Monday, September 14, 2026

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मुंबई की सात झीलों में 96.45 प्रतिशत पानी भरा

मुंबई में इस समय पानी की उपलब्धता की स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। शहर को जलापूर्ति करने वाली सात प्रमुख झीलों में कुल उपयोगी जल भंडारण उनकी क्षमता का 96.45 प्रतिशत पहुंच गया है। बुधवार, 9 सितंबर की सुबह 6 बजे दर्ज आंकड़ों के अनुसार, इन सातों जलाशयों में कुल 13,95,974 मिलियन लीटर पानी मौजूद था। इन जलाशयों की कुल उपयोगी जीवित भंडारण क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है।

मुंबई महानगर की जलापूर्ति के लिए इन सात झीलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। बारिश के मौसम में इन जलाशयों में जमा पानी पूरे वर्ष शहर की पेयजल जरूरतों को पूरा करने में अहम योगदान देता है। इस वर्ष भी अधिकांश जलाशयों में पानी का स्तर उनकी कुल उपयोगी क्षमता के करीब बना हुआ है।

हालांकि, पिछले वर्ष की तुलना में इस समय कुल जल भंडार थोड़ा कम है। पिछले वर्ष 9 सितंबर को सातों झीलों में कुल 14,12,235 मिलियन लीटर पानी था, जो उनकी उपयोगी क्षमता का 97.57 प्रतिशत था। वर्ष 2024 में इसी तारीख को जल भंडार 14,18,776 मिलियन लीटर, यानी कुल क्षमता का 98.02 प्रतिशत था।

ऊपरी वैतरणा में 92.35 प्रतिशत पानी

ऊपरी वैतरणा जलाशय में बुधवार को जलस्तर 602.96 मीटर दर्ज किया गया। इसकी पूर्ण आपूर्ति ऊंचाई 603.51 मीटर है। पिछले 24 घंटे में इसके जलस्तर में 0.03 मीटर की वृद्धि हुई।

जलाशय में कुल 2,09,688 मिलियन लीटर पानी मौजूद था, जो इसकी उपयोगी भंडारण क्षमता का 92.35 प्रतिशत है। इसकी कुल उपयोगी क्षमता 2,27,047 मिलियन लीटर है।

9 सितंबर को यहां 6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस वर्ष अब तक कुल वर्षा 3,790 मिलीमीटर पहुंच चुकी है।

पिछले वर्ष इसी दिन ऊपरी वैतरणा में 2,22,708 मिलियन लीटर पानी था, जो 98.09 प्रतिशत क्षमता के बराबर था। वर्ष 2024 में भी जलाशय में 98.30 प्रतिशत पानी मौजूद था।

मोडक सागर में 97.20 प्रतिशत भंडारण

मोडक सागर का जलस्तर बुधवार को 162.66 मीटर दर्ज किया गया। इसकी पूर्ण आपूर्ति ऊंचाई 163.15 मीटर है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 0.07 मीटर की कमी आई।

जलाशय में 1,25,313 मिलियन लीटर पानी मौजूद था, जो इसकी उपयोगी क्षमता का 97.20 प्रतिशत है। इसकी कुल उपयोगी भंडारण क्षमता 1,28,925 मिलियन लीटर है।

9 सितंबर को यहां बारिश नहीं हुई, जबकि इस वर्ष अब तक कुल वर्षा 3,108 मिलीमीटर दर्ज की गई है।

पिछले वर्ष इसी तारीख को मोडक सागर पूरी तरह भरा हुआ था और इसमें 1,28,925 मिलियन लीटर पानी मौजूद था। वर्ष 2024 में भी यह लगभग पूरी क्षमता पर था।

तानसा में 98.53 प्रतिशत पानी

तानसा झील का जलस्तर बुधवार को 128.52 मीटर रहा। इसकी पूर्ण आपूर्ति ऊंचाई 128.63 मीटर है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 0.01 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई।

झील में 1,42,946 मिलियन लीटर पानी मौजूद था, जो इसकी उपयोगी भंडारण क्षमता का 98.53 प्रतिशत है। इसकी कुल उपयोगी क्षमता 1,45,080 मिलियन लीटर है।

9 सितंबर को तानसा क्षेत्र में 2 मिलीमीटर बारिश हुई। इस वर्ष अब तक यहां कुल 2,814 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

पिछले वर्ष इसी दिन तानसा में 98.33 प्रतिशत पानी था, जबकि वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 98.37 प्रतिशत था। यानी इस वर्ष तानसा की स्थिति पिछले दोनों वर्षों के मुकाबले लगभग समान बनी हुई है।

मध्य वैतरणा में 96.04 प्रतिशत जल

मध्य वैतरणा जलाशय का जलस्तर 283.62 मीटर दर्ज किया गया। इसकी पूर्ण आपूर्ति ऊंचाई 285 मीटर है। पिछले 24 घंटे में इसके जलस्तर में 0.11 मीटर की गिरावट आई।

