भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शनिवार, 5 सितंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया, जिसे इससे पहले दुनिया का कोई खिलाड़ी हासिल नहीं कर सका था। पाकिस्तान के खिलाफ महिला एशिया कप 2026 के मुकाबले में मैदान पर उतरते ही हरमनप्रीत कौर पुरुष और महिला दोनों वर्गों को मिलाकर 150 ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में कप्तानी करने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बन गईं।
दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान के बीच खेला गया महिला एशिया कप का यह मुकाबला हरमनप्रीत कौर के लिए ऐतिहासिक रहा। भारत का यह प्रतियोगिता के ग्रुप ए में तीसरा मुकाबला था और इसी मैच के साथ भारतीय कप्तान ने कप्तानी के क्षेत्र में एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।
150 मुकाबलों की कप्तानी करने वाली पहली खिलाड़ी
हरमनप्रीत कौर ने अब तक 150 ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारतीय टीम की कप्तानी की है। इससे पहले उन्होंने 149 मुकाबलों में कप्तान के रूप में टीम का नेतृत्व किया था, जिसमें भारत ने 86 मुकाबलों में सीधे जीत हासिल की।
उनकी कप्तानी का लंबा सफर भारतीय महिला क्रिकेट के विकास के साथ जुड़ा रहा है। एक दशक से अधिक समय से वह भारतीय टीम की महत्वपूर्ण सदस्य रही हैं और कप्तान के रूप में भी उन्होंने कई बड़े मुकाबलों में टीम का नेतृत्व किया है। उनके नाम कप्तानी के साथ-साथ महिला ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक मुकाबले खेलने का रिकॉर्ड भी दर्ज है।
हरमनप्रीत की इस उपलब्धि की खास बात यह है कि पुरुष और महिला क्रिकेट को एक साथ देखने पर भी कोई अन्य खिलाड़ी 150 मुकाबलों तक कप्तानी नहीं कर पाया है। इस प्रकार उन्होंने क्रिकेट के वैश्विक स्तर पर एक ऐसा आंकड़ा हासिल किया है, जो आने वाले समय में लंबे समय तक याद किया जाएगा।
चमारी अटापट्टु दूसरे स्थान पर
सबसे अधिक महिला ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में कप्तानी करने वाली खिलाड़ियों की सूची में श्रीलंका की चमारी अटापट्टु दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने अब तक श्रीलंका की ओर से 121 मुकाबलों में कप्तानी की है।
रवांडा की मैरी बिमेनिमाना ने 101 मुकाबलों में अपनी टीम का नेतृत्व किया है। ऑस्ट्रेलिया की पूर्व कप्तान मेग लैनिंग ने 100 महिला ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में कप्तानी की थी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुकीं लैनिंग इस सूची में प्रमुख नामों में शामिल हैं।
थाईलैंड की नारूमोल चाइवई ने 98 मुकाबलों में कप्तानी की है, जबकि इंग्लैंड की हीथर नाइट ने 96 मुकाबलों में अपनी टीम का नेतृत्व किया। इंग्लैंड की पूर्व कप्तान चार्लोट एडवर्ड्स ने 93 मुकाबलों में कप्तानी की थी।
पुरुष क्रिकेट में भी हरमनप्रीत सबसे आगे
पुरुष क्रिकेट की बात करें तो नामीबिया के गेरहार्ड इरास्मस ने 91 ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में कप्तानी की है। रवांडा के क्लिंटन रुबागुम्या ने 90 मुकाबलों में कप्तानी की। पाकिस्तान के बाबर आजम ने 85 मुकाबलों में अपनी टीम का नेतृत्व किया है।
इस तरह पुरुष और महिला दोनों वर्गों को मिलाकर सबसे अधिक ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में कप्तानी करने वाले खिलाड़ियों की सूची में हरमनप्रीत कौर 150 मुकाबलों के साथ स्पष्ट रूप से शीर्ष पर हैं।
कप्तान के रूप में भी शानदार बल्लेबाजी
हरमनप्रीत कौर का प्रभाव केवल कप्तानी तक सीमित नहीं है। उन्होंने कप्तान के रूप में महिला ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 3301 रन बनाए हैं। इस आंकड़े के साथ वह कप्तान के रूप में सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ियों की सूची में दूसरे स्थान पर हैं।
यह उपलब्धि उनके लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर और बल्लेबाजी में निरंतर योगदान को दर्शाती है। भारतीय टीम को कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में उनके अनुभव और नेतृत्व का लाभ मिला है।
हरमनप्रीत कौर महिला ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक मुकाबले खेलने वाली खिलाड़ी भी हैं। इसलिए 150 मुकाबलों में कप्तानी का रिकॉर्ड उनके लंबे और सफल अंतरराष्ट्रीय सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ गया है।
भारत ने अंतिम एकादश में नहीं किया बदलाव
पाकिस्तान के खिलाफ इस महत्वपूर्ण मुकाबले में भारतीय टीम ने अपनी अंतिम एकादश में कोई बदलाव नहीं किया। टीम उसी संयोजन के साथ मैदान पर उतरी, जिसके साथ उसने प्रतियोगिता में अपने पिछले मुकाबले खेले थे।
दूसरी ओर पाकिस्तान ने भी अपनी अंतिम एकादश में कोई बदलाव नहीं किया। पाकिस्तान की टीम अपने पहले मुकाबले में थाईलैंड के खिलाफ मैदान पर उतरी थी और उसी टीम को भारत के खिलाफ भी मौका दिया गया।
पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया
दुबई में खेले जा रहे इस मुकाबले में पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। इससे पहले थाईलैंड के खिलाफ मुकाबले में भी पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी की थी।
हालांकि थाईलैंड के खिलाफ पाकिस्तान का बल्लेबाजी प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा था। पाकिस्तान की टीम निर्धारित 20 ओवर में नौ विकेट गंवाकर केवल 119 रन बना सकी थी। ऐसे में भारत के खिलाफ मुकाबले में पाकिस्तान के बल्लेबाजों पर बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव था।
भारत-पाकिस्तान मुकाबले में रिकॉर्ड की चमक
भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हमेशा से ही क्रिकेट प्रशंसकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा है। ऐसे मुकाबले में हरमनप्रीत कौर का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाना भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर बन गया।
150 मुकाबलों में कप्तानी करना किसी भी खिलाड़ी के लिए असाधारण उपलब्धि है। पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट को मिलाकर इस आंकड़े तक पहुंचने वाली पहली खिलाड़ी बनकर हरमनप्रीत ने अपनी नेतृत्व क्षमता और लंबे अंतरराष्ट्रीय अनुभव को एक बार फिर साबित किया।
उनकी इस उपलब्धि ने महिला क्रिकेट में भारतीय खिलाड़ियों के बढ़ते प्रभाव को भी रेखांकित किया है। आने वाले वर्षों में हरमनप्रीत कौर का यह रिकॉर्ड क्रिकेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाएगा।


