अमेरिका में स्थायी निवास पाने की कोशिश कर रहे भारतीय पेशेवरों के लिए एक नई चिंता सामने आई है। अमेरिकी विदेश विभाग ने संकेत दिया है कि रोजगार आधारित पहली प्राथमिकता वाली श्रेणी के तहत भारतीय आवेदकों के लिए उपलब्ध स्थायी निवास वीजा चालू वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले ही खत्म हो सकते हैं। अमेरिकी वित्तीय वर्ष 30 सितंबर को समाप्त होता है।
भारतीय पेशेवर पहले से ही अमेरिका में स्थायी निवास हासिल करने के लिए लंबी प्रतीक्षा का सामना कर रहे हैं। ऐसे में पहली प्राथमिकता वाली श्रेणी में बढ़ती मांग ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। यदि निर्धारित संख्या वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले पूरी हो जाती है, तो भारतीय आवेदकों के लिए इस श्रेणी में नए वीजा जारी करने की एक प्रमुख रास्ता है। यह श्रेणी मुख्य रूप से ऐसे लोगों के लिए बनाई गई है, जिन्हें अपने क्षेत्र में विशेष योग्यता या उल्लेख प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोकनी पड़ सकती है।
ईबी-1 ग्रीन कार्ड क्या है?
ईबी-1 अमेरिका में रोजगार के आधार पर स्थायी निवास हासिल करने का एक प्रमुख रास्ता है। यह श्रेणी मुख्य रूप से ऐसे लोगों के लिए बनाई गई है, जिन्हें अपने क्षेत्र में विशेष योग्यता या उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हैं।
इस श्रेणी में तीन प्रमुख समूह शामिल हैं। पहला समूह असाधारण प्रतिभा वाले लोगों का है। इसमें विज्ञान, शिक्षा, व्यवसाय, कला और खेल जैसे क्षेत्रों में असाधारण क्षमता रखने वाले लोग शामिल हो सकते हैं।
दूसरे समूह में उत्कृष्ट प्रोफेसर और शोधकर्ता आते हैं। तीसरे समूह में कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रबंधक और उच्च पदस्थ अधिकारी शामिल होते हैं, जो निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।
ईबी-1 को रोजगार आधारित स्थायी निवास के अपेक्षाकृत आकर्षक रास्तों में माना जाता है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि प्रत्येक भारतीय आवेदक को जल्दी स्थायी निवास मिल जाएगा। भारत से बड़ी संख्या में उच्च कुशल पेशेवर आवेदन करते हैं और उपलब्ध वीजा संख्या पर वैधानिक सीमाएं लागू होती हैं।
भारतीयों के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
अमेरिकी विदेश विभाग ने सितंबर के वीजा बुलेटिन में बताया कि भारत से ईबी-1 श्रेणी में मांग काफी बढ़ गई है। विभाग ने चेतावनी दी कि यदि भारतीय आवेदकों के लिए निर्धारित आनुपातिक सीमा वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले पूरी हो जाती है, तो आने वाले हफ्तों में इस श्रेणी को अनुपलब्ध किया जा सकता है।
इसका सीधा अर्थ यह हो सकता है कि निर्धारित सीमा पूरी होने के बाद भारतीय आवेदकों के लिए उस वित्तीय वर्ष में अतिरिक्त वीजा संख्या उपलब्ध नहीं रहेगी। इसके बाद नई संख्या अगले वित्तीय वर्ष में उपलब्ध होने पर ही प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
विदेश विभाग ने यह भी कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और आवश्यकता के अनुसार बदलाव किए जाएंगे।
सितंबर में ईबी-1 भारत की अंतिम कार्रवाई तारीख
सितंबर के वीजा बुलेटिन के अनुसार, भारत के लिए ईबी-1 श्रेणी की अंतिम कार्रवाई तारीख 15 अक्टूबर 2022 निर्धारित है।
इसका सामान्य अर्थ यह है कि किसी भारतीय आवेदक की प्राथमिकता तारीख इस निर्धारित तारीख से पहले की होनी चाहिए, ताकि अन्य आवश्यक शर्तें पूरी होने पर उसके लिए वीजा संख्या उपलब्ध हो सके।
हालांकि, वीजा बुलेटिन में दी गई तारीखें स्थायी नहीं होतीं। उपलब्ध वीजा संख्या, मांग और कानूनी सीमाओं के आधार पर इनमें आगे या पीछे बदलाव हो सकता है।
ईबी-2 भारत के लिए पहले से अनुपलब्ध
भारतीय पेशेवरों पर दबाव केवल ईबी-1 तक सीमित नहीं है। सितंबर के वीजा बुलेटिन में भारत के लिए ईबी-2 श्रेणी को भी अनुपलब्ध बताया गया है।
ईबी-2 श्रेणी में ऐसे पेशेवर शामिल होते हैं जिनके पास उच्च स्तर की शैक्षणिक योग्यता है या जो अपने क्षेत्र में असाधारण क्षमता रखते हैं।
