उच्च रक्तचाप और रक्त शर्करा से जुड़ी समस्याओं को लंबे समय तक केवल अधिक उम्र के लोगों से जोड़कर देखा जाता रहा है। लेकिन अब कम उम्र के वयस्कों में भी ऐसे जोखिम दिखाई देने की चिंता बढ़ रही है।
दफ्तर में लंबे समय तक बैठे रहना, शारीरिक गतिविधि का कम होना, अनियमित भोजन, देर रात तक जागना और लगातार मानसिक दबाव जैसी जीवनशैली संबंधी आदतें युवाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं।
युवा व्यक्ति अक्सर यह मान लेते हैं कि कम उम्र होने के कारण उन्हें ऐसी बीमारियां नहीं हो सकतीं। यही सोच नियमित जांच की उपेक्षा का कारण बन सकती है। यदि किसी व्यक्ति के परिवार में मधुमेह या उच्च रक्तचाप का इतिहास है, अधिक वजन है या जीवनशैली असंतुलित है, तो कम उम्र में भी चिकित्सकीय सलाह लेना महत्वपूर्ण हो सकता है।
किन लोगों को नियमित जांच पर ध्यान देना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, 30 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों को नियमित स्वास्थ्य जांच पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा जिन लोगों के परिवार में मधुमेह या उच्च रक्तचाप का इतिहास रहा है, उन्हें भी अपनी जांच को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
अधिक वजन वाले लोगों के लिए भी रक्तचाप और रक्त शर्करा की नियमित निगरानी महत्वपूर्ण हो सकती है। इसी तरह जिन लोगों की दिनचर्या में व्यायाम बहुत कम है, खानपान असंतुलित है या लगातार तनाव और नींद की कमी रहती है, उन्हें अपने स्वास्थ्य को लेकर अधिक सजग रहना चाहिए।
नियमित जांच का उद्देश्य केवल बीमारी पकड़ना नहीं है। इससे शरीर में होने वाले बदलावों को शुरुआती अवस्था में पहचानने का अवसर मिलता है और समय रहते जीवनशैली में जरूरी सुधार किए जा सकते हैं।
मधुमेह-पूर्व अवस्था को नजरअंदाज न करें
मधुमेह-पूर्व अवस्था ऐसी स्थिति है जिसमें रक्त शर्करा सामान्य से अधिक होती है, लेकिन वह अभी मधुमेह की निर्धारित सीमा तक नहीं पहुंची होती। इसे भविष्य में मधुमेह के बढ़े हुए जोखिम का संकेत माना जाता है।
इस अवस्था की पहचान समय रहते हो जाए तो भोजन, शारीरिक गतिविधि, वजन और दूसरी जीवनशैली संबंधी आदतों में सुधार करके जोखिम को कम करने की कोशिश की जा सकती है। इसलिए इसे मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज करना उचित नहीं है।
किसी व्यक्ति में मधुमेह-पूर्व अवस्था या मधुमेह है या नहीं, इसका निर्णय केवल रक्त जांच और चिकित्सकीय मूल्यांकन के आधार पर किया जाना चाहिए।
उच्च रक्तचाप शरीर को कैसे नुकसान पहुंचा सकता है?
रक्तचाप लगातार अधिक रहने पर रक्त वाहिकाओं और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। लंबे समय तक स्थिति नियंत्रित न रहने पर हृदय संबंधी बीमारी, मस्तिष्काघात और गुर्दों की समस्या जैसी गंभीर जटिलताओं का जोखिम बढ़ सकता है।
इसी तरह लंबे समय तक रक्त शर्करा का स्तर अधिक रहने से भी शरीर के विभिन्न अंग प्रभावित हो सकते हैं। आंखों की दृष्टि, गुर्दों की कार्यक्षमता, नसों और हृदय पर इसका असर पड़ सकता है।
इसलिए बीमारी के लक्षण आने का इंतजार करने के बजाय समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच कराना अधिक उपयोगी हो सकता है।
जीवनशैली में छोटे बदलाव भी महत्वपूर्ण
यदि किसी व्यक्ति में उच्च रक्तचाप, मधुमेह या मधुमेह-पूर्व अवस्था का जोखिम पाया जाता है, तो चिकित्सक की सलाह के अनुसार जीवनशैली में बदलाव किया जा सकता है। संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, उचित वजन बनाए रखना और मानसिक तनाव को नियंत्रित करने की कोशिश स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकती है।
पर्याप्त नींद लेना भी महत्वपूर्ण है। लगातार कम नींद और अनियमित दिनचर्या को सामान्य आदत मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसी तरह धूम्रपान से दूरी और मद्यपान को सीमित करना भी समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं।
हालांकि किसी व्यक्ति को अपनी दवाएं शुरू, बंद या बदलने का निर्णय स्वयं नहीं लेना चाहिए। इसके लिए चिकित्सक की सलाह आवश्यक है।
नियमित जांच बन सकती है सबसे बड़ा बचाव
उच्च रक्तचाप और मधुमेह की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि ये समस्याएं कई बार बिना किसी स्पष्ट संकेत के शरीर में मौजूद रहती हैं। व्यक्ति सामान्य जीवन जीता रहता है और उसे पता ही नहीं चलता कि उसके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे बदलाव हो रहे हैं।
यही वजह है कि नियमित रक्तचाप मापना और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार रक्त शर्करा की जांच कराना महत्वपूर्ण हो सकता है। परिवार में पहले से बीमारी का इतिहास हो, वजन अधिक हो या जीवनशैली असंतुलित हो, तो जांच को और अधिक गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
भारत में गैर-संचारी बीमारियों का बढ़ता बोझ स्वास्थ्य व्यवस्था और परिवारों दोनों के लिए चुनौती बन रहा है। हालिया बड़े स्वास्थ्य आकलनों में भी कम उम्र में जोखिम कारकों के सामने आने और कई मामलों के देर से पहचान में आने की चिंता सामने आई है।
इसलिए सबसे जरूरी संदेश यह है कि स्वस्थ महसूस करना और वास्तव में स्वस्थ होना हमेशा एक ही बात नहीं होती। नियमित जांच, संतुलित जीवनशैली और समय पर चिकित्सकीय सलाह के जरिए उच्च रक्तचाप, मधुमेह और मधुमेह-पूर्व अवस्था से जुड़े जोखिमों को पहचानने और नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।
महत्वपूर्ण सूचना: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। यह किसी व्यक्ति के लिए चिकित्सकीय निदान या उपचार की सलाह नहीं है। यदि रक्तचाप, रक्त शर्करा या स्वास्थ्य को लेकर कोई चिंता है, तो योग्य चिकित्सक से जांच और व्यक्तिगत सलाह लेना आवश्यक है।


