Tuesday, August 4, 2026

Creating liberating content

From Acid Attack Survivor...

Resham Fatma has officially scripted history, becoming the first Indian acid attack...

‘A few players will...

NEW DELHI: India chief national coach Pullela Gopichand believes badminton's switch...

Maharashtra DSE CAP Round...

DSE CAP Round 1 Seat Allotment 2026: Maharashtra engineering candidates must complete...

‘A coterie hijacked him’:...

Pakistan's Arshad Nadeem (PTI Photo) Pakistan's Olympic champion Arshad Nadeem has found...
Homeराष्ट्रीयखेलCWG 2026: ग्लासगो...

CWG 2026: ग्लासगो में भारत का शानदार अभियान, 39 पदकों के साथ कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज

ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (CWG 2026) में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 39 पदक अपने नाम किए। हालांकि भारत बर्मिंघम 2022 में जीते गए 61 पदकों के रिकॉर्ड को पीछे नहीं छोड़ सका, लेकिन सीमित खेलों के बावजूद भारतीय दल का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। इस बार प्रतियोगिता से बैडमिंटन, क्रिकेट समेत कई ऐसे खेलों को बाहर कर दिया गया था, जिनमें भारत ने पिछले संस्करण में लगभग 30 पदक जीते थे। ऐसे में 39 पदकों का यह प्रदर्शन भारतीय खेल इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिना जाएगा।

भारतीय दल के लिए इस बार सबसे बड़ी सफलता मुक्केबाजी (बॉक्सिंग) में देखने को मिली। भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 10 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक शामिल रहे। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय बॉक्सिंग टीम का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है।

प्रतियोगिता में भारत का पहला पदक पैरा पावरलिफ्टिंग में झांडू कुमार ने दिलाया। उन्होंने पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारतीय अभियान की शानदार शुरुआत की। वहीं, सामान्य वर्ग के खिलाड़ियों में पहला पदक रिशिकांता सिंह ने जीता। उन्होंने पुरुषों के 60 किलोग्राम भारोत्तोलन वर्ग में नया गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए रजत पदक अपने नाम किया।

भारतीय स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। उन्होंने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स का गोल्ड अपने नाम किया। इस उपलब्धि ने उन्हें भारत की सबसे सफल कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टरों में शामिल कर दिया।

भारोत्तोलन में भारत का प्रदर्शन लगातार मजबूत रहा। मुथुपांडी राजा, ज्ञानेश्वरी यादव, वल्लुरी अजय बाबू, हरजिंदर कौर और लवप्रीत सिंह ने रजत पदक जीते, जबकि बिंदियारानी देवी ने कांस्य पदक हासिल किया। इस तरह वेटलिफ्टिंग भारत के लिए सबसे सफल खेलों में शामिल रहा।

इस बार जूडो में भी भारत ने नया इतिहास रचा। अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का पहला जूडो गोल्ड दिलाया। इसके अलावा हर्ष सिंह ने भी स्वर्ण पदक जीता, जबकि यामिनी मौर्या ने रजत और उन्नति शर्मा ने कांस्य पदक अपने नाम किया।

एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में कांस्य पदक जीतकर इस स्पर्धा में भारत का पहला कॉमनवेल्थ पदक हासिल किया। गुलवीर सिंह ने दो पदक जीतकर इतिहास रचा। उन्होंने 10,000 मीटर दौड़ में रजत और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीतकर एक ही संस्करण में दो एथलेटिक्स पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया।

इसके अलावा सरवेश कुशारे ने हाई जंप में रजत, मुरली श्रीशंकर ने लंबी कूद में रजत, नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक में रजत, प्रवीण चित्रावेल ने ट्रिपल जंप में रजत, जबकि सेल्वा प्रभु, सीमा कालिरामना और यश वीर सिंह ने कांस्य पदक जीतकर भारत का सम्मान बढ़ाया।

पैरा स्पोर्ट्स में भारत का प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 7 पदक जीते, जिनमें 3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल रहे। शर्मिला ढांकर, दिलीप गावित और सोमन राणा ने स्वर्ण पदक जीते, जबकि मोहम्मद बासिल और शुभम जुयाल ने रजत तथा शिल्पा के. श्यला और झांडू कुमार ने कांस्य पदक हासिल किए।

बॉक्सिंग में भारत के स्वर्ण पदक विजेताओं में प्रीति पवार, जैसमीन लांबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल शामिल रहे। वहीं जादुमणि सिंह, लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बेरवाल ने रजत पदक जीतकर भारतीय मुक्केबाजी दल को ऐतिहासिक सफलता दिलाई।

हालांकि इस बार भारत पदकों की संख्या के मामले में 2022 के रिकॉर्ड तक नहीं पहुंच पाया, लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि कई पारंपरिक खेल इस संस्करण का हिस्सा नहीं थे। यदि वे प्रतियोगिताएं आयोजित होतीं, तो भारत का पदक प्रदर्शन और भी बेहतर हो सकता था।

भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नई दिल्ली 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स में रहा था, जहां भारतीय खिलाड़ियों ने 101 पदक (39 स्वर्ण, 26 रजत और 36 कांस्य) जीतकर इतिहास रचा था। इसके बावजूद ग्लासगो 2026 का प्रदर्शन भारतीय खेलों की निरंतर प्रगति और खिलाड़ियों की बढ़ती क्षमता का मजबूत संकेत देता है। विशेष रूप से बॉक्सिंग, जूडो, एथलेटिक्स और पैरा स्पोर्ट्स में मिली ऐतिहासिक सफलताएं भविष्य के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए भारत के आत्मविश्वास को और मजबूत करेंगी।

Get notified whenever we post something new!

spot_img

Create a website from scratch

Just drag and drop elements in a page to get started with Newspaper Theme.

Continue reading

संसद गतिरोध के बीच सरकार का बड़ा दांव, आज चार अहम विधेयक पेश करेगी केंद्र सरकार

संसद के मानसून सत्र में लगातार जारी विपक्ष के विरोध और हंगामे के बावजूद केंद्र सरकार सोमवार को चार महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल जहां कथित राम मंदिर चंदा गबन मामले...

भारी बारिश के बाद मुंबई ने समुद्र में बहाया 10 दिनों का पीने योग्य पानी, आखिर ऐसा क्यों करना पड़ा?

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इस वर्ष मानसून ने रिकॉर्ड तोड़ बारिश की। लगातार कई दिनों तक हुई मूसलाधार वर्षा ने शहर को जलमग्न होने की स्थिति में पहुंचा दिया। ऐसे हालात में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को एक...

जेआईएस विश्वविद्यालय की आधुनिक कृषि शिक्षा से तैयार हो रहे भविष्य के कृषि विशेषज्ञ

देश में कृषि क्षेत्र तेजी से आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बदलते समय के साथ कृषि अब केवल खाद्यान्न उत्पादन तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह विज्ञान, प्रौद्योगिकी, जैव...

Enjoy exclusive access to all of our content

Get an online subscription and you can unlock any article you come across.