भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देश के कई हिस्सों के लिए अगले सात दिनों का मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग के अनुसार, 2 से 8 सितंबर के बीच उत्तर, मध्य, पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ बहुत भारी वर्षा भी हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे इलाकों में बना निम्न दबाव का क्षेत्र मौसम की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है। इसके प्रभाव से 2 से 5 सितंबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, जबकि तेज बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका भी है।
उत्तर भारत में कई दिनों तक बारिश
उत्तर भारत के कई राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 2 से 5 सितंबर के बीच वर्षा हो सकती है। वहीं उत्तराखंड में 2 से 8 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।
पंजाब और पूर्वी राजस्थान में 2 से 8 सितंबर के दौरान बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिमी राजस्थान में 3 से 6 सितंबर के बीच वर्षा हो सकती है। इससे राजस्थान के कुछ हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 3 और 4 सितंबर को बारिश होने की संभावना है। इसके बाद इन क्षेत्रों में 5 से 8 सितंबर के बीच भी वर्षा के आसार हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2 से 5 सितंबर तक बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 और 7 सितंबर को कई स्थानों पर व्यापक वर्षा का अनुमान है।
मध्य और पूर्वी भारत में तेज बारिश के आसार
मध्य भारत में मध्य प्रदेश बारिश से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हो सकता है। राज्य में 2 से 8 सितंबर तक महत्वपूर्ण वर्षा होने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 2 से 5 सितंबर के दौरान बारिश की तीव्रता अधिक रह सकती है।
विदर्भ क्षेत्र में 2 से 6 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 2 सितंबर को अच्छी बारिश हो सकती है और इसके बाद 7 तथा 8 सितंबर को फिर से वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
बिहार और गंगीय पश्चिम बंगाल में 2 और 3 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में 8 सितंबर को भी बारिश का एक और दौर आ सकता है। बिहार के कुछ हिस्सों में 3 और 4 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।
झारखंड में 2 और 8 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 8 सितंबर तक वर्षा का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इन दोनों क्षेत्रों में 2 और 3 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी सक्रिय रहेगा मानसून
पूर्वोत्तर भारत में भी अगले एक सप्ताह के दौरान मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 2 से 8 सितंबर तक भारी बारिश हो सकती है।
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 6 सितंबर के बीच भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद 7 और 8 सितंबर को इन राज्यों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी और निचले इलाकों में स्थानीय स्तर पर जलभराव, भूस्खलन और यातायात संबंधी परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
दक्षिण और पश्चिम भारत में भी बारिश जारी
दक्षिण और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में भी अगले सात दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कोंकण और गोवा में 2 से 8 सितंबर तक भारी बारिश होने का अनुमान है।
गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र और कच्छ में भी इस अवधि के दौरान कई स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पैदा होने की संभावना है।
तटीय आंध्र प्रदेश, केरल, लक्षद्वीप, उत्तरी कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना के कई हिस्सों में भी 2 से 8 सितंबर के बीच बारिश होने का अनुमान है। कुछ क्षेत्रों में वर्षा की तीव्रता अधिक रह सकती है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान से स्पष्ट है कि सितंबर के पहले सप्ताह में देश के बड़े हिस्से में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रह सकती हैं। निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मध्य और पूर्वी भारत में बारिश तेज होने की संभावना है, जबकि उत्तर भारत, पूर्वोत्तर और दक्षिण-पश्चिम के कई क्षेत्रों में भी वर्षा का सिलसिला बना रह सकता है।
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है। किसानों के लिए भी लगातार बारिश को देखते हुए स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार कृषि गतिविधियों की योजना बनाना महत्वपूर्ण होगा।
कुल मिलाकर, 2 से 8 सितंबर के बीच देश के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां व्यापक रहने की संभावना है। बिहार के कुछ हिस्सों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल तथा सिक्किम में बहुत भारी बारिश की आशंका विशेष रूप से जताई गई है। वहीं मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर राज्यों, कोंकण-गोवा और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में भी भारी वर्षा का दौर देखने को मिल सकता है।


