सुबह की शुरुआत कैसे की जाए, इसका असर पूरे दिन की ऊर्जा, भूख, पाचन और मानसिक एकाग्रता पर पड़ सकता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ अक्सर सुबह उठने के बाद अपनाई जाने वाली आदतों को बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं। हाल ही में न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि वह हर सुबह खाली पेट कौन-सी तीन चीजें लेती हैं और उनका मानना है कि इससे उन्हें दिनभर सक्रिय, ऊर्जावान और बेहतर महसूस करने में मदद मिलती है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत दिनचर्या है और हर व्यक्ति की शारीरिक जरूरतें अलग होती हैं। इसलिए किसी भी नई डाइट या रूटीन को अपनाने से पहले डॉक्टर या योग्य न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।
सुबह 6 बजे से शुरू होती है उनकी दिनचर्या
दीपशिखा जैन ने बताया कि उनकी सुबह की शुरुआत तीन आसान लेकिन महत्वपूर्ण चीजों से होती है—
250 मिलीलीटर पानी
एक चम्मच वर्जिन नारियल तेल
एक कप ब्लैक कॉफी
उनके अनुसार, इन तीनों का क्रम भी महत्वपूर्ण है और प्रत्येक का शरीर पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है।
पहला कदम: 250 मिलीलीटर पानी
रात में लगभग 7 से 8 घंटे की नींद के दौरान शरीर को पानी नहीं मिलता। इस वजह से सुबह उठते समय शरीर में हल्का डिहाइड्रेशन होना सामान्य बात है।
दीपशिखा बताती हैं कि वह सबसे पहले लगभग 250 मिलीलीटर पानी पीती हैं।
इसके संभावित फायदे
रातभर की पानी की कमी पूरी करने में मदद मिल सकती है।
शरीर को हाइड्रेट रखने में सहायता मिलती है।
पाचन तंत्र सक्रिय होने लगता है।
सुबह की सुस्ती कम महसूस हो सकती है।
शरीर की सामान्य जैविक प्रक्रियाएं बेहतर तरीके से शुरू होती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी दिन की शुरुआत पर्याप्त पानी पीने से करने की सलाह देते हैं, हालांकि इसकी मात्रा व्यक्ति की उम्र, मौसम और स्वास्थ्य के अनुसार अलग हो सकती है।
दूसरा कदम: वर्जिन नारियल तेल
पानी पीने के बाद दीपशिखा एक चम्मच वर्जिन कोकोनट ऑयल (Virgin Coconut Oil) लेती हैं।
उनका कहना है कि सुबह सबसे पहले स्वस्थ वसा (Healthy Fat) लेने से रक्त शर्करा (Blood Sugar) को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि इससे उन्हें दिनभर कम भूख लगती है और चिड़चिड़ापन भी कम महसूस होता है।
स्वस्थ वसा क्यों महत्वपूर्ण है?
स्वस्थ वसा शरीर के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य करती है—
लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है।
ऊर्जा धीरे-धीरे मिलती है।
कुछ वसा-घुलनशील विटामिनों के अवशोषण में सहायता मिलती है।
भोजन के बाद अचानक ब्लड शुगर बढ़ने की संभावना कम हो सकती है।
हालांकि सभी लोगों के लिए खाली पेट नारियल तेल उपयुक्त हो, ऐसा जरूरी नहीं है। जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं, लिवर रोग या अन्य स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां हैं, उन्हें विशेषज्ञ की सलाह के बिना ऐसा नहीं करना चाहिए।
तीसरा कदम: ब्लैक कॉफी
दीपशिखा अपनी सुबह की दिनचर्या का समापन एक कप ब्लैक कॉफी से करती हैं।
उनके अनुसार, ब्लैक कॉफी उन्हें दिनभर अधिक सतर्क और एकाग्र रहने में मदद करती है।
उन्होंने बताया कि कॉफी में मौजूद कैफीन शरीर में सुबह होने वाली प्राकृतिक कॉर्टिसोल गतिविधि को बढ़ावा देने में मदद कर सकती है, जिससे ऊर्जा और मानसिक सक्रियता बेहतर महसूस होती है।
ब्लैक कॉफी के संभावित लाभ
यदि सीमित मात्रा में सेवन किया जाए तो ब्लैक कॉफी के कुछ संभावित फायदे हो सकते हैं—
सतर्कता बढ़ सकती है।
ध्यान केंद्रित करने में सहायता मिल सकती है।
थकान कम महसूस हो सकती है।
कार्य क्षमता में अस्थायी सुधार हो सकता है।
इसमें मौजूद पॉलीफेनॉल एंटीऑक्सीडेंट शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं।
क्या ब्लैक कॉफी आंत के लिए भी अच्छी है?
