भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने एकदिवसीय क्रिकेट के अपने आदर्श बल्लेबाज की तस्वीर सामने रखी है। एक कार्यक्रम के दौरान कोहली से पूछा गया कि यदि उन्हें अलग-अलग बल्लेबाजी कौशल के आधार पर अपना आदर्श एकदिवसीय बल्लेबाज तैयार करना हो, तो वे किन खिलाड़ियों को चुनेंगे। कोहली ने क्रिकेट जगत के कई महान बल्लेबाजों के नाम लिए और उनके खास शॉट तथा बल्लेबाजी कौशल को अपनी पसंद बताया।
सबसे दिलचस्प चयन छक्के लगाने की क्षमता को लेकर रहा। इस श्रेणी में कोहली ने भारतीय कप्तान रोहित शर्मा का नाम नहीं लिया, बल्कि अपने पूर्व रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु साथी और वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल को चुना। गेल को लंबे और ऊंचे छक्के लगाने के लिए दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में गिना जाता रहा है।
कोहली और गेल ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए कई सत्र साथ बिताए थे। दोनों की बल्लेबाजी शैली अलग रही, लेकिन गेल की ताकतवर बल्लेबाजी और गेंद को मैदान के बाहर पहुंचाने की क्षमता ने उन्हें इस विशेष चयन के लिए कोहली की पसंद बना दिया।
सीधे बल्ले से शॉट के लिए सचिन तेंदुलकर
विराट कोहली ने सीधे बल्ले से लगाए जाने वाले शानदार प्रहार के लिए महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को चुना। तेंदुलकर का सीधा प्रहार क्रिकेट के सबसे खूबसूरत और तकनीकी रूप से शुद्ध शॉट में गिना जाता है।
कोहली स्वयं भी सीधे बल्ले से गेंद को सीमा रेखा के पार भेजने के लिए प्रसिद्ध हैं। इसके बावजूद इस श्रेणी में उन्होंने तेंदुलकर का नाम चुना। यह चयन तेंदुलकर के प्रति कोहली के सम्मान को भी दर्शाता है।
कवर क्षेत्र में लगाए जाने वाले प्रहार के लिए कोहली ने श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा को चुना। कवर के ऊपर से गेंद को खूबसूरती से सीमा रेखा तक पहुंचाना संगकारा की बल्लेबाजी की खास पहचान रही है।
दिलचस्प बात यह है कि कवर प्रहार को विराट कोहली के सबसे पसंदीदा और पहचान वाले शॉट में भी गिना जाता है। फिर भी अपने आदर्श बल्लेबाज को तैयार करते समय उन्होंने संगकारा को इस भूमिका के लिए चुना।
फ्लिक के लिए राहुल द्रविड़, कट के लिए सहवाग
विराट कोहली की सूची में भारतीय क्रिकेट के एक और महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ का नाम भी शामिल रहा। उन्होंने फ्लिक प्रहार के लिए द्रविड़ को चुना।
द्रविड़ को आमतौर पर उनकी मजबूत तकनीक, धैर्य और रक्षात्मक बल्लेबाजी के लिए याद किया जाता है। हालांकि, उनके पास गेंद की दिशा और गति के अनुसार शानदार फ्लिक खेलने की क्षमता भी थी।
कट प्रहार के लिए कोहली ने पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का नाम लिया। सहवाग अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और गेंदबाजों पर शुरुआती दबाव बनाने के लिए प्रसिद्ध रहे। छोटी या थोड़ी बाहर जाती गेंदों पर उनका कट प्रहार बेहद प्रभावशाली माना जाता था।
स्वीप के लिए मैथ्यू हेडन की पसंद
स्वीप प्रहार के लिए विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज मैथ्यू हेडन को चुना। हेडन अपनी ताकतवर बल्लेबाजी और आक्रामक शैली के लिए जाने जाते थे।
स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ हेडन का दबदबा विशेष रूप से देखने को मिलता था। उनका शक्तिशाली स्वीप प्रहार गेंदबाजों के लिए चुनौती पैदा करता था। कोहली का यह चयन हेडन की आक्रामक बल्लेबाजी क्षमता की पहचान माना जा सकता है।
इस तरह कोहली ने अलग-अलग शॉट के लिए अलग-अलग दौर के महान बल्लेबाजों को चुना और अपनी पसंद से एक ऐसा बल्लेबाज तैयार किया, जिसमें क्रिकेट के कई दिग्गजों की खूबियां शामिल हों।
छक्कों के लिए क्रिस गेल
जब सबसे लंबे और शक्तिशाली छक्के लगाने की बात आई, तो कोहली ने बिना किसी हिचकिचाहट के क्रिस गेल को चुना। गेल का नाम लंबे छक्कों के साथ लंबे समय से जुड़ा रहा है।
वेस्टइंडीज के इस विस्फोटक बल्लेबाज ने दुनिया भर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी ताकतवर बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेलते हुए भी गेल ने कई यादगार पारियां खेलीं।
