नई दिल्ली/गाजियाबाद/मेरठ: कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। 7 अगस्त से 12 अगस्त तक एक्सप्रेसवे के एक महत्वपूर्ण हिस्से पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रहने से दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। कांवड़ यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन और ट्रैफिक एजेंसियां रूट डायवर्जन तथा सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रही हैं।
इसका सीधा असर स्कूली छात्रों, अभिभावकों, स्कूल बसों और रोजाना दिल्ली-एनसीआर के बीच सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार संबंधित इलाकों में स्कूलों की physical classes को अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया गया है। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि स्कूल की ओर से आने वाले आधिकारिक संदेश, पोर्टल अपडेट और परीक्षा संबंधी निर्देशों को नियमित रूप से जांचते रहें।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर क्यों लगा प्रतिबंध?
हर साल होने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के कई प्रमुख मार्गों पर भारी यातायात दबाव देखने को मिलता है। बड़ी संख्या में कांवड़िये हरिद्वार और आसपास के गंगा घाटों से जल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौटते हैं।
इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर यातायात को नियंत्रित किया जाता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पिछले कांवड़ यात्रा प्रबंधों में भी बड़े स्तर पर route mapping, traffic diversions और सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी।
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Delhi Traffic Police
इस बार भी दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर यात्रियों को सामान्य दिनों की तुलना में अलग यातायात व्यवस्था का सामना करना पड़ सकता है।
UP Gate से Kashi Toll Plaza तक यातायात प्रभावित
दिए गए ट्रैफिक प्लान के अनुसार UP Gate से Kashi Toll Plaza तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का महत्वपूर्ण हिस्सा सामान्य वाहनों के लिए प्रतिबंधित/प्रभावित रहेगा। ऐसे में इस रास्ते से रोजाना आने-जाने वाले वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना होगा।
यात्रियों के लिए Eastern Peripheral Expressway (EPE) और NH-9 जैसे वैकल्पिक मार्ग महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, इन रास्तों पर भी ट्रैफिक का दबाव बढ़ने की संभावना है। इसलिए किसी एक वैकल्पिक मार्ग को चुनने के बजाय यात्रा शुरू करने से पहले ताजा traffic advisory देखना बेहतर रहेगा।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की advisories में भी प्रमुख यातायात प्रतिबंधों के दौरान यात्रियों को यात्रा पहले से plan करने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी जाती रही है।
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गाजियाबाद और मेरठ में स्कूलों पर असर
एक्सप्रेसवे और आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध का असर स्कूल परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। गाजियाबाद, मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में कई स्कूलों को 12 अगस्त तक physical classes के संबंध में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना होगा।
ऐसे में अभिभावकों को यह समझना जरूरी है कि स्कूल बंद होने का मतलब हर स्थिति में ऑनलाइन पढ़ाई बंद होना नहीं है। कई स्कूल अपनी classes को online mode में जारी रख सकते हैं।
इसलिए छात्रों और अभिभावकों को स्कूल के official app, website, WhatsApp communication channel या अन्य अधिकृत माध्यम से मिलने वाले निर्देशों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
अगर किसी स्कूल में पहले से परीक्षा निर्धारित है, तो उसे स्वतः स्थगित मान लेना सही नहीं होगा। परीक्षा के संबंध में संबंधित स्कूल, बोर्ड या विश्वविद्यालय का आधिकारिक notification ही अंतिम माना जाना चाहिए।
स्कूल बस रूट में भी हो सकता है बदलाव
एक्सप्रेसवे बंद होने से school buses और अन्य public transport को भी वैकल्पिक routes अपनाने पड़ सकते हैं। इससे सामान्य यात्रा समय काफी बढ़ सकता है।
अभिभावकों को सलाह है कि वे सुबह स्कूल बस के pickup point और reporting time की जानकारी दोबारा जांच लें। यदि स्कूल ने route या timing में बदलाव किया है, तो पुराने schedule के आधार पर बच्चों को भेजने से बचें।
