गुवाहाटी: असम में बाढ़ का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ का पानी गांवों, सड़कों और निचले इलाकों में फैल गया है, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के ताजा आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, राज्य में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या 1,47,376 हो गई है, जबकि बाढ़ से संबंधित मौतों का आंकड़ा बढ़कर 99 पहुंच गया है। शनिवार को एक और मौत की पुष्टि की गई।
ASDMA के मुताबिक, राज्य के 12 जिलों के 460 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। लगातार जलभराव के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हुए हैं और प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव अभियान जारी है। जिला प्रशासन, राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं तथा प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।
12 जिलों में बाढ़ का असर
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, असम के सोनितपुर, नगांव, गोलाघाट, शिवसागर, होजाई, दरांग, जोरहाट, धेमाजी, चराइदेव, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और बिस्वनाथ जिले बाढ़ से प्रभावित हैं।
इनमें गोलाघाट सबसे अधिक प्रभावित जिला बना हुआ है। यहां करीब 61,735 लोग बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे हैं। इसके बाद शिवसागर में 43,492 और जोरहाट में 24,283 लोग प्रभावित हैं। कई इलाकों में सड़कों और निचले क्षेत्रों में पानी भरने के कारण आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का काम जारी है। बाढ़ के कारण कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, करीब 10,599.89 हेक्टेयर फसल क्षेत्र अभी भी पानी में डूबा हुआ है।
राहत शिविरों में हजारों लोग
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों और राहत वितरण केंद्रों की व्यवस्था की है। इससे पहले शुक्रवार को राज्य में 53 राहत शिविर संचालित किए जा रहे थे, जहां 8,568 विस्थापित लोगों ने शरण ली थी। इसके अलावा 41 राहत वितरण केंद्र भी काम कर रहे थे।
प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित परिवारों को भोजन, पेयजल, दवाइयां और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराना है। जिन इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है, वहां राहत पहुंचाने के लिए स्थानीय प्रशासन और बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित दरांग जिले का दौरा किया और वहां जारी राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने बेंगाबारा और नाहरबारी सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
उन्होंने नोआ और कुलसी नदियों के किनारे क्षतिग्रस्त और टूटे हुए तटबंधों का भी निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से राहत कार्यों, जलस्तर और प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
इससे एक दिन पहले राज्य में 13 जिले बाढ़ से प्रभावित थे और प्रभावित आबादी की संख्या 1.55 लाख से अधिक थी। ताजा आंकड़ों में प्रभावित जिलों और लोगों की संख्या में कुछ कमी आई है, लेकिन कई क्षेत्रों में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
Samay Raina ने Assam राहत कोष में दिए 10 लाख रुपये
बाढ़ संकट के बीच कॉमेडियन और कंटेंट क्रिएटर समय रैना ने असम में राहत कार्यों के लिए आर्थिक मदद का हाथ बढ़ाया है। उन्होंने असम मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 लाख रुपये का योगदान दिया है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इस योगदान के लिए समय रैना का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर योगदान की जानकारी साझा की गई और RTGS लेनदेन संबंधी दस्तावेज भी जारी किया गया।
यह आर्थिक सहायता बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए चलाए जा रहे राहत एवं पुनर्वास प्रयासों में उपयोगी साबित हो सकती है।
Assam Weather Forecast: आगे कैसा रहेगा मौसम?
बाढ़ की स्थिति के बीच मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने चिंता बढ़ा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पूर्वोत्तर के कई राज्यों में आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, 8 से 11 अगस्त के बीच अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं असम और मेघालय में 10 और 11 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है।
इसके अलावा IMD ने बताया है कि 12 से 14 अगस्त के दौरान अरुणाचल प्रदेश में काफी व्यापक से व्यापक बारिश हो सकती है। इसी अवधि में असम और मेघालय में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 8 से 14 अगस्त के बीच बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
Assam में Thunderstorm और Lightning का अलर्ट
IMD के अनुसार, असम और मेघालय में 8 से 12 अगस्त के दौरान अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश में 8 अगस्त तथा 11-12 अगस्त को भी आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों—नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा—में भी कुछ दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित असम के लिए आने वाली बारिश चिंता का विषय बन सकती है। लगातार बारिश होने पर नदियों का जलस्तर बढ़ने, निचले इलाकों में जलभराव बढ़ने और राहत एवं बचाव कार्यों में मुश्किल आने की आशंका रहती है।
बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की नजर
असम में प्रशासन फिलहाल बाढ़ प्रभावित जिलों में हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। राहत शिविरों में रह रहे लोगों की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ जलस्तर और तटबंधों की स्थिति की निगरानी की जा रही है।
विशेषज्ञों और प्रशासन के लिए आने वाले कुछ दिन महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। यदि भारी बारिश होती है, तो पहले से जलमग्न क्षेत्रों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
फिलहाल राज्य में 99 लोगों की मौत, 1.47 लाख से अधिक प्रभावित आबादी और सैकड़ों जलमग्न गांवों के साथ बाढ़ संकट गंभीर बना हुआ है। सरकार और स्थानीय प्रशासन राहत एवं बचाव अभियान तेज करने में जुटे हैं, जबकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।


