उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से सामने आया एक दर्दनाक मामला पूरे देश को भावुक कर गया है। सरकारी स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यरत सृष्टि कंधारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शादी के महज आठ महीने बाद उनकी मौत हो गई। इस घटना ने तब और अधिक ध्यान आकर्षित किया जब उनका एक कथित अंतिम वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसमें वह अपनी मां से भावुक होकर बात करती दिखाई देती हैं और अपने ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाती हैं।
हालांकि, यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि वीडियो में लगाए गए आरोप परिवार की शिकायत का हिस्सा हैं और उनकी सत्यता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अभी तक किसी भी आरोपी को अदालत द्वारा दोषी नहीं ठहराया गया है।
अंतिम वीडियो ने बढ़ाई चिंता
परिजनों के अनुसार, सृष्टि कंधारी ने अपनी मौत से ठीक पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। वीडियो में वह रोते हुए अपनी मां से माफी मांगती हैं और कहती हैं कि अब वह और अधिक मानसिक पीड़ा सहन नहीं कर सकतीं।
उन्होंने कथित तौर पर कहा कि पिछले कई महीनों से वह लगातार मानसिक तनाव और तानों का सामना कर रही थीं। वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि उनके ससुराल वालों की सोच कभी नहीं बदलेगी और विवाह के बाद से ही उन्हें लगातार अपमानित किया जाता रहा।
यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
नवंबर 2025 में हुई थी शादी
जानकारी के अनुसार, सृष्टि कंधारी की शादी नवंबर 2025 में सौरभ रतूड़ी से हुई थी। विवाह के शुरुआती कुछ समय बाद ही कथित तौर पर परिवार में तनाव शुरू हो गया।
मृतका की मां सीमा कंधारी ने पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया है कि शादी के बाद से उनकी बेटी को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिवार का दावा है कि सृष्टि को बार-बार अपशकुनी कहा जाता था और घर में होने वाली हर समस्या के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाता था।
पिता की मौत के बाद बढ़े आरोप
शिकायत के अनुसार, कुछ महीनों बाद सृष्टि के ससुर को दिल का दौरा पड़ा था। इसके बाद कथित रूप से परिवार में उनके प्रति व्यवहार और अधिक कठोर हो गया।
परिजनों का आरोप है कि किसी पुजारी की सलाह के बाद सृष्टि को परिवार के लिए अशुभ मान लिया गया। इसके चलते उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जाने लगा।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि ससुर के निधन के बाद स्थिति और गंभीर हो गई तथा मानसिक उत्पीड़न पहले से अधिक बढ़ गया। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
दो दिन तक नहीं हो पाया संपर्क
मृतका के परिवार के अनुसार, 28 और 29 जुलाई को उनका सृष्टि से संपर्क नहीं हो पाया। कई बार फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला।
चिंतित होकर परिवार ने एक परिचित व्यक्ति को उनके घर भेजा। वहां उन्हें बताया गया कि सृष्टि की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल ले जाया गया है।
जब तक सृष्टि के परिजन श्रीनगर से देहरादून पहुंचे, तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
परिवार ने लगाया सूचना नहीं देने का आरोप
सृष्टि के परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि उनकी मौत की सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गई।
परिवार का कहना है कि जब उन्होंने इस बारे में सवाल किया तो उन्हें बताया गया कि घर के लोग अन्य कार्यों में व्यस्त थे, इसलिए सूचना नहीं दे सके।
परिजनों ने इस पूरे घटनाक्रम को संदेहास्पद बताते हुए निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
परिवार की शिकायत के आधार पर डोईवाला पुलिस ने सृष्टि के पति सौरभ रतूड़ी, उनकी सास परवीना देवी तथा ननद चारु के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें धारा 80(2) भी शामिल है, जो दहेज मृत्यु से संबंधित प्रावधानों से जुड़ी है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा।
वीडियो और फोरेंसिक जांच जारी
पुलिस के अनुसार, मामले में कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
इनमें शामिल हैं—
मृतका का कथित अंतिम वीडियो
पोस्टमार्टम रिपोर्ट
फोरेंसिक साक्ष्य
डिजिटल रिकॉर्ड
अन्य परिस्थितिजन्य प्रमाण
जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि मौत की परिस्थितियां क्या थीं और शिकायत में लगाए गए आरोपों का समर्थन करने वाले पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं या नहीं।
पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समाज के लिए गंभीर संदेश
यह घटना एक बार फिर वैवाहिक जीवन में मानसिक उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को सामने लेकर आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी प्रकार की मानसिक प्रताड़ना को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को लगातार अपमान, ताने या भावनात्मक दबाव का सामना करना पड़ रहा हो, तो समय रहते परिवार, मित्रों, कानूनी संस्थाओं या संबंधित सहायता सेवाओं से संपर्क करना बेहद महत्वपूर्ण है।
साथ ही, ऐसे मामलों में जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष मान लेना उचित नहीं होता। निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही सच्चाई सामने आती है।
फिलहाल देहरादून पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। मृतका द्वारा रिकॉर्ड किए गए कथित वीडियो, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस दुखद घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और कानून के अनुसार आगे क्या कार्रवाई की जाएगी