कोहली भी लंबे समय तक उनके साथ इस दल का हिस्सा रहे। इसलिए गेल को इस श्रेणी के लिए चुनना उनके साथ बिताए गए समय और गेल की बल्लेबाजी क्षमता, दोनों से जुड़ा हुआ माना जा सकता है।
विकेटों के बीच दौड़ में एबी डिविलियर्स
विराट कोहली ने विकेटों के बीच तेजी से रन लेने की क्षमता के लिए अपने एक और पूर्व रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु साथी एबी डिविलियर्स को चुना।
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज डिविलियर्स मैदान पर अपनी असाधारण बल्लेबाजी के साथ-साथ तेजी से रन चुराने की क्षमता के लिए भी जाने जाते थे। उनके और कोहली के बीच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में कई यादगार साझेदारियां देखने को मिलीं।
कोहली की बनाई इस सूची में सचिन तेंदुलकर, कुमार संगकारा, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, मैथ्यू हेडन, क्रिस गेल और एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गज शामिल रहे।
रोहित शर्मा और महेंद्र सिंह धोनी सूची से बाहर
कोहली की इस पसंद में दो बड़े भारतीय नाम नजर नहीं आए। पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा को उन्होंने किसी भी श्रेणी में नहीं चुना।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि कोहली दोनों खिलाड़ियों की प्रतिभा या योगदान को कम आंकते हैं। कोहली ने स्वयं स्पष्ट किया कि उनके मन में कुछ खिलाड़ियों के लिए सम्मान हमेशा अलग और विशेष रहेगा।
महेंद्र सिंह धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विराट कोहली के पहले कप्तान रहे हैं। दूसरी ओर, रोहित शर्मा लंबे समय तक भारतीय टीम में उनके साथी रहे और दोनों ने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में साथ खेला।
कोहली ने धोनी और तेंदुलकर के प्रति अपने विशेष सम्मान को व्यक्त करते हुए कहा कि उनके लिए सचिन हमेशा सचिन रहेंगे और धोनी हमेशा उनके पहले अंतरराष्ट्रीय कप्तान रहेंगे। उनके अनुसार, ऐसी भावनाएं उनके भीतर कभी नहीं बदल सकतीं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ कोहली ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड
विराट कोहली के ये बयान वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी एक और रिकॉर्ड बनाने वाली पारी के बाद सामने आए। इस मुकाबले में उन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।
कोहली ने एकदिवसीय क्रिकेट में 15,000 रन पूरे करने के मामले में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ते हुए सबसे तेज बल्लेबाज बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इसके अलावा उन्होंने घरेलू मैदान पर एकदिवसीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने के मामले में भी तेंदुलकर के आंकड़े को पीछे छोड़ा।
लगातार रिकॉर्ड अपने नाम करने के बावजूद कोहली ने कहा कि वह अपने करियर को कभी ऐसी स्थिति के रूप में नहीं देखते जहां उन्हें लगे कि उन्होंने सब कुछ हासिल कर लिया है।
उनके अनुसार, वह खुद को ऐसा खिलाड़ी नहीं मानते जिसने अपनी यात्रा पूरी कर ली हो। उनके लिए हर नई पारी और हर नया मुकाबला आगे बढ़ने का एक और अवसर है।
अब अगली चुनौती दूसरे एकदिवसीय मुकाबले की
विराट कोहली अब वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में नजर आएंगे। यह मुकाबला 30 सितंबर को गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में खेला जाना है।
क्रिकेट प्रशंसकों की नजर एक बार फिर कोहली की बल्लेबाजी और उनके प्रदर्शन पर होगी। हाल के रिकॉर्ड ने उनकी एकदिवसीय क्रिकेट में निरंतरता को फिर चर्चा में ला दिया है।
वहीं, उनके द्वारा तैयार किए गए आदर्श बल्लेबाज की सूची ने भी क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा पैदा कर दी है। खास तौर पर छक्के लगाने के लिए क्रिस गेल का चयन और रोहित शर्मा का सूची में शामिल नहीं होना सबसे अधिक ध्यान आकर्षित करने वाला हिस्सा रहा।
कोहली की पसंद से यह भी पता चलता है कि एक महान बल्लेबाज की कल्पना केवल उसके कुल रनों से नहीं की जाती। अलग-अलग खिलाड़ियों की अलग-अलग विशेषताओं को मिलाकर उन्होंने जिस आदर्श बल्लेबाज की कल्पना की, उसमें तकनीक, आक्रामकता, शॉट चयन, तेजी और ताकत—क्रिकेट की लगभग हर महत्वपूर्ण बल्लेबाजी खूबी को जगह मिली है।


