मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए दूरसंचार क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ने ऐसे ग्राहकों के लिए रिचार्ज के विकल्प बढ़ाने का फैसला किया है, जिन्हें मोबाइल इंटरनेट की जरूरत बहुत कम होती है या जो मुख्य रूप से फोन कॉल और संदेश भेजने के लिए मोबाइल सेवा का इस्तेमाल करते हैं। नए नियमों के तहत दूरसंचार कंपनियों को केवल आवाज और संदेश की सुविधा वाले विशेष शुल्क वाउचर उपलब्ध कराने होंगे। इन वाउचर की वैधता संबंधित संयुक्त योजना के बराबर रखनी होगी और उनकी कीमत में भी उपयुक्त अनुपात में कमी करनी होगी। Trai+1
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ने 22 सितंबर 2026 को दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण के तेरहवें संशोधन विनियम, 2026 को जारी किया है। नए नियमों का उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प देना है जो इंटरनेट डेटा का इस्तेमाल नहीं करते या बहुत कम करते हैं। प्राधिकरण के अनुसार, यदि किसी कंपनी की किसी संयुक्त योजना में आवाज, संदेश और डेटा तीनों सुविधाएं शामिल हैं, तो उसी अवधि के लिए केवल आवाज और संदेश वाला विकल्प भी उपलब्ध कराना होगा। Trai
30 दिन या उससे कम अवधि पर भी मिलेगा विकल्प
नए नियम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू कम अवधि वाले रिचार्ज से जुड़ा है। यदि कोई दूरसंचार कंपनी 30 दिन या उससे कम अवधि की ऐसी विशेष शुल्क योजना उपलब्ध कराती है जिसमें आवाज, संदेश और डेटा शामिल हैं, तो उसे उसी अवधि के लिए केवल आवाज और संदेश वाली विशेष शुल्क योजना भी देनी होगी।
उदाहरण के लिए, यदि किसी कंपनी की संयुक्त योजना 28 दिनों के लिए उपलब्ध है, तो ग्राहकों को उसी 28 दिन की अवधि के लिए केवल आवाज और संदेश वाला विकल्प भी मिलना चाहिए। इसी तरह किसी अन्य अवधि की संयुक्त योजना उपलब्ध होने पर उसके अनुरूप केवल आवाज और संदेश वाला विकल्प भी देना होगा।
इस बदलाव का सीधा फायदा उन लोगों को हो सकता है जो अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से बातचीत और संदेश के लिए करते हैं। ऐसे ग्राहकों को अब ऐसी सेवाओं के लिए डेटा वाली योजना लेने की आवश्यकता कम हो सकती है, जिसकी इंटरनेट सुविधा वे इस्तेमाल ही नहीं करते।
कीमत में भी होगी अनुपातिक कमी
सिर्फ अलग योजना उपलब्ध कराना ही नए नियम का उद्देश्य नहीं है। प्राधिकरण ने यह भी निर्धारित किया है कि केवल आवाज और संदेश वाली विशेष शुल्क योजनाओं की कीमत संबंधित आवाज, संदेश और डेटा वाली योजना की तुलना में उचित अनुपात में कम होनी चाहिए।
इसका अर्थ है कि यदि किसी संयुक्त योजना में डेटा की सुविधा हटाई जाती है, तो उपभोक्ता को उसके लिए उसी कीमत का भुगतान नहीं करना चाहिए। हालांकि वास्तविक कीमत प्रत्येक दूरसंचार कंपनी द्वारा तय की जाएगी और वह योजना की सुविधाओं, वैधता तथा अन्य शुल्क संरचनाओं पर निर्भर करेगी।
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ने अपने मसौदा नियम में भी स्पष्ट किया था कि आवाज और संदेश वाली योजनाओं में संबंधित संयुक्त योजना की तुलना में काफी हद तक अनुपातिक शुल्क कटौती होनी चाहिए। अंतिम नियम में भी इसी सिद्धांत को शामिल किया गया है। Trai
महीने की एक निश्चित तारीख पर नवीनीकरण
नए नियमों में मासिक नवीनीकरण से जुड़ा प्रावधान भी महत्वपूर्ण है। दूरसंचार कंपनियों को कम से कम एक ऐसी केवल आवाज और संदेश वाली योजना उपलब्ध करानी होगी जिसका नवीनीकरण हर महीने उसी तारीख को हो।
यदि किसी महीने में वह तारीख मौजूद नहीं है, तो उस महीने की अंतिम तारीख को नवीनीकरण किया जा सकेगा। इससे उन ग्राहकों को सुविधा मिल सकती है जो महीने-दर-महीने मोबाइल सेवा का खर्च तय करना चाहते हैं।
मसलन, यदि किसी उपभोक्ता का रिचार्ज हर महीने की 15 तारीख को समाप्त होता है, तो अगली अवधि का नवीनीकरण भी उसी तारीख के आसपास निर्धारित तरीके से किया जा सकेगा। इससे अलग-अलग 28 या 30 दिन की अवधि के कारण तारीखों में लगातार बदलाव की परेशानी कम हो सकती है।
जियो, एयरटेल और वीआई पर क्या असर होगा
