चाहते होंगे।
जडेजा भी बाद में रिटायर आउट हुए, जिससे टीम के दूसरे बल्लेबाजों को मौका मिल सके। उनके बाद मनव सुथार ने 90 गेंदों में 41 रन की उपयोगी पारी खेली। बाएं हाथ के स्पिनर सुथार ने गेंद के साथ-साथ बल्ले से भी टीम मैनेजमेंट को प्रभावित किया।
सरांश जैन ने भी 45 गेंदों में 22 रन बनाए और बाद में रिटायर आउट हो गए। इससे साफ रहा कि भारत का उद्देश्य स्कोरबोर्ड पर बड़ा लक्ष्य खड़ा करना भर नहीं था, बल्कि अधिक से अधिक खिलाड़ियों को मैच परिस्थितियों में बल्लेबाजी का अनुभव देना था।
गूर्नूर बरार ने आखिरी ओवर में मचाया धमाल
दिन के अंत में गूर्नूर बरार ने मुकाबले में रोमांच पैदा कर दिया। उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों पर 36 रन की तेज पारी खेली। उनकी पारी में चार छक्के शामिल रहे, जिनमें से तीन छक्के बाएं हाथ के स्पिनर दिलुम सुदीरा के आखिरी ओवर में आए।
बरार की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत को श्रीलंका क्रिकेट XI के स्कोर के बेहद करीब पहुंचा दिया। दूसरी ओर, पड्डिकल के क्रीज पर मौजूद रहने से भारत के पास दिन का खेल खत्म होने तक एक मजबूत बल्लेबाजी आधार बना रहा।
जायसवाल, पंत और जुरेल नहीं चले
भारत के कुछ प्रमुख बल्लेबाज हालांकि इस अभ्यास मैच में अपनी छाप नहीं छोड़ सके। यशस्वी जायसवाल पारी की दूसरी ही गेंद पर सिर्फ एक रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने विश्वा फर्नांडो की बाहर जाती गेंद पर शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीधे बैकवर्ड प्वाइंट पर चली गई।
ऋषभ पंत भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके। उन्होंने स्पिनर रमेश मेंडिस के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाने की कोशिश की, लेकिन उनका लॉफ्टेड शॉट मिड-ऑफ पर चला गया। पंत सिर्फ दो रन बना सके।
ध्रुव जुरेल भी एक रन बनाकर आउट हुए। मेंडिस की गेंद पर उनका किनारा शॉर्ट-लेग फील्डर के कंधे से टकराया, लेकिन फील्डर ने तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए कैच पूरा कर लिया।
इन शुरुआती विकेटों के कारण भारत एक समय मुश्किल स्थिति में पहुंच गया था। हालांकि, पड्डिकल और जडेजा ने पारी को संभाला और बाद में सुथार तथा निचले क्रम के बल्लेबाजों ने टीम को श्रीलंका के स्कोर के बेहद करीब पहुंचा दिया।
भारत ने जानबूझकर बल्लेबाजों को दिए मौके
इस अभ्यास मैच की सबसे खास बात बार-बार बल्लेबाजों का रिटायर आउट होना रहा। पड्डिकल, जडेजा, कुलदीप यादव और सरांश जैन को अलग-अलग समय पर रिटायर आउट किया गया। यह किसी सामान्य मैच की रणनीति नहीं थी, बल्कि टेस्ट सीरीज से पहले ज्यादा खिलाड़ियों को क्रीज पर समय देने की योजना का हिस्सा थी।
कुलदीप यादव ने पहले दिन गेंद से प्रभाव डाला था और दूसरे दिन उन्हें बल्लेबाजी का मौका मिला। उन्होंने 15 गेंदों का सामना किया और एक रन बनाया, जिसके बाद वह वापस लौट गए।
भारत के गेंदबाजों ने इससे पहले श्रीलंका क्रिकेट XI को 363/8 तक सीमित किया था। जडेजा, कुलदीप यादव और मनव सुथार ने दो-दो विकेट हासिल किए थे। श्रीलंका क्रिकेट XI ने अपना स्कोर घोषित कर दिया, जिससे भारत को बल्लेबाजी में पर्याप्त समय मिल सका।
टेस्ट सीरीज से पहले पड्डिकल का दावा मजबूत
पड्डिकल की 142 रन की पारी भारत के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत रही। खासकर तब, जब टीम टेस्ट सीरीज के लिए बल्लेबाजी संयोजन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। ताजा रिपोर्टों में भी उनके प्रदर्शन को नंबर-3 स्थान के लिए मजबूत दावेदारी के रूप में देखा जा रहा है।
भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट 15 अगस्त से गॉल में शुरू होना है। इसके बाद दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाना निर्धारित है। अभ्यास मैच का तीसरा दिन भी भारत के लिए महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि टीम के पास टेस्ट सीरीज से पहले परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने का आखिरी मौका होगा।
दूसरे दिन का सबसे बड़ा निष्कर्ष यही रहा कि भारत ने सिर्फ स्कोर बनाने पर ध्यान नहीं दिया। टीम ने अलग-अलग बल्लेबाजों को लंबा समय, स्पिन और तेज गेंदबाजी के खिलाफ अभ्यास तथा निचले क्रम को मैच जैसी परिस्थितियों में खेलने का अवसर दिया। पड्डिकल की नाबाद 142 और जडेजा की 63 रन की पारियां इस तैयारी अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियां रहीं।


