Sunday, August 9, 2026

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ब्रेन ट्यूमर या स्ट्रोक:इन 10 संकेतों को न करें नजरअंदाज

नई दिल्ली: हमारा दिमाग शरीर के सबसे जटिल अंगों में से एक है। इसकी खासियत यह है कि कई बार यह किसी समस्या के शुरुआती दौर में अपने काम को दूसरे हिस्सों की मदद से संभाल लेता है। इसी वजह से ब्रेन ट्यूमर, स्ट्रोक, मल्टीपल स्केलेरोसिस, पार्किंसन रोग या डिमेंशिया जैसी न्यूरोलॉजिकल स्थितियों के शुरुआती संकेत बहुत हल्के हो सकते हैं और लोग उन्हें अक्सर तनाव, थकान, उम्र बढ़ने या नींद पूरी न होने से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं।

न्यूरोसर्जन डॉ. लालजी मंगुकिया, HCG Hospitals के अनुसार, याददाश्त, बोलने, चलने-फिरने, देखने या व्यवहार में लगातार या धीरे-धीरे बढ़ने वाले बदलावों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। हालांकि हर ऐसा लक्षण ब्रेन ट्यूमर या स्ट्रोक का संकेत नहीं होता, लेकिन अगर कोई बदलाव नया है, बार-बार हो रहा है या समय के साथ बढ़ रहा है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी हो सकता है।

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि मस्तिष्क का कौन-सा हिस्सा प्रभावित है। सिरदर्द, दौरे, मतली, उल्टी, व्यवहार या व्यक्तित्व में बदलाव, याददाश्त की समस्या, कमजोरी और दृष्टि या बोलने से जुड़ी परेशानी इसके संभावित संकेतों में शामिल हो सकते हैं।

  1. बार-बार या लगातार सिरदर्द

हर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का संकेत नहीं होता। सामान्य सिरदर्द कई कारणों से हो सकता है। लेकिन अगर सिरदर्द नया है, लगातार बना हुआ है, धीरे-धीरे बढ़ रहा है या पहले होने वाले सिरदर्द से अलग महसूस हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

विशेष रूप से सिरदर्द के साथ उल्टी, दृष्टि संबंधी परेशानी, दौरे, कमजोरी या व्यवहार में बदलाव जैसे अन्य लक्षण हों तो चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी हो सकता है।

  1. अचानक बोलने में दिक्कत

शब्दों को सही तरीके से बोलने में अचानक परेशानी, बोलने का लड़खड़ाना या सामने वाले की बात समझने में समस्या स्ट्रोक का महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत हो सकती है।

American Stroke Association के अनुसार अचानक बोलने या भाषा समझने में परेशानी होने पर स्ट्रोक की आशंका को गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में समय गंवाना खतरनाक हो सकता है।

  1. चेहरे का एक तरफ झुकना

अगर अचानक मुस्कुराने पर चेहरे का एक हिस्सा नीचे झुकता दिखाई दे या एक तरफ सुन्नपन महसूस हो, तो यह स्ट्रोक का संकेत हो सकता है।

परिवार के लोग ऐसी स्थिति में व्यक्ति को मुस्कुराने के लिए कहकर दोनों तरफ के चेहरे की समानता देख सकते हैं। चेहरे का अचानक झुकना B.E. F.A.S.T. स्ट्रोक पहचान प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  1. हाथ या पैर में अचानक कमजोरी

एक हाथ, पैर या शरीर के एक हिस्से में अचानक कमजोरी या सुन्नपन स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। खासकर जब यह शरीर के एक तरफ हो और अचानक शुरू हुआ हो।

ऐसे लक्षण कुछ समय बाद ठीक भी हो जाएं, तब भी उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अस्थायी लक्षण TIA यानी transient ischemic attack से जुड़े हो सकते हैं, जिसे भविष्य में स्ट्रोक के चेतावनी संकेत के रूप में देखा जाता है।

  1. देखने में अचानक बदलाव

अचानक धुंधला दिखाई देना, दो-दो दिखाई देना या एक या दोनों आंखों की दृष्टि में अचानक कमी आना न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकता है।

ब्रेन ट्यूमर के मामले में भी दृष्टि संबंधी समस्याएं धीरे-धीरे विकसित हो सकती हैं। वहीं स्ट्रोक में vision changes अक्सर अचानक शुरू हो सकते हैं। इसलिए लक्षण कब शुरू हुआ, यह जानकारी डॉक्टर के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है।

  1. चलने में परेशानी या संतुलन बिगड़ना

अचानक चक्कर आना, चलते समय संतुलन बिगड़ना या coordination में परेशानी स्ट्रोक के संभावित संकेत हो सकते हैं।

American Stroke Association स्ट्रोक के लिए B.E. F.A.S.T. में B यानी Balance Loss को महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत मानता है। यदि संतुलन की समस्या अचानक शुरू हुई है और इसके साथ बोलने, देखने या हाथ-पैर की कमजोरी जैसी परेशानी भी है, तो इसे आपात स्थिति माना जाना चाहिए।

  1. याददाश्त या सोचने की क्षमता में बदलाव

कभी-कभार चीजें भूल जाना सामान्य हो सकता है, लेकिन लगातार बढ़ती भूलने की समस्या, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई या सोचने के तरीके में स्पष्ट बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

