Tuesday, August 11, 2026

Creating liberating content

Why Messi didn’t visit...

The Kerala government has completed its inquiry into the controversy over...

দুধের পনির আর অ্যানালগ...

পনির ভারতীয় রান্নাঘরের অত্যন্ত পরিচিত এবং জনপ্রিয় একটি খাবার। নিরামিষ খাবারে প্রোটিনের অন্যতম...

কালী রূপে আনন্দীর নাচ...

সোশাল মিডিয়ায় একটি নৃত্য পরিবেশন ঘিরে নতুন করে বিতর্কের সৃষ্টি হয়েছে। নৃত্যশিল্পী আনন্দী...

বাংলায় ‘ল্যান্ড জেহাদ’ রুখতে...

পশ্চিমবঙ্গে ‘ল্যান্ড জেহাদ’ বন্ধ করতে কড়া আইন আনার ঘোষণা করলেন মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী।...
Homeहिंदीबंगाल का 16...

बंगाल का 16 वर्षीय किशोर, पांच साल से पानी में

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से सामने आई एक असामान्य घटना ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी लोगों का ध्यान खींचा है। बेलडांगा क्षेत्र का 16 वर्षीय किशोर इकबाल शेख पिछले करीब पांच वर्षों से अपना अधिकांश समय तालाबों के पानी में बिताने का दावा करता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार वह लगातार चार से सात दिनों तक पानी में ही रहा है। दिन हो या रात, वह गांव के आसपास मौजूद तालाबों में ही रहना पसंद करता है।

किशोर का कहना है कि जैसे ही वह पानी से बाहर निकलता है और उसकी त्वचा हवा के संपर्क में आती है, उसके पूरे शरीर में तेज जलन और असहनीय पीड़ा शुरू हो जाती है। उसके अनुसार, पानी में वापस जाने के बाद यह परेशानी कुछ कम हो जाती है। इसी अनुभव को आधार बनाकर वह मानता है कि किसी जिन्न या अदृश्य शक्ति का उस पर प्रभाव है। हालांकि, उसके इस विश्वास के समर्थन में कोई वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है।

इकबाल की स्थिति का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय स्तर पर परिवार और लोगों ने अलग-अलग तरह की बातें कही हैं, लेकिन चिकित्सकीय जांच के बिना यह तय करना संभव नहीं है कि पानी में रहने और बाहर निकलने पर होने वाली जलन के पीछे कौन-सी बीमारी या शारीरिक समस्या है।

पानी से बाहर आते ही शुरू होती है परेशानी

इकबाल के अनुसार, पानी में रहने के दौरान उसे अपेक्षाकृत राहत महसूस होती है, जबकि बाहर निकलने पर शरीर में तेज जलन होने लगती है। इसी वजह से उसने तालाब में रहना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि किशोर कई बार कई दिनों तक लगातार पानी में रह चुका है। इस दौरान वह पूरी तरह पानी से बाहर नहीं आता और ग्रामीणों की ओर से उपलब्ध कराए गए भोजन पर निर्भर रहता है। चूड़ा, बिस्कुट और अन्य हल्के खाद्य पदार्थ लोग उसके लिए लेकर आते हैं।

उसकी इस असामान्य जीवनशैली ने गांव के लोगों में उत्सुकता भी पैदा कर दी है। कई ग्रामीण उसे देखने के लिए तालाब के आसपास जमा होते हैं। बच्चों और विद्यार्थियों के भी वहां पहुंचने की बात सामने आई है। इस तरह किशोर की परेशानी धीरे-धीरे स्थानीय कौतूहल का विषय बन गई है।

हालांकि तमाशा बनती इस स्थिति के बीच उसके स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता भी बढ़ रही है। लगातार कई दिनों तक पानी में रहने से शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर विशेषज्ञों की ओर से सावधानी जरूरी मानी जाएगी।

