भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन भारतीय टीम को उस समय बड़ा झटका लगा, जब विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत बाएं हाथ की कलाई पर गेंद लगने के बाद मैदान से बाहर चले गए। पंत को श्रीलंका के तेज गेंदबाज लाहिरु कुमारा की तेज उछाल लेती गेंद लगी थी। दर्द के कारण उन्हें उपचार लेना पड़ा और बाद में वह चोटिल होकर बल्लेबाजी से हट गए।
यह घटना भारत की पहली पारी के 58वें ओवर में हुई। पंत उस समय केवल तीन रन बनाकर खेल रहे थे। कुमारा ने शरीर की ओर तेज और छोटी गेंद फेंकी। पंत ने उस गेंद को खींचकर खेलने की कोशिश की, लेकिन वह गेंद पर सही नियंत्रण नहीं बना सके और गेंद उनके बाएं हाथ की कलाई के पास जा लगी। चोट लगते ही पंत काफी दर्द में दिखाई दिए और उन्होंने तुरंत चिकित्सकीय सहायता मांगी।
कैसे लगी ऋषभ पंत को चोट?
पंत के मैदान पर आने के कुछ ही समय बाद यह घटना हुई। श्रीलंकाई गेंदबाज कुमारा ने तेज गति से छोटी गेंद डाली, जो पंत के शरीर की ओर तेजी से आई। पंत ने आक्रामक अंदाज में गेंद को खींचने का प्रयास किया, लेकिन गेंद उनके बल्ले के बीचोंबीच नहीं आई और उनके बाएं हाथ की कलाई के हिस्से से जा टकराई।
गेंद लगने के बाद पंत ने तुरंत अपना हाथ पकड़ा और दर्द में दिखाई दिए। भारतीय टीम के चिकित्सकीय दल ने मैदान पर पहुंचकर उनकी जांच की। उनकी कलाई पर बर्फ लगाई गई ताकि सूजन को नियंत्रित किया जा सके। कुछ समय के लिए हाथ पर पट्टी भी बांधी गई, लेकिन पंत की परेशानी पूरी तरह कम नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने मैदान से बाहर जाने का फैसला किया।
पंत को चोटिल होकर बल्लेबाजी से हटना पड़ा और उनकी जगह रवींद्र जडेजा बल्लेबाजी के लिए मैदान पर आए। पंत उस समय तीन रन बनाकर खेल रहे थे। उनकी चोट को लेकर भारतीय खेमे में स्वाभाविक रूप से चिंता पैदा हो गई, क्योंकि वह भारतीय टेस्ट टीम के बेहद महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं और विकेटकीपिंग तथा बल्लेबाजी दोनों में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
क्या दूसरे दिन बल्लेबाजी करेंगे पंत?
पंत की चोट को लेकर भारतीय प्रशंसकों के लिए राहत की खबर सामने आई है। भारतीय बल्लेबाजी प्रशिक्षक सितांशु कोटक ने दिन का खेल समाप्त होने के बाद पंत की स्थिति पर सकारात्मक जानकारी दी। उनके अनुसार, पंत की चोट गंभीर नहीं मानी जा रही है और उम्मीद है कि वह दूसरे दिन भारत की पारी आगे बढ़ने पर बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतर सकेंगे।
हालांकि, पंत की अंतिम उपलब्धता उनकी चोट की रातभर की स्थिति और चिकित्सकीय दल की जांच पर निर्भर करेगी। कलाई में दर्द या सूजन बढ़ने की स्थिति में टीम प्रबंधन अतिरिक्त सावधानी बरत सकता है। इसलिए दूसरे दिन मैदान पर उतरने से पहले पंत की स्थिति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
भारतीय टीम के पास विकेटकीपिंग के लिए ध्रुव जुरेल का विकल्प भी मौजूद है। ऐसे में अगर पंत को आगे किसी तरह की परेशानी होती है, तो टीम के पास विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालने के लिए दूसरा खिलाड़ी उपलब्ध है। फिर भी बल्लेबाजी में पंत की आक्रामक शैली और अनुभव को देखते हुए भारतीय टीम चाहेगी कि वह पूरी तरह स्वस्थ होकर ही आगे खेले।
पंत की चोट से क्यों बढ़ी चिंता?