ब्रेन ट्यूमर में memory और concentration से जुड़ी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं। इसी तरह कई अन्य न्यूरोलॉजिकल और मानसिक स्वास्थ्य स्थितियां भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकती हैं। इसलिए केवल एक लक्षण के आधार पर किसी बीमारी का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।

  1. व्यवहार या व्यक्तित्व में बदलाव

परिवार के सदस्य कभी-कभी मरीज से पहले यह महसूस कर सकते हैं कि उसके व्यवहार में बदलाव आया है। अचानक चिड़चिड़ापन, भ्रम, असामान्य व्यवहार या व्यक्तित्व में स्पष्ट बदलाव कई कारणों से हो सकते हैं।

ब्रेन के कुछ हिस्सों में होने वाली समस्याओं के कारण behavior और personality में बदलाव आ सकते हैं। यदि ऐसा बदलाव लगातार बना रहे या अन्य न्यूरोलॉजिकल लक्षणों के साथ दिखाई दे, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

  1. पहली बार दौरा पड़ना

किसी व्यक्ति को पहली बार seizure या दौरा पड़ना ऐसा लक्षण है जिसे तुरंत चिकित्सकीय जांच की जरूरत हो सकती है। ब्रेन ट्यूमर के संभावित लक्षणों में seizures शामिल हैं।

यदि पहली बार दौरा पड़ा है, दौरा सामान्य से अधिक देर तक चल रहा है या व्यक्ति बेहोशी के बाद सामान्य स्थिति में नहीं लौट रहा है, तो तत्काल चिकित्सा सहायता आवश्यक है।

  1. अचानक तेज सिरदर्द और कई लक्षण साथ आना

अचानक शुरू हुआ बेहद तेज सिरदर्द, खासकर जब उसके साथ बोलने में परेशानी, चेहरे का झुकना, हाथ-पैर की कमजोरी, भ्रम या देखने में समस्या हो, स्ट्रोक जैसी आपात स्थिति का संकेत हो सकता है।

American Stroke Association अचानक बिना ज्ञात कारण के गंभीर सिरदर्द को भी स्ट्रोक के संभावित चेतावनी संकेतों में शामिल करता है। ऐसे लक्षणों में इंतजार करने या घर पर स्थिति देखने के बजाय तुरंत आपात चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

B.E. F.A.S.T. याद रखें

स्ट्रोक के लक्षण पहचानने के लिए B.E. F.A.S.T. एक आसान तरीका है:

B – Balance: अचानक संतुलन बिगड़ना
E – Eyes: अचानक देखने में बदलाव
F – Face: चेहरे का एक तरफ झुकना
A – Arms: हाथ में अचानक कमजोरी या सुन्नपन
S – Speech: बोलने या समझने में परेशानी
T – Time: तुरंत आपात चिकित्सा सहायता लेना

स्ट्रोक में हर मिनट महत्वपूर्ण हो सकता है। American Stroke Association के अनुसार लक्षण दिखाई देने पर तुरंत आपात चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है, भले ही लक्षण कुछ देर बाद गायब क्यों न हो जाएं।

हर लक्षण का मतलब Brain Tumour नहीं

यह समझना बेहद जरूरी है कि सिरदर्द, भूलने की समस्या, चक्कर या दृष्टि में बदलाव होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को ब्रेन ट्यूमर है। ऐसे लक्षण माइग्रेन, संक्रमण, आंखों की समस्या, दवाओं के प्रभाव, नींद की कमी और कई अन्य स्थितियों में भी हो सकते हैं।

इसी तरह स्ट्रोक का निदान केवल लक्षणों से नहीं किया जाता। डॉक्टर जरूरत के अनुसार neurological examination और brain imaging जैसे CT या MRI सहित अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं।

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण भी ट्यूमर के प्रकार, आकार और मस्तिष्क में उसकी स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ मामलों में लक्षण बहुत धीरे-धीरे विकसित होते हैं।

कब तुरंत अस्पताल जाना चाहिए?

यदि किसी व्यक्ति में अचानक चेहरे का झुकना, एक तरफ कमजोरी, बोलने में परेशानी, अचानक दृष्टि में बदलाव, संतुलन बिगड़ना या बिना कारण बेहद तेज सिरदर्द शुरू हो जाए, तो इसे संभावित स्ट्रोक मानकर तत्काल आपात चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। लक्षण अपने-आप ठीक होने का इंतजार नहीं करना चाहिए।

निष्कर्ष

दिमाग से जुड़े कई रोग शुरुआत में बेहद छोटे बदलावों के रूप में सामने आ सकते हैं। इसलिए लगातार या बढ़ते हुए memory, speech, vision, movement और behavior changes को केवल stress या ageing मानकर छोड़ना सही नहीं है।

सबसे महत्वपूर्ण बात है लक्षणों के pattern और शुरुआत के समय पर ध्यान देना। धीरे-धीरे बढ़ने वाले लक्षणों के लिए डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेना जरूरी हो सकता है, जबकि अचानक शुरू होने वाले स्ट्रोक जैसे लक्षणों में तत्काल emergency care की आवश्यकता होती है।

यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है और किसी चिकित्सकीय निदान का विकल्प नहीं है।

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