Traffic congestion की स्थिति में बच्चों को घर से पहले निकालना भी जरूरी हो सकता है। खासकर उन परिवारों को अधिक buffer time रखना चाहिए जिनके बच्चों की स्कूल बसें प्रतिबंधित मार्गों से होकर गुजरती हैं।
सुबह 7 बजे की यह Checklist रखें तैयार
अभिभावकों और रोजाना commute करने वालों के लिए सुबह की यात्रा से पहले कुछ जरूरी चीजें जांचना उपयोगी रहेगा।
सुबह 7 से 8 बजे के बीच ये अपडेट जरूर देखें:
स्कूल का latest notification
स्कूल बस route और timing
स्थानीय traffic advisory
पुलिस द्वारा जारी route diversion
वैकल्पिक मार्गों की traffic स्थिति
परीक्षा से जुड़ा कोई नया notification
online classes का schedule
मौसम और सड़क की स्थिति
कांवड़ यात्रा के दौरान traffic conditions तेजी से बदल सकती हैं। इसलिए रात में देखी गई route information सुबह भी वैसी ही रहे, यह जरूरी नहीं है।
परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए जरूरी सूचना
अगर किसी छात्र की board, university या institutional examination पहले से निर्धारित है, तो केवल स्कूल बंद होने की खबर देखकर परीक्षा को postponed न मानें।
परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के लिए उम्मीदवारों को अपना valid identity card और आवश्यक documents साथ रखने चाहिए। साथ ही exam centre तक पहुंचने के लिए पहले से alternative route तैयार रखना चाहिए।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि परीक्षा की तारीख और venue की पुष्टि संबंधित educational institution, board या university के official portal से की जाए।
अफवाहों और WhatsApp Forward से रहें सावधान
स्कूलों की छुट्टी, परीक्षा स्थगित होने या सड़क खुलने-बंद होने से जुड़ी कई तरह की जानकारियां सोशल मीडिया और messaging groups में तेजी से फैल सकती हैं।
ऐसी स्थिति में किसी WhatsApp forward या अनजान social media post को official announcement न मानें। स्कूल बंदी की पुष्टि संबंधित district administration या school authority से करें।
मेरठ जिला प्रशासन की official website पर district-level information और notifications उपलब्ध कराए जाते हैं, इसलिए स्थानीय प्रशासन की वेबसाइट/अधिकृत channels को प्राथमिक स्रोत के रूप में देखना बेहतर है।
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को अगले कुछ दिनों तक अपनी यात्रा सामान्य से अलग तरीके से plan करनी चाहिए।
यदि यात्रा जरूरी है, तो घर से निकलने से पहले traffic स्थिति देखना, पर्याप्त extra time रखना और वैकल्पिक route 12 अगस्त तक यातायात प्रतिबंध और route diversions आम यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। इसका असर गाजियाबाद और मेरठ के स्कूलों, school buses, daily commuters और परीक्षा देने सड़क के exact closure की अंतिम पुष्टि संबंधित जिला प्रशासन, स्कूल/बोर्ड और ट्रैफिक पुलिस के ताजा आधिकारिक आदेश तैयार रखना बेहतर होगा। जिन लोगों के पास public transport या metro का व्यावहारिक विकल्प है, वे उपलब्ध सेवाओं की स्थिति भी जांच सकते हैं।
वहीं, निजी वाहन से यात्रा करने वालों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए और traffic police द्वारा जारी diversion का पालन करना चाहिए।
निष्कर्ष
कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 7 से 12 अगस्त तक यातायात प्रतिबंध और route diversions आम यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। इसका असर गाजियाबाद और मेरठ के स्कूलों, school buses, daily commuters और परीक्षा देने वाले छात्रों पर भी पड़ सकता है।
ऐसे समय में सबसे जरूरी है कि लोग जल्दबाजी के बजाय official traffic updates और school notifications पर भरोसा करें। स्कूल बंद होने या ऑनलाइन classes शुरू होने की जानकारी के लिए संबंधित संस्थान के आधिकारिक संदेश को ही अंतिम मानें।
यात्रियों को EPE, NH-9 और अन्य उपलब्ध वैकल्पिक मार्गों की ताजा स्थिति देखकर अपनी यात्रा की योजना बनानी चाहिए। कांवड़ यात्रा के दौरान traffic व्यवस्था जरूरत के अनुसार बदल सकती है, इसलिए निकलने से ठीक पहले latest advisory देखना सबसे सुरक्षित तरीका रहेगा।
नोट: स्कूल बंदी, परीक्षा और किसी विशेष सड़क के exact closure की अंतिम पुष्टि संबंधित जिला प्रशासन, स्कूल/बोर्ड और ट्रैफिक पुलिस के ताजा आधिकारिक आदेश से करें। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पहले भी कांवड़ यात्रा के दौरान नियमित traffic advisories और diversions जारी करती रही है


