भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार का कारोबारी सत्र कई अहम वैश्विक संकेतों के बीच शुरू होने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बावजूद गिफ्ट निफ्टी (GIFT NIFTY) में मजबूत बढ़त और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेज गिरावट भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक माहौल बना रही है। निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या निफ्टी50 (NIFTY50) सोमवार को 24,500 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर पाएगा या फिर ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली देखने को मिलेगी।
विश्लेषकों का मानना है कि बाजार की शुरुआती चाल सकारात्मक रह सकती है, लेकिन तकनीकी संकेत यह भी बता रहे हैं कि हालिया तेज रैली के बाद कुछ समय के लिए उतार-चढ़ाव और सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है।
कच्चे तेल में बड़ी गिरावट से बाजार को राहत
सोमवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह लगभग 82 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया।
कच्चे तेल में यह गिरावट उस समय आई जब अमेरिका ने ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई को टाल दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ शांति वार्ता फिर से शुरू होगी। इस खबर के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में तनाव कम हुआ और तेल की कीमतों पर दबाव देखने को मिला।
भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट सकारात्मक मानी जाती है। इससे आयात बिल कम हो सकता है, महंगाई पर दबाव घट सकता है और कई क्षेत्रों की कंपनियों को लागत में राहत मिल सकती है। यही कारण है कि भारतीय शेयर बाजार के लिए यह एक महत्वपूर्ण सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
अमेरिकी बाजारों में मजबूत तेजी
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजारों ने शानदार प्रदर्शन किया। तकनीकी कंपनियों में खरीदारी के दम पर प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ बंद हुए।
NASDAQ 100 में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त रही।
S&P 500 करीब 0.7 प्रतिशत मजबूत हुआ।
Dow Jones Industrial Average में लगभग 0.5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
अमेरिकी ई-कॉमर्स और टेक दिग्गज Amazon Inc. के शेयरों में 15 प्रतिशत से अधिक की उछाल देखने को मिली। कंपनी के बेहतर तिमाही नतीजों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर निवेश बढ़ाने की घोषणा ने तकनीकी शेयरों में उत्साह पैदा किया।
अमेरिकी बाजारों की मजबूती का असर वैश्विक निवेशकों के मनोबल पर भी देखने को मिला।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
जहां अमेरिका से सकारात्मक संकेत मिले, वहीं सोमवार सुबह एशियाई शेयर बाजारों में कमजोरी देखने को मिली।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) सूचकांक 3 प्रतिशत से अधिक टूट गया। वहीं जापान का निक्केई (Nikkei) भी 1.5 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
विश्लेषकों के अनुसार, सेमीकंडक्टर और चिप कंपनियों के शेयरों में हालिया तेज तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है। इसी कारण एशियाई बाजारों पर दबाव देखने को मिला।
हालांकि भारतीय बाजार पर इसका प्रभाव सीमित रहने की संभावना जताई जा रही है क्योंकि घरेलू बाजार को कच्चे तेल में गिरावट और गिफ्ट निफ्टी से मजबूत समर्थन मिल रहा है।
गिफ्ट निफ्टी ने दिए मजबूत संकेत
सोमवार सुबह करीब 7:50 बजे गिफ्ट निफ्टी लगभग 160 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
गिफ्ट निफ्टी की यह मजबूती इस बात का संकेत मानी जा रही है कि भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गैप-अप ओपनिंग के साथ हो सकती है।
यदि शुरुआती कारोबार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) और घरेलू निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है, तो निफ्टी 24,500 के स्तर की ओर बढ़ सकता है।
तकनीकी चार्ट क्या कहते हैं?
शुक्रवार को निफ्टी50 ने शानदार तेजी दिखाते हुए 24,300 के ऊपर बंद होने में सफलता हासिल की। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि सूचकांक दैनिक चार्ट पर 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (200 EMA) के ऊपर बंद हुआ।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, यह संकेत बाजार में फिर से सकारात्मक रुझान बनने का संकेत देता है।
हालांकि छोटे समयावधि (Hourly Chart) पर कुछ संकेत यह भी बताते हैं कि हालिया तेज तेजी के बाद बाजार थोड़ी थकान महसूस कर सकता है।
आरएसआई दे रहा है सावधानी का संकेत
तकनीकी विश्लेषण में Relative Strength Index (RSI) एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।
फिलहाल निफ्टी का RSI लगभग 67 के स्तर पर पहुंच चुका है। आमतौर पर 70 के आसपास का स्तर ओवरबॉट (Overbought) स्थिति माना जाता है।
इसका अर्थ यह नहीं कि बाजार तुरंत गिर जाएगा, लेकिन तेज तेजी के बाद कुछ समय के लिए सीमित दायरे में कारोबार या हल्का करेक्शन देखने को मिल सकता है।
कहां है मजबूत सपोर्ट?
ऑप्शन डेटा के अनुसार, 24,000 स्ट्राइक प्राइस के पुट ऑप्शन पर सबसे अधिक ओपन इंटरेस्ट मौजूद है।
यह संकेत देता है कि 24,000 का स्तर फिलहाल निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट का काम कर सकता है।
इसके अलावा 24,000 से 24,300 के बीच भी पुट ऑप्शनों में अच्छी ओपन इंटरेस्ट दिखाई दे रही है, जिससे संकेत मिलता है कि नीचे की ओर बाजार को मजबूत समर्थन मिल सकता है।
24,600 पर बड़ी चुनौती
दूसरी ओर, 24,600 स्ट्राइक प्राइस के कॉल ऑप्शन पर सबसे अधिक ओपन इंटरेस्ट दर्ज किया गया है।
इसका मतलब है कि यदि निफ्टी 24,500 के ऊपर जाता भी है, तो 24,600 के आसपास उसे मजबूत प्रतिरोध (Resistance) का सामना करना पड़ सकता है।
यदि इस स्तर के ऊपर टिकाऊ बढ़त मिलती है, तभी बाजार में नई तेजी का दौर शुरू होने की संभावना मजबूत होगी।
आज की संभावित ट्रेडिंग रणनीति
विश्लेषकों के अनुसार, सोमवार को बाजार की शुरुआत सकारात्मक रहने की संभावना है।
यदि निफ्टी 24,300 के ऊपर मजबूती बनाए रखता है, तो 24,500–24,600 की ओर बढ़त देखने को मिल सकती है।
यदि शुरुआती तेजी के बाद मुनाफावसूली आती है, तो 24,300 और 24,000 के स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट रहेंगे।
बैंकिंग, ऑटो, तेल विपणन कंपनियां और एविएशन सेक्टर कच्चे तेल में गिरावट का लाभ उठा सकते हैं।
वहीं आईटी शेयरों पर अमेरिकी टेक कंपनियों की मजबूती का सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
बाजार में फिलहाल सकारात्मक माहौल जरूर दिखाई दे रहा है, लेकिन तकनीकी संकेतकों के अनुसार ऊपरी स्तरों पर सतर्कता भी जरूरी है। वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कॉर्पोरेट नतीजे आज के कारोबार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
यदि सकारात्मक वैश्विक संकेत बने रहते हैं और घरेलू निवेशकों का भरोसा कायम रहता है, तो निफ्टी50 के लिए 24,500 का स्तर हासिल करना संभव हो सकता है। हालांकि विशेषज्ञों की राय है कि निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े दांव लगाने के बजाय तकनीकी स्तरों और बाजार की चाल पर नजर रखते हुए संतुलित रणनीति अपनानी चाहिए।