नए नियम देश की सभी संबंधित दूरसंचार कंपनियों पर लागू होंगे। इसका मतलब है कि रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और अन्य सेवा प्रदाताओं को अपनी विशेष शुल्क योजनाओं की संरचना की समीक्षा करनी होगी।
यह जरूरी नहीं है कि सभी कंपनियां एक जैसी कीमत या एक जैसे लाभ वाली योजनाएं पेश करें। नियम मुख्य रूप से यह सुनिश्चित करता है कि जिन वैधता अवधियों के लिए आवाज, संदेश और डेटा वाली विशेष शुल्क योजनाएं उपलब्ध हैं, उनके अनुरूप केवल आवाज और संदेश वाली योजनाएं भी उपलब्ध हों।
इसलिए उपभोक्ताओं को आने वाले समय में अलग-अलग कंपनियों के रिचार्ज विकल्पों की तुलना करने के अधिक अवसर मिल सकते हैं।
कम इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव
भारत में बड़ी संख्या में मोबाइल उपयोगकर्ता ऐसे हैं जिनका फोन इस्तेमाल इंटरनेट पर केंद्रित नहीं है। बुजुर्ग उपयोगकर्ता, सामान्य मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाले लोग, अतिरिक्त दूरभाष संख्या रखने वाले ग्राहक और वे लोग जिन्हें केवल फोन कॉल तथा संदेश की जरूरत होती है, इस बदलाव से विशेष रूप से प्रभावित हो सकते हैं।
ऐसे ग्राहकों के लिए डेटा वाली योजना का भुगतान करना हमेशा उपयोगी नहीं होता। यदि उन्हें केवल बातचीत और संदेश की आवश्यकता है, तो केवल इन्हीं सेवाओं पर आधारित कम कीमत वाली योजना उनके लिए अधिक उपयुक्त हो सकती है।
प्राधिकरण ने अपने मसौदा प्रस्ताव में कहा था कि उसे कम अवधि वाली केवल आवाज और संदेश योजनाओं की आवश्यकता को लेकर कई सुझाव मिले थे। इसी आधार पर प्रत्येक अलग वैधता अवधि के लिए संबंधित केवल आवाज और संदेश विशेष शुल्क वाउचर अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया था। Trai
नियम तुरंत लागू नहीं होंगे
हालांकि नए नियम जारी कर दिए गए हैं, लेकिन उनका प्रभाव उसी दिन से शुरू नहीं होगा। विनियमों के अनुसार ये नियम भारत के राजपत्र में आधिकारिक प्रकाशन की तारीख से 30 दिन बाद लागू होंगे। Trai
इसका मतलब है कि दूरसंचार कंपनियों को नए प्रावधानों के अनुसार अपनी योजनाओं और शुल्क संरचना में आवश्यक बदलाव करने के लिए एक निर्धारित अवधि मिलेगी। इसके बाद उपभोक्ताओं को संबंधित वैधता अवधियों के लिए केवल आवाज और संदेश वाले विकल्प उपलब्ध होने चाहिए।
पहले से मौजूद नियमों में किया गया विस्तार
यह बदलाव पूरी तरह नया ढांचा नहीं है। इससे पहले भी दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण नियमों में कम से कम एक ऐसी विशेष शुल्क योजना उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी जिसमें केवल आवाज और संदेश की सुविधा हो। हालांकि प्राधिकरण ने पाया कि बहुत कम संख्या में ऐसी योजनाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। Trai
इसी वजह से नए संशोधन में केवल एक योजना की अनिवार्यता से आगे बढ़कर अलग-अलग वैधता अवधियों से जुड़े विकल्पों को शामिल किया गया है। अप्रैल 2026 में जारी मसौदा संशोधन में भी प्राधिकरण ने इसी समस्या को आधार बनाया था। उस समय हितधारकों से सुझाव मांगे गए थे और अंतिम विनियम अब जारी किए गए हैं। Trai+1
उपभोक्ताओं को आगे क्या देखना चाहिए
नए नियम लागू होने के बाद मोबाइल ग्राहकों को अपने सेवा प्रदाता की रिचार्ज सूची में केवल आवाज और संदेश वाली योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए। विशेष रूप से 28 दिन, 30 दिन और अन्य उपलब्ध वैधता अवधियों के लिए कीमतों की तुलना करना उपयोगी रहेगा।
साथ ही यह देखना जरूरी होगा कि किसी योजना में कितने मिनट की बातचीत, कितने संदेश और कितनी वैधता मिल रही है। केवल योजना की कीमत देखकर फैसला करने के बजाय कुल मिलने वाली सुविधाओं की तुलना करना अधिक उपयोगी होगा।
कुल मिलाकर, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण का यह संशोधन उन मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए रिचार्ज विकल्प बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं है। नए नियमों के तहत दूरसंचार कंपनियों को संयुक्त योजनाओं की संबंधित वैधता अवधि के लिए केवल आवाज और संदेश वाली योजनाएं उपलब्ध करानी होंगी तथा उनके शुल्क में उचित अनुपातिक कमी करनी होगी। नियम राजपत्र में प्रकाशन के 30 दिन बाद प्रभावी होंगे।