किसी श्रेणी के सामने अनुपलब्ध का संकेत होने का अर्थ है कि संबंधित अवधि में उस श्रेणी के लिए वीजा संख्या जारी करने की अनुमति उपलब्ध नहीं है। भारतीय स्थायी निवास आवेदकों के लिए यह स्थिति पहले से लंबी प्रतीक्षा को और कठिन बना सकती है।
ईबी-3 में भी वर्षों पुरानी प्रतीक्षा
भारतीय पेशेवरों के लिए रोजगार आधारित तीसरी प्राथमिकता वाली श्रेणी भी लंबे समय से बड़ी प्रतीक्षा सूची का सामना कर रही है।
ईबी-3 में कुशल कामगार, पेशेवर और कुछ अन्य श्रमिक शामिल होते हैं। भारतीय आवेदकों के लिए इस श्रेणी की अंतिम कार्रवाई वाली प्रतीक्षा लगभग 12 वर्ष पीछे तक पहुंच चुकी है।
इतनी लंबी प्रतीक्षा उन लोगों के लिए विशेष रूप से कठिन होती है, जिन्होंने अमेरिका में कई वर्षों तक काम किया है, लेकिन स्थायी निवास मिलने तक उन्हें अस्थायी आव्रजन स्थिति पर निर्भर रहना पड़ता है।
निवेश आधारित ईबी-5 में भी प्रतिबंध
भारतीय आवेदकों के लिए निवेश आधारित ईबी-5 श्रेणी में भी सितंबर के दौरान अंतिम कार्रवाई को लेकर सीमाएं दिखाई गई हैं।
हालांकि, इस कार्यक्रम के तहत कुछ विशेष रूप से आरक्षित श्रेणियां सभी देशों के आवेदकों के लिए वर्तमान स्थिति में हैं। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों, अधिक बेरोजगारी वाले क्षेत्रों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़ी श्रेणियां शामिल हैं।
ईबी-5 कार्यक्रम के तहत पात्र विदेशी निवेशक निर्धारित शर्तों के अनुसार योग्य निवेश करके अमेरिका में स्थायी निवास पाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
आवेदन दाखिल करने की तारीख अलग होती है
आवेदकों के लिए एक महत्वपूर्ण बात यह है कि अंतिम कार्रवाई तारीख और आवेदन दाखिल करने की तारीख एक जैसी नहीं होती।
सितंबर के लिए आवेदन दाखिल करने वाली तालिका में भारत के लिए ईबी-1 की तारीख 1 दिसंबर 2023 बताई गई है। ईबी-2 और ईबी-3 दोनों के लिए यह तारीख 15 जनवरी 2015 है।
लेकिन अमेरिका में रह रहे ऐसे आवेदक जो अपनी वर्तमान आव्रजन स्थिति को स्थायी निवास में बदलना चाहते हैं, वे केवल इस तालिका को देखकर आवेदन दाखिल नहीं कर सकते। उन्हें यह देखना होता है कि संबंधित महीने में अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा ने स्थिति बदलने के आवेदनों के लिए कौन-सी तालिका इस्तेमाल करने की अनुमति दी है।
भारतीय आवेदकों की प्रतीक्षा इतनी लंबी क्यों?
भारतीय नागरिकों के लिए रोजगार आधारित स्थायी निवास की प्रतीक्षा लंबी होने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं। पहला कारण अमेरिका में रोजगार आधारित स्थायी निवास की सीमित वार्षिक संख्या है। दूसरा कारण अलग-अलग देशों के लिए लागू वैधानिक सीमाएं हैं।
भारत से बड़ी संख्या में उच्च कुशल पेशेवर अमेरिका में काम करते हैं। समय के साथ बड़ी संख्या में आवेदक स्थायी निवास की कतार में जमा होते गए। उपलब्ध संख्या और आवेदकों की संख्या के बीच अंतर बढ़ने से प्रतीक्षा अवधि भी लंबी होती गई।
ईबी-1 जैसी अपेक्षाकृत आकर्षक श्रेणी में भी मांग बढ़ने पर वीजा संख्या की सीमा सामने आ सकती है। मौजूदा चेतावनी इसी स्थिति की ओर संकेत करती है।
30 सितंबर पर टिकी नजर
चालू अमेरिकी वित्तीय वर्ष 30 सितंबर को समाप्त होने वाला है। इसलिए भारतीय आवेदकों और उनके नियोक्ताओं की नजर अब आने वाले वीजा बुलेटिन और उपलब्ध वीजा संख्या पर रहेगी।
यदि ईबी-1 के लिए भारतीय आवेदकों की निर्धारित सीमा वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले पूरी हो जाती है, तो इस श्रेणी में आगे की संख्या अस्थायी रूप से रुक सकती है। नई वित्तीय अवधि शुरू होने पर उपलब्धता और तारीखों में बदलाव की संभावना होगी।
ऐसे में भारतीय पेशेवरों के लिए अपनी प्राथमिकता तारीख, आवेदन की स्थिति और संबंधित सरकारी निर्देशों पर लगातार नजर रखना महत्वपूर्ण है। व्यक्तिगत मामले में पात्रता और आवेदन प्रक्रियाEB-1 Green Card, EB-1 India, Indian professionals US visa, US Green Card, EB-1 visa backlog, employment अलग हो सकती है, इसलिए आव्रजन संबंधी निर्णय लेने से पहले अधिकृत पेशेवर सलाह लेना उचित रहेगा।