जलाशय में 1,85,871 मिलियन लीटर पानी था, जो इसकी उपयोगी क्षमता का 96.04 प्रतिशत है। इसकी कुल उपयोगी क्षमता 1,93,530 मिलियन लीटर है।

9 सितंबर को यहां बारिश नहीं हुई, जबकि वर्ष की कुल वर्षा 2,806 मिलीमीटर दर्ज की गई।

पिछले वर्ष इसी तारीख को मध्य वैतरणा में 96.55 प्रतिशत पानी था। वर्ष 2024 में यह 97.24 प्रतिशत था।

चार प्रमुख जलाशयों में 95.57 प्रतिशत पानी

ऊपरी वैतरणा, वैतरणा, तानसा और मध्य वैतरणा को मिलाकर कुल उपयोगी जल भंडारण 6,63,818 मिलियन लीटर है। यह इन चार जलाशयों की संयुक्त उपयोगी क्षमता 6,94,582 मिलियन लीटर का 95.57 प्रतिशत है।

तुलना करें तो पिछले वर्ष इसी तारीख को इन चारों जलाशयों में 6,81,128 मिलियन लीटर, यानी 98.06 प्रतिशत पानी मौजूद था। वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 6,83,005 मिलियन लीटर या 98.33 प्रतिशत था।

भातसा में 97.17 प्रतिशत जल

मुंबई की जलापूर्ति व्यवस्था में भातसा जलाशय का विशेष महत्व है। बुधवार को इसका जलस्तर 141.33 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसकी पूर्ण आपूर्ति ऊंचाई 142.07 मीटर है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 0.03 मीटर की वृद्धि हुई।

भातसा में कुल 6,96,735 मिलियन लीटर पानी मौजूद था। यह इसकी उपयोगी भंडारण क्षमता 7,17,037 मिलियन लीटर का 97.17 प्रतिशत है।

9 सितंबर को भातसा क्षेत्र में 10 मिलीमीटर बारिश हुई और इस वर्ष अब तक कुल वर्षा 2,590 मिलीमीटर दर्ज की गई।

पिछले वर्ष इसी दिन भातसा में 96.98 प्रतिशत पानी था, जबकि वर्ष 2024 में यह 97.63 प्रतिशत था।

विहार झील पूरी तरह भरी

विहार झील में बुधवार को 27,698 मिलियन लीटर पानी मौजूद था। यह इसकी कुल उपयोगी क्षमता का पूरा 100 प्रतिशत है। झील का जलस्तर 80.16 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसकी पूर्ण आपूर्ति ऊंचाई 80.12 मीटर है।

पिछले 24 घंटे में जलस्तर में कोई बदलाव नहीं हुआ। 9 सितंबर को यहां 3 मिलीमीटर बारिश हुई और इस वर्ष अब तक कुल 2,540 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है।

पिछले वर्ष और वर्ष 2024 में भी विहार झील पूरी तरह भरी हुई थी।

तुलसी झील में 95.98 प्रतिशत पानी

तुलसी झील का जलस्तर बुधवार को 138.94 मीटर दर्ज किया गया। इसकी पूर्ण आपूर्ति ऊंचाई 139.17 मीटर है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर में 0.01 मीटर की कमी आई।

झील में 7,723 मिलियन लीटर पानी मौजूद था, जो इसकी उपयोगी क्षमता 8,046 मिलियन लीटर का 95.98 प्रतिशत है।

9 सितंबर को यहां 3 मिलीमीटर बारिश हुई और वर्ष की कुल वर्षा 3,553 मिलीमीटर पहुंच गई है। पिछले वर्ष इसी तारीख को तुलसी झील पूरी तरह भरी हुई थी। वर्ष 2024 में भी इसमें 100 प्रतिशत पानी था।

मुंबई की जलापूर्ति के लिए राहत

सातों जलाशयों में 96.45 प्रतिशत पानी का होना मुंबई के लिए राहत की खबर है। हालांकि पिछले दो वर्षों की समान अवधि की तुलना में कुल भंडारण थोड़ा कम है, फिर भी वर्तमान जल स्थिति शहर की जलापूर्ति के लिहाज से मजबूत बनी हुई है।

मानसून के दौरान जलाशयों में पानी की आवक और जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाती है। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति के आधार पर इन जलाशयों का भंडार और बढ़ सकता है या घट सकता है।

फिलहाल विहार झील पूरी तरह भरी हुई है, जबकि तानसा, मोडक सागर और भातसा सहित कई अन्य जलाशय भी अपनी उपयोगी क्षमता के 97 प्रतिशत के आसपास हैं। ऐसे में मुंबई के लिए मौजूदा जल भंडार आगामी अवधि में जलापूर्ति को बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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