त्वचा पर दिखाई देने लगा पानी में रहने का असर

लंबे समय तक पानी में रहने के कारण इकबाल के हाथ-पैर और शरीर के दूसरे हिस्सों की त्वचा में भी बदलाव दिखाई देने की बात सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, उसकी त्वचा कई जगहों पर सफेद, फीकी और पानी में लंबे समय तक रहने के कारण सिकुड़ी हुई दिखाई देती है।

लगातार पानी में रहने से त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। लंबे समय तक नमी में रहने से त्वचा कमजोर होने, उसमें जलन होने और संक्रमण का खतरा बढ़ने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा किशोर को लगातार सर्दी और खांसी की शिकायत रहने की भी जानकारी सामने आई है।

यही कारण है कि स्थानीय स्तर पर लोग अब इसे केवल असामान्य व्यवहार या अंधविश्वास से जोड़कर देखने के बजाय उसके स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय मान रहे हैं।

जिन्न के प्रभाव का मानता है कारण

इकबाल का मानना है कि उसके शरीर में होने वाली जलन के पीछे किसी जिन्न या अदृश्य शक्ति का प्रभाव है। उसने कथित तौर पर अपने अनुभव को इसी विश्वास से जोड़ा है। हालांकि किसी व्यक्ति की ऐसी व्यक्तिगत धारणा को चिकित्सकीय कारण नहीं माना जा सकता।

अब तक ऐसी कोई प्रमाणित जानकारी सामने नहीं आई है जिससे यह साबित हो कि किसी अलौकिक शक्ति के कारण उसे पानी से बाहर निकलने पर जलन होती है। उसकी परेशानी के पीछे शारीरिक, त्वचा संबंधी या मनोवैज्ञानिक कारण हो सकते हैं, लेकिन इनकी पुष्टि केवल उचित चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकती है।

इसलिए इस घटना को अंधविश्वास के आधार पर समझने के बजाय किशोर को उचित चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना अधिक महत्वपूर्ण है। खासकर इसलिए क्योंकि वह बहुत कम उम्र का है और लंबे समय से अपने स्वास्थ्य के लिए संभावित रूप से जोखिम भरी परिस्थितियों में रह रहा है।

एक दुर्लभ त्वचा समस्या की संभावना भी

इकबाल की स्थिति के संबंध में एक संभावित चिकित्सकीय कारण के रूप में जल-संपर्क से होने वाली विशेष प्रकार की त्वचा समस्या का उल्लेख किया गया है। ऐसी स्थिति में पानी के संपर्क के बाद त्वचा पर तेज खुजली, जलन या असहजता हो सकती है। इसे चिकित्सकीय भाषा में जल-संपर्कजनित खुजली कहा जाता है।

हालांकि यह स्पष्ट करना बेहद जरूरी है कि इकबाल को ऐसी बीमारी होने की पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर केवल संभावना की चर्चा की गई है। इसलिए बिना चिकित्सकीय परीक्षण के उसे किसी विशेष बीमारी से जोड़ना उचित नहीं होगा।

चिकित्सक को उसकी त्वचा, शरीर की अन्य समस्याओं और पानी से बाहर आने के बाद होने वाले लक्षणों की विस्तृत जांच करनी होगी। जरूरत पड़ने पर त्वचा रोग विशेषज्ञ के साथ-साथ अन्य विशेषज्ञों की सलाह भी ली जा सकती है।

परिवार आर्थिक परेशानी से जूझ रहा

बताया गया है कि इकबाल के परिवार ने उसे स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दिखाया था। लेकिन आगे के इलाज और विस्तृत जांच के लिए परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

परिवार और स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर उसे तालाब से बाहर आने के लिए कई बार समझाने की कोशिश की। स्थानीय प्रशासन और रिश्तेदारों की ओर से भी उसे पानी से बाहर निकालकर उचित इलाज दिलाने के प्रयास किए गए, लेकिन किशोर लगातार पानी में वापस चला जाता है।

ऐसी स्थिति में केवल उसे पानी से बाहर आने के लिए मजबूर करना पर्याप्त नहीं होगा। उसकी परेशानी का कारण समझना और उसके विश्वास तथा मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना भी आवश्यक होगा।