ऋषभ पंत भारतीय टीम के लिए केवल विकेटकीपर नहीं हैं। टेस्ट क्रिकेट में वह निचले क्रम में तेजी से रन बनाने और मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। उनकी बल्लेबाजी विपक्षी टीम पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभाती है। ऐसे में उनकी चोट ने भारतीय समर्थकों की चिंता बढ़ा दी थी।
पंत के करियर में पहले भी चोटों के कारण लंबे समय तक मैदान से दूर रहने के दौर आए हैं। इसलिए जब वह दर्द में मैदान छोड़कर गए, तो भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के बीच उनकी चोट की गंभीरता को लेकर सवाल उठने लगे। हालांकि, मौजूदा जानकारी के अनुसार टीम प्रबंधन की ओर से मिली शुरुआती खबर राहत देने वाली है।
पहले दिन भारत का दबदबा
पंत के मैदान से बाहर जाने के बावजूद भारत ने दूसरे टेस्ट के पहले दिन शानदार बल्लेबाजी की और दिन का खेल मजबूत स्थिति में समाप्त किया। देवदत्त पडिक्कल ने शानदार शतक लगाते हुए 117 रन बनाए। यह उनके लिए इस श्रृंखला में बेहतरीन प्रदर्शन का एक और उदाहरण रहा। उन्होंने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों का सामना किया।
पडिक्कल ने कप्तान शुभमन गिल के साथ भी महत्वपूर्ण साझेदारी की। गिल ने अर्धशतक बनाया और दोनों बल्लेबाजों ने भारत की पारी को शुरुआती झटकों से उबारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भारत एक समय शुरुआती विकेट गंवाने के कारण दबाव में था, लेकिन पडिक्कल और गिल की साझेदारी ने स्थिति बदल दी।
पडिक्कल ने अपनी पारी के दौरान कई शानदार शॉट लगाए। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ नजर आया। इससे पहले भी उन्होंने श्रृंखला के पहले मुकाबले में प्रभावशाली पारी खेली थी और दूसरे टेस्ट में शतक लगाकर उन्होंने अपनी शानदार लय जारी रखी।
भारत ने 300 रन का आंकड़ा पार किया
पहले दिन का खेल समाप्त होने तक भारत ने पांच विकेट पर 300 रन बना लिए थे। पडिक्कल के शतक ने भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया, जबकि कप्तान गिल की अर्धशतकीय पारी भी बेहद महत्वपूर्ण रही। रवींद्र जडेजा ने 43 रन बनाकर उपयोगी योगदान दिया, लेकिन दिन के अंतिम हिस्से में वह आउट हो गए।
भारत पहले टेस्ट में जीत दर्ज कर श्रृंखला में बढ़त बना चुका है। इसलिए दूसरे टेस्ट में भी टीम की कोशिश श्रृंखला अपने नाम करने की होगी। पहले दिन की बल्लेबाजी के बाद भारत ने इस दिशा में मजबूत शुरुआत की है।
अब सबकी नजर दूसरे दिन पर
दूसरे दिन भारतीय पारी की शुरुआत होने पर सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए कब मैदान पर उतरते हैं। भारतीय बल्लेबाजी प्रशिक्षक की सकारात्मक जानकारी ने चिंता जरूर कम की है, लेकिन पंत की कलाई की स्थिति पर नजर बनी रहेगी।
यदि पंत बिना किसी परेशानी के बल्लेबाजी कर पाते हैं, तो यह भारतीय टीम के लिए बड़ी राहत होगी। दूसरी ओर, अगर दर्द या सूजन की समस्या बनी रहती है, तो टीम प्रबंधन उन्हें लेकर जोखिम नहीं लेना चाहेगा।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार पंत की चोट गंभीर नहीं मानी जा रही है और दूसरे दिन उनके बल्लेबाजी करने की उम्मीद है। अंतिम फैसला चिकित्सकीय जांच और उनकी शारीरिक स्थिति के आधार पर होगा।
भारत के लिए पहले दिन का प्रदर्शन कुल मिलाकर शानदार रहा। पंत की चोट ने जरूर चिंता पैदा की, लेकिन पडिक्कल के शतक, गिल के अर्धशतक और जडेजा के उपयोगी योगदान ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। अब भारतीय प्रशंसकों की नजर दूसरे दिन पंत की वापसी और भारत की पहली पारी के कुल स्कोर पर होगी।


