Tuesday, September 22, 2026

Creating liberating content

৯৩৩ স্কুল বন্ধ নয়,...

পড়ুয়া নেই, দীর্ঘদিন ধরে কার্যত অচল হয়ে পড়ে রয়েছে একের পর এক সরকারি...

ইরানকে ট্রাম্পের কড়া হুঁশিয়ারি,...

রাষ্ট্রসংঘের সাধারণ সভার মঞ্চ থেকে ইরানকে ফের কড়া হুঁশিয়ারি দিলেন মার্কিন প্রেসিডেন্ট ডোনাল্ড...

ডিসেম্বরেই দেশে ফিরবেন হাসিনা,...

বাংলাদেশের প্রাক্তন প্রধানমন্ত্রী শেখ হাসিনার দেশে ফেরা নিয়ে ফের জোরালো বার্তা। ২০২৬ সালের...

ধর্মীয় কারণে বন্দে মাতরম...

‘বন্দে মাতরম’ নিয়ে দেশজুড়ে তৈরি হওয়া বিতর্কে বড়সড় পর্যবেক্ষণ করল সুপ্রিম কোর্ট। ধর্মীয়...

सिर्फ 20 मिनट प्रकृति के बीच बिताने से मिल सकते हैं चौंकाने वाले स्वास्थ्य लाभ, जानिए कैसे बदलती है आपकी सेहत

आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में अधिकांश लोग तनाव, चिंता, अनिद्रा और मानसिक थकान जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। लंबे समय तक ऑफिस में काम करना, मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन के सामने घंटों बिताना और प्राकृतिक वातावरण से दूर रहना हमारी शारीरिक और मानसिक सेहत पर गहरा असर डाल रहा है। लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि इन समस्याओं का एक बेहद सरल और प्राकृतिक समाधान हमारे आसपास ही मौजूद है—प्रकृति।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति केवल 20 मिनट तक पार्क, बगीचे, जंगल या किसी हरियाली वाले स्थान पर समय बिताता है, तो उसके शरीर में कई सकारात्मक जैविक बदलाव शुरू हो जाते हैं। यह बदलाव केवल मन को शांत नहीं करते, बल्कि रक्तचाप कम करने, तनाव घटाने, प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करने और आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी मदद करते हैं।

सबसे अच्छी बात यह है कि इन फायदों के लिए आपको पहाड़ों की लंबी यात्रा या कई घंटों की ट्रैकिंग करने की आवश्यकता नहीं है। सप्ताह में कुछ दिन दोपहर के भोजन के समय पार्क में टहलना या किसी पेड़ के नीचे बैठकर कुछ मिनट बिताना भी आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक हो सकता है।

  1. प्रकृति में जाते ही शरीर खुद-ब-खुद होने लगता है शांत

जब आप हरे-भरे पेड़ों को देखते हैं, पक्षियों की मधुर आवाज सुनते हैं, पत्तियों की सरसराहट महसूस करते हैं या मिट्टी और पेड़ों की खुशबू लेते हैं, तब आपके शरीर का ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम सक्रिय रूप से प्रतिक्रिया करता है। यही तंत्र शरीर की कई अनैच्छिक प्रक्रियाओं जैसे दिल की धड़कन, रक्तचाप और सांस लेने की गति को नियंत्रित करता है।

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में जैव विविधता की प्रोफेसर बैरोनेस कैथी विलिस के अनुसार प्रकृति में कुछ समय बिताने से रक्तचाप कम होने लगता है, दिल की धड़कन अधिक संतुलित हो जाती है और शरीर स्वाभाविक रूप से आराम की स्थिति में पहुंच जाता है।

इसी कारण कई देशों में ग्रीन सोशल प्रिस्क्राइबिंग जैसी पहल शुरू की गई है, जिसमें लोगों को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सुधारने के लिए पार्कों और प्राकृतिक स्थानों में समय बिताने की सलाह दी जाती है। इससे लोगों की खुशी, मानसिक संतुलन और जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक सुधार देखा गया है।

  1. तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कम होने लगते हैं

प्राकृतिक वातावरण केवल मन को ही शांत नहीं करता बल्कि शरीर के हार्मोनल सिस्टम पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि हरियाली के बीच समय बिताने से शरीर में कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन का स्तर कम होने लगता है। यही हार्मोन चिंता, घबराहट और लगातार तनाव की स्थिति में अधिक मात्रा में बनते हैं।

एक शोध में पाया गया कि जो लोग तीन दिनों तक ऐसे कमरे में रहे जहां हिनोकी (जापानी साइप्रस) के प्राकृतिक तेल की सुगंध मौजूद थी, उनके शरीर में एड्रेनालिन का स्तर काफी कम हो गया। इतना ही नहीं, उनके रक्त में नेचुरल किलर सेल्स की संख्या भी बढ़ गई।

ये विशेष कोशिकाएं शरीर को वायरस और संक्रमण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आश्चर्य की बात यह रही कि शोध समाप्त होने के दो सप्ताह बाद भी इन कोशिकाओं का स्तर सामान्य से अधिक बना रहा।

यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय की प्रोफेसर मिंग कुओ के अनुसार प्रकृति शरीर में वही बदलाव करती है जिसकी उस समय सबसे अधिक आवश्यकता होती है। यदि शरीर तनाव में है तो वह उसे शांत करती है और यदि प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर है तो उसे मजबूत बनाने में मदद करती है।

