मथुरा/उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक व्यक्ति के लापता होने के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। पुलिस ने उसकी पत्नी, बेटी और बेटी के कथित प्रेमी को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, महिला ने कथित तौर पर अपने पति को नशीला पदार्थ मिला दूध पिलाकर बेहोश किया और इसके बाद पत्थर से उसके सिर पर वार किया। आरोप है कि इस वारदात में उसकी बेटी और बेटी के कथित प्रेमी ने भी उसका साथ दिया।
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों ने कथित तौर पर शव को यमुना नदी के किनारे जंगल क्षेत्र में ले जाकर जला दिया और बाद में अवशेषों को वहीं दफना दिया। हालांकि, पुलिस अभी तक कथित तौर पर मृतक के शव या अवशेषों को बरामद नहीं कर पाई है। लगातार बारिश के कारण तलाशी अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार ने बताया कि तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस की कई टीमें जंगल क्षेत्र में तलाश अभियान चला रही हैं। पुलिस का कहना है कि हत्या की पुष्टि के लिए शव या अवशेषों की बरामदगी महत्वपूर्ण होगी।
क्या है पूरा मामला?
गोविंद नगर थाना क्षेत्र के राधा-कृष्ण वाटिका, जयसिंहपुरा निवासी रामबाबू ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके छोटे भाई मनोज सोनी (42) की हत्या उसकी पत्नी नैना (40), छोटी बेटी भक्ति और भक्ति के कथित प्रेमी विमल चौधरी (22) ने की है।
शिकायत के अनुसार, मनोज को अपनी बेटी और उसके कथित प्रेमी के संबंध के बारे में जानकारी हो गई थी। वह इस रिश्ते के खिलाफ था और इसी मुद्दे को लेकर घर में विवाद भी हुआ था। आरोप है कि विवाद के बाद मनोज घर छोड़कर चला गया और इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला।
पुलिस के अनुसार, मनोज के लापता होने के बाद उसकी पत्नी नैना ने 21 अप्रैल को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालांकि, अगले ही दिन उसने यह आवेदन वापस ले लिया। पुलिस के मुताबिक, आवेदन वापस लेने के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया।
तीन सप्ताह तक नहीं मिला मनोज का सुराग
मनोज के लापता होने के करीब तीन सप्ताह बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो उसके बड़े भाई रामबाबू ने 9 मई को पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। बताया गया है कि लंबे समय तक जांच के बावजूद जब पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला, तो रामबाबू ने मुख्यमंत्री पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत की।
इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 11 जुलाई को मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और शुक्रवार को मनोज की पत्नी नैना, उसकी बेटी भक्ति और विमल चौधरी को हिरासत में लिया।
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मनोज के साथ वास्तव में क्या हुआ था और उसके कथित अवशेषों को जंगल के किस स्थान पर दफनाया गया।
पिता की पूछताछ के बाद सामने आया कथित खुलासा
रामबाबू के अनुसार, मनोज के लापता होने के बाद नैना अपनी बेटी को लेकर अपने मायके हाथरस चली गई थी। वहां नैना के पिता बृजमोहन को उसके व्यवहार को लेकर संदेह हुआ। रामबाबू का दावा है कि बृजमोहन ने जब अपनी बेटी से उसके पति के गायब होने को लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने कथित तौर पर पूरी घटना के बारे में जानकारी दी।
दावे के अनुसार, नैना ने बताया कि उसने मनोज को दूध में कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया था। जब मनोज बेहोश हो गया, तब उसने कथित तौर पर पत्थर से उसके सिर पर वार किया। आरोप है कि इस दौरान उसकी बेटी और बेटी का कथित प्रेमी भी उसके साथ थे।
इसके बाद तीनों कथित तौर पर शव को यमुना नदी के किनारे स्थित जंगल क्षेत्र में ले गए। पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, वहां शव को जलाया गया और बाद में उसके अवशेषों को जमीन में दफना दिया गया।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
तीन दिन से जंगल में शव की तलाश
पुलिस के अनुसार, गुरुवार रात से मनोज के कथित शव या अवशेषों की तलाश की जा रही है। जंगल में अलग-अलग स्थानों पर खुदाई भी की गई, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।
पुलिस की परेशानी यह भी है कि आरोपी कथित तौर पर उस सटीक स्थान की पहचान नहीं कर पा रहे हैं, जहां अवशेषों को दफनाने की बात कही गई है। इसके अलावा लगातार हो रही बारिश ने जमीन की खुदाई और तलाशी अभियान को और मुश्किल बना दिया है।
पुलिस लगभग छह किलोमीटर के क्षेत्र में जांच कर रही है। यह क्षेत्र मनोज के घर से लेकर यमुना नदी के किनारे तक फैला हुआ बताया गया है।
पुलिस ने हत्या की पुष्टि नहीं की
पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि फिलहाल मनोज की हत्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस का मुख्य प्रयास मनोज के शव या अवशेषों को बरामद करना है।
शव मिलने के बाद ही पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के जरिए मौत के कारण तथा घटनाक्रम से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब मिल सकेंगे। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना में वास्तव में कितने लोग शामिल थे और कथित वारदात के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।
फिलहाल मामले में आरोपियों के कथित कबूलनामे और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई शव की बरामदगी, घटनास्थल की पहचान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।