ग्रामीणों की भीड़ से बढ़ रही चिंता

इकबाल की असामान्य दिनचर्या ने आसपास के लोगों के बीच काफी उत्सुकता पैदा कर दी है। लोग उसे देखने के लिए तालाबों के पास पहुंच रहे हैं। कई बच्चे भी उसे देखने के लिए वहां जमा होते हैं।

एक ओर यह लोगों की स्वाभाविक जिज्ञासा हो सकती है, लेकिन दूसरी ओर ऐसी भीड़ किशोर की निजता और मानसिक स्थिति पर असर डाल सकती है। किसी स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे नाबालिग व्यक्ति को लोगों के लिए मनोरंजन या कौतूहल का विषय बनाने के बजाय संवेदनशीलता के साथ सहायता देना जरूरी है।

लंबे समय तक पानी में रहना अपने आप में स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में परेशानी, त्वचा संबंधी समस्याएं, संक्रमण और अन्य शारीरिक जटिलताएं पैदा होने की आशंका हो सकती है। इसलिए उसकी स्थिति को गंभीरता से लेना जरूरी है।

अब सबसे जरूरी है सही चिकित्सकीय जांच

इकबाल शेख की कहानी कई सवाल खड़े करती है। क्या उसे वास्तव में पानी से बाहर निकलने पर कोई विशेष त्वचा संबंधी परेशानी होती है? क्या जलन किसी दूसरी शारीरिक समस्या का संकेत है? क्या लंबे समय तक पानी में रहने की आदत के पीछे कोई मनोवैज्ञानिक कारण भी हो सकता है? इन सभी सवालों के जवाब उचित जांच के बाद ही मिल सकते हैं।

फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि किशोर की परेशानी किसी जिन्न या अलौकिक शक्ति के कारण है। ऐसी धारणा उसके व्यक्तिगत विश्वास का हिस्सा हो सकती है, लेकिन वैज्ञानिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 16 वर्षीय किशोर पिछले कई वर्षों से ऐसी जीवनशैली में रह रहा है, जो उसके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सहायता उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।

यदि उसे विशेषज्ञ चिकित्सकों तक पहुंच, आवश्यक जांच और उचित उपचार मिल सके, तो उसकी समस्या के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सकता है। इसके साथ ही परिवार और किशोर को यह समझाना भी जरूरी होगा कि उसकी परेशानी को अंधविश्वास के बजाय चिकित्सकीय दृष्टि से समझने और उपचार करने की कोशिश की जाए।

इकबाल की कहानी फिलहाल रहस्य से ज्यादा एक ऐसे किशोर की स्वास्थ्य समस्या के रूप में देखे जाने की जरूरत है, जिसे तत्काल संवेदनशीलता, चिकित्सकीय जांच और उचित सहायता की आवश्यकता है।

Get notified whenever we post something new!

spot_img

Create a website from scratch

Just drag and drop elements in a page to get started with Newspaper Theme.

Continue reading

खेत में छिपाए पांच लाख, सालभर बाद मिले तबाह

राजस्थान के बालोतरा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के तरीके को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक किसान ने अपनी जमीन बेचकर मिले पांच लाख रुपये...

आठ में से पांच नहीं, आठ भारतीयों पर बड़ा खतरा:उच्च रक्तचाप!

उच्च रक्तचाप और रक्त शर्करा से जुड़ी समस्याओं को लंबे समय तक केवल अधिक उम्र के लोगों से जोड़कर देखा जाता रहा है। लेकिन अब कम उम्र के वयस्कों में भी ऐसे जोखिम दिखाई देने की चिंता बढ़ रही...

जेपीएससी-जेएसएससी सुधार की मांग पर छात्रों का जोरदार प्रदर्शन

झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार को जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं तथा प्रश्नपत्र लीक के मामलों को लेकर हजारों छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विधानसभा घेराव के लिए आगे बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने...

Enjoy exclusive access to all of our content

Get an online subscription and you can unlock any article you come across.