दीपशिखा का कहना है कि ब्लैक कॉफी में मौजूद पॉलीफेनॉल आंत (Gut) के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हो सकते हैं।
पॉलीफेनॉल प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर में कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं।
हालांकि केवल कॉफी पीने से आंत पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाती। संतुलित भोजन, पर्याप्त फाइबर, पर्याप्त पानी और नियमित व्यायाम भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
क्या यह रूटीन सभी लोगों के लिए सही है?
इस प्रश्न का उत्तर नहीं है।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति की—
उम्र,
स्वास्थ्य स्थिति,
पाचन क्षमता,
जीवनशैली,
कैफीन सहन करने की क्षमता,
पोषण संबंधी आवश्यकताएं
अलग-अलग होती हैं।
उदाहरण के लिए—
जिन लोगों को एसिडिटी रहती है, उनके लिए खाली पेट कॉफी उपयुक्त नहीं हो सकती।
कुछ लोगों को अधिक वसा का सेवन पाचन संबंधी परेशानी दे सकता है।
गर्भवती महिलाओं, उच्च रक्तचाप या कुछ अन्य चिकित्सीय स्थितियों वाले लोगों को कैफीन की मात्रा नियंत्रित रखनी चाहिए।
इसीलिए किसी भी व्यक्ति को केवल सोशल मीडिया पर देखी गई दिनचर्या को बिना विशेषज्ञ सलाह के अपनाना उचित नहीं माना जाता।
सुबह स्वस्थ शुरुआत के लिए सामान्य सुझाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सुबह की अच्छी शुरुआत के लिए कुछ सामान्य आदतों की सलाह देते हैं—
उठने के बाद पर्याप्त पानी पिएं।
पौष्टिक और संतुलित नाश्ता करें।
नियमित समय पर भोजन करें।
पर्याप्त नींद लें।
हल्की स्ट्रेचिंग या व्यायाम करें।
अत्यधिक चीनी और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से बचें।
दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें।
कौन हैं दीपशिखा जैन?
दीपशिखा जैन एक पोषण विशेषज्ञ (Nutritionist) हैं। उन्होंने यूनाइटेड किंगडम से ग्लोबल पब्लिक हेल्थ न्यूट्रिशन में एमएससी (MSc) की डिग्री प्राप्त की है। वह सर्टिफाइड नेशनल डायबिटीज एजुकेटर भी हैं।
उनकी विशेषज्ञता विशेष रूप से—
आंत (Gut Health),
पीसीओएस (PCOS),
टाइप-2 डायबिटीज,
वजन प्रबंधन
जैसे विषयों में मानी जाती है।
विशेषज्ञों की सलाह क्यों जरूरी है?
हालांकि सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तेजी से लोकप्रिय हो रही है, लेकिन हर व्यक्ति की शारीरिक आवश्यकताएं अलग होती हैं। किसी एक व्यक्ति के लिए लाभदायक दिनचर्या दूसरे व्यक्ति के लिए उपयुक्त हो, यह आवश्यक नहीं है।
इसलिए यदि आप अपनी सुबह की डाइट, वजन घटाने की योजना या किसी विशेष पोषण संबंधी बदलाव पर विचार कर रहे हैं, तो पहले योग्य डॉक्टर या पंजीकृत न्यूट्रिशनिस्ट से परामर्श लेना सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।
महत्वपूर्ण सूचना: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या, विशेष आहार या नई दिनचर्या शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


