ग्लासगो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के छठे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने कई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की पदक उम्मीदों को और मजबूत कर दिया। खासकर मुक्केबाजी (बॉक्सिंग), एथलेटिक्स और पैरा तैराकी में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। दिनभर के मुकाबलों में भारत ने कई महत्वपूर्ण जीत दर्ज कीं और मुक्केबाजी में अपने सुनिश्चित पदकों की संख्या बढ़ाकर आठ कर ली।
भारत के खिलाड़ी आज एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, पैरा स्विमिंग, वेटलिफ्टिंग, लॉन बॉल्स समेत सात विभिन्न खेलों में चुनौती पेश कर रहे हैं। कई भारतीय खिलाड़ी अब सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों में उतरने वाले हैं, जिससे देश को और पदकों की उम्मीद है।
बॉक्सिंग में भारत का दबदबा कायम
भारतीय मुक्केबाजों ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए विरोधियों को कड़ी चुनौती दी। पुरुषों के 80 किलोग्राम वर्ग में अंकुश ने सेशेल्स के जेड मिकॉक को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ उन्होंने भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित कर दिया। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार सेमीफाइनल में पहुंचने वाले मुक्केबाज कम से कम कांस्य पदक के हकदार होते हैं।
अब अंकुश का मुकाबला शुक्रवार को कनाडा के जोशुआ ओफोरी से होगा। भारतीय खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि वह फाइनल में जगह बनाकर स्वर्ण पदक की दौड़ में भी शामिल होंगे।
इसी तरह पुरुषों के +90 किलोग्राम वर्ग में नरेंद्र बेरवाल ने शानदार वापसी करते हुए समोआ के माइकल सेको को 3-2 के विभाजित निर्णय (Split Decision) से हराया। शुरुआती दो राउंड के बाद वह दो जजों के स्कोरकार्ड पर पीछे चल रहे थे, लेकिन अंतिम राउंड में उन्होंने शानदार आक्रामक खेल दिखाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। एशियाई खेलों के पदक विजेता बेरवाल अब शुक्रवार को होने वाले सेमीफाइनल में उतरेंगे।
महिलाओं की 51 किलोग्राम स्पर्धा में साक्षी चौधरी ने आयरलैंड की कैटलिन फ्रायर्स को 5-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ उन्होंने भी भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया है। सेमीफाइनल में उनका सामना कनाडा की एम्बर-जेन वॉल से होगा।
इन शानदार जीतों के बाद ग्लासगो में भारत के मुक्केबाजी दल ने अब तक आठ पदक सुनिश्चित कर लिए हैं, जो भारतीय मुक्केबाजी की मजबूती को दर्शाता है।
अनिमेष कुजूर ने 200 मीटर सेमीफाइनल में बनाई जगह
एथलेटिक्स में भारत के राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक अनिमेष कुजूर ने पुरुषों की 200 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। उन्होंने अपनी हीट में पहला स्थान हासिल किया और कुल सातवें स्थान पर रहते हुए अगले दौर में प्रवेश किया।
अनिमेष ने 20.46 सेकंड का सीज़न का सर्वश्रेष्ठ समय निकाला। इस दौरान उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के मौजूदा 100 मीटर चैंपियन इमैनुएल एसेमे को भी पीछे छोड़ दिया। उनका यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद उत्साहजनक माना जा रहा है।
रेस के बाद अनिमेष ने कहा कि उनका पहला लक्ष्य केवल सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करना था। उन्होंने कहा, “मैंने खुद को सिर्फ सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए तैयार किया था। अब सेमीफाइनल में मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। मेरे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है।”
उन्होंने ट्रैक की तारीफ करते हुए कहा कि पहली बार इस ट्रैक पर दौड़ना बेहद शानदार अनुभव रहा और उन्हें विश्वास है कि सेमीफाइनल में वह और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
पैरा स्विमिंग में भी भारत को मिली सफलता
पैरा स्विमिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल S7 स्पर्धा में चैतन्य कुलकर्णी और सुयश जाधव दोनों ने फाइनल में जगह बना ली।
चैतन्य कुलकर्णी ने 32.77 सेकंड का समय निकालते हुए हीट में चौथा स्थान हासिल किया, जबकि सुयश जाधव ने 35.35 सेकंड के साथ छठा स्थान प्राप्त किया। दोनों भारतीय तैराक अब देर रात होने वाले फाइनल में पदक जीतने के लिए चुनौती पेश करेंगे।
लॉन बॉल्स में वापसी की उम्मीद
लॉन बॉल्स में भारत की पुरुष युगल टीम नवनीत सिंह और दिनेश कुमार अपने दूसरे सेक्शनल मुकाबले में नामीबिया के क्रिस्टो स्टीनकैम्प और वायलोन वेंटजेल का सामना करने वाली है। भारतीय जोड़ी पहले मुकाबले में कुक आइलैंड्स से हार गई थी, इसलिए इस मैच में जीत उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी।
भारत की पदक उम्मीदें बरकरार
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के छठे दिन भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश कई खेलों में मजबूत दावेदार बना हुआ है। मुक्केबाजी में लगातार मिल रही सफलताएं, एथलेटिक्स में अनिमेष कुजूर की शानदार दौड़ और पैरा स्विमिंग में भारतीय खिलाड़ियों की फाइनल में एंट्री ने भारत की पदक संभावनाओं को और मजबूत कर दिया है।
अब सभी की निगाहें शुक्रवार को होने वाले सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां भारतीय खिलाड़ी स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों के लिए चुनौती पेश करेंगे। यदि मौजूदा फॉर्म बरकरार रही तो आने वाले दिनों में भारत के पदक तालिका में और इजाफा होने की पूरी संभावना है।