उनका कहना है कि यदि कोई व्यक्ति लगातार तीन दिन प्राकृतिक वातावरण में बिताता है, तो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव एक महीने तक देखा जा सकता है। हालांकि छोटे समय के लिए प्रकृति में रहना भी लाभदायक साबित होता है।

  1. पेड़ों और मिट्टी की खुशबू भी बन सकती है दवा

हम अक्सर प्रकृति की सुंदरता को केवल आंखों से देखने तक सीमित मानते हैं, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रकृति की खुशबू भी हमारे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालती है।

पेड़ों, पौधों और मिट्टी से निकलने वाले प्राकृतिक जैविक यौगिक हवा में घुल जाते हैं। जब हम सांस लेते हैं तो इन यौगिकों के सूक्ष्म कण शरीर के भीतर पहुंचते हैं और रक्त प्रवाह तक पहुंच सकते हैं।

इन प्राकृतिक सुगंधों का प्रभाव केवल मानसिक शांति तक सीमित नहीं है बल्कि यह तनाव कम करने, मनोदशा बेहतर बनाने और प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय रखने में भी सहायक हो सकते हैं।

यही कारण है कि जंगलों या बगीचों में समय बिताने के बाद अधिकांश लोगों को मानसिक ताजगी, हल्कापन और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।

  1. आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को मिलता है प्राकृतिक सहयोग

आजकल लोग बेहतर पाचन और मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए महंगे प्रोबायोटिक सप्लीमेंट और हेल्थ ड्रिंक खरीदते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि प्रकृति स्वयं अच्छे बैक्टीरिया का एक विशाल स्रोत है।

मिट्टी, पौधों और प्राकृतिक वातावरण में ऐसे अनेक लाभकारी सूक्ष्मजीव मौजूद होते हैं जो हमारे शरीर के माइक्रोबायोम यानी आंतों में रहने वाले अच्छे बैक्टीरिया के संतुलन को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

प्रोफेसर कैथी विलिस बताती हैं कि ये वही प्रकार के अच्छे बैक्टीरिया हैं जिन्हें लोग प्रोबायोटिक उत्पादों के माध्यम से प्राप्त करने की कोशिश करते हैं।

वहीं संक्रमण विशेषज्ञ डॉ. क्रिस वैन टुलेकेन का मानना है कि प्राकृतिक वातावरण हमारे प्रतिरक्षा तंत्र को सुरक्षित तरीके से सक्रिय करता है। उनके अनुसार प्रकृति हमारे इम्यून सिस्टम को हल्की चुनौती देती है, जिससे शरीर संक्रमणों से लड़ने के लिए अधिक तैयार रहता है।

इसके अलावा पेड़ों और पौधों द्वारा छोड़े जाने वाले फाइटोनसाइड्स नामक प्राकृतिक रसायनों में रोगाणुरोधी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई प्रकार के संक्रमणों से बचाने में सहायक हो सकते हैं।

केवल 20 मिनट का निवेश, लंबे समय का स्वास्थ्य लाभ

विशेषज्ञों का निष्कर्ष स्पष्ट है कि प्रकृति के साथ बिताया गया थोड़ा-सा समय भी शरीर और मन दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है। चाहे आप सुबह पार्क में टहलें, दोपहर के भोजन के दौरान किसी पेड़ के नीचे बैठें या सप्ताहांत में किसी प्राकृतिक स्थान की सैर करें, हरियाली के बीच बिताए गए कुछ मिनट तनाव कम करने, दिल को स्वस्थ रखने, प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत करने, मानसिक शांति बढ़ाने और आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

आधुनिक जीवनशैली में जहां मानसिक तनाव और शारीरिक बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, वहां प्रकृति एक ऐसी प्राकृतिक औषधि के रूप में सामने आ रही है, जो बिना किसी दवा, खर्च या दुष्प्रभाव के हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की क्षमता रखती है। केवल 20 मिनट का प्रकृति से जुड़ाव आपकी सेहत और जीवन की गुणवत्ता में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

Get notified whenever we post something new!

spot_img

Create a website from scratch

Just drag and drop elements in a page to get started with Newspaper Theme.

Continue reading

44 वर्षीय डॉक्टर ने बताए जवां रहने के छह आसान राज

उम्र बढ़ना जीवन की स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन स्वस्थ तरीके से बढ़ती उम्र का संबंध केवल त्वचा की देखभाल या महंगे उत्पादों से नहीं है। रोजमर्रा की जीवनशैली, खान-पान, नींद, तनाव, शारीरिक गतिविधि और मांसपेशियों की मजबूती लंबे समय...

राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा आगे, कांग्रेस से कानूनी जंग

राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अध्यक्षीय पदों के स्तर पर बड़ी बढ़त दर्ज की है, लेकिन इन चुनावों की कहानी केवल जीत और हार के आंकड़ों तक सीमित नहीं रही। नगर निकायों पर नियंत्रण...

फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज़ 2026 नौ अक्टूबर से शुरू

त्योहारी खरीदारी के मौसम का इंतजार कर रहे ग्राहकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। फ्लिपकार्ट ने अपने बहुप्रतीक्षित बिग बिलियन डेज़ 2026 की तारीखों की घोषणा कर दी है। इस वर्ष मुख्य बिक्री अभियान नौ अक्टूबर 2026...

Enjoy exclusive access to all of our content

Get an online subscription and you can unlock any article you come across.