Monday, October 19, 2026

Creating liberating content

यूईएम जयपुर ने मानवता...

जयपुर में आयोजित मानवता के लिए दौड़ के दसवें संस्करण में यूनिवर्सिटी ऑफ...

अक्टूबर 2026 में पड़ेंगी...

सनातन हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।...

इंफोसिस और विप्रो में...

देश की प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनियों में शामिल इंफोसिस और विप्रो के...

स्वर्ग में कर्ण को...

महाभारत के महान योद्धाओं में कर्ण का नाम केवल उनकी वीरता और संघर्ष...
Homeहिंदीदक्षिणी क्षेत्रीय परिषद...

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में केंद्र और राज्यों के बीच साझा मुद्दों पर चर्चा

चेन्नई। केंद्रीय गृह मंत्री और दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद के अध्यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को तमिलनाडु में दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में दक्षिण भारत के कई प्रमुख राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि एक मंच पर दिखाई दिए। बैठक का आयोजन तमिलनाडु सरकार की मेजबानी में चेंगलपट्टु जिले के कोवलम स्थित ताज फिशरमैन कोव होटल में किया गया।

बैठक में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू समेत दक्षिणी राज्यों के प्रमुख नेता शामिल हुए। दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना के अलावा पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह तथा लक्षद्वीप जैसे केंद्रशासित प्रदेश शामिल हैं।

अमित शाह इस परिषद के अध्यक्ष हैं, जबकि उपाध्यक्ष का पद सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच बारी-बारी से निर्धारित होता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, परिषद का उपाध्यक्ष बनने का अवसर सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों को क्रमिक आधार पर मिलता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य क्षेत्रीय स्तर पर राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग को बढ़ावा देना है।

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच ऐसे विषयों पर संवाद स्थापित करना है, जिनका प्रभाव एक से अधिक राज्यों या पूरे क्षेत्र पर पड़ता है। परिषद के माध्यम से राज्यों के बीच विवादों, प्रशासनिक चुनौतियों और साझा हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाती है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारें इस मंच के माध्यम से अपने-अपने मुद्दे सामने रख सकती हैं और आपसी सहमति से समाधान तलाश सकती हैं।

पिछले 12 वर्षों में विभिन्न क्षेत्रीय परिषदों और उनकी स्थायी समितियों की 69 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इन बैठकों में राज्य सरकारों के साथ केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया है। क्षेत्रीय परिषदों को केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग मजबूत करने वाले महत्वपूर्ण संस्थागत मंच के रूप में देखा जाता है।

बैठक से पहले अमित शाह ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से मुलाकात भी की। अमित शाह ने सामाजिक माध्यम पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की 31वीं बैठक से पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस मुलाकात को बैठक से पहले केंद्र और तमिलनाडु सरकार के बीच समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।

बैठक में दक्षिणी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से जुड़े कई साझा विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। क्षेत्रीय परिषदों की भूमिका केवल विवादों के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि इनके माध्यम से राज्यों के बीच सहयोग, विकास और प्रशासनिक समन्वय को भी बढ़ावा दिया जाता है। जल, सीमा, परिवहन, बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास जैसे विषयों पर इस प्रकार के मंचों पर चर्चा की जा सकती है।

दक्षिणी क्षेत्रीय परिषद की बैठक के बाद अमित शाह के महाबलीपुरम जाने का कार्यक्रम भी रहा। वह वहां प्राचीन तट मंदिर परिसर का दौरा करने वाले थे। महाबलीपुरम, जिसे प्राचीन काल में मामल्लपुरम के नाम से भी जाना जाता है, दक्षिण भारत के प्रमुख ऐतिहासिक और स्थापत्य स्थलों में शामिल है।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार, महाबलीपुरम प्राचीन काल में एक महत्वपूर्ण समुद्री बंदरगाह था। पेरिप्लस और टॉलेमी के विवरणों में भी इस क्षेत्र का उल्लेख मिलता है। ऐतिहासिक प्रमाण बताते हैं कि इस बंदरगाह से भारतीय व्यापारी और उपनिवेशी दक्षिण-पूर्व एशिया की ओर समुद्री यात्रा करते थे।

महाबलीपुरम में स्थापत्य गतिविधियों के प्रमाण महेंद्रवर्मन प्रथम के काल तक जाते हैं। यहां स्थित प्राचीन मंदिर, शिलाखंडों पर उकेरी गई विशाल आकृतियां और अन्य स्थापत्य अवशेष दक्षिण भारतीय कला और वास्तुकला की समृद्ध परंपरा को दर्शाते हैं।

अमित शाह की अध्यक्षता में हुई यह बैठक ऐसे समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जब दक्षिणी राज्यों के बीच क्षेत्रीय विकास और केंद्र-राज्य संबंधों से जुड़े कई विषय लगातार चर्चा में रहते हैं। क्षेत्रीय परिषद जैसे मंच राज्यों को साझा समस्याओं पर प्रत्यक्ष संवाद का अवसर प्रदान करते हैं। इससे राज्यों और केंद्र के बीच सहयोग बढ़ाने तथा लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है।

बैठक में विभिन्न राज्यों के नेताओं की एक साथ मौजूदगी ने दक्षिण भारत की क्षेत्रीय राजनीति और प्रशासनिक समन्वय के लिहाज से भी ध्यान आकर्षित किया। अमित शाह, सी. जोसेफ विजय, डी.के. शिवकुमार और चंद्रबाबू नायडू की एक मंच पर मौजूदगी को बैठक की प्रमुख तस्वीरों में देखा गया।

Get notified whenever we post something new!

spot_img

Create a website from scratch

Just drag and drop elements in a page to get started with Newspaper Theme.

Continue reading

यूईएम जयपुर ने मानवता के लिए दौड़ में बढ़चढ़कर भाग लिया

जयपुर में आयोजित मानवता के लिए दौड़ के दसवें संस्करण में यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, जयपुर के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह आयोजन बॉम्बे अस्पताल, जयपुर के सहयोग से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम...

अक्टूबर 2026 में पड़ेंगी दो प्रमुख एकादशी, जानें तिथि पूजा विधि

सनातन हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। भगवान विष्णु को समर्पित इस तिथि पर श्रद्धालु व्रत रखते हैं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी का व्रत आत्मसंयम, भक्ति...

इंफोसिस और विप्रो में गिरावट, आईटी क्षेत्र पर बढ़ा दबाव

देश की प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनियों में शामिल इंफोसिस और विप्रो के शेयरों में मंगलवार को एक बार फिर भारी गिरावट देखने को मिली। लगातार बिकवाली के बीच दोनों कंपनियों के शेयर छह साल के निचले स्तर के...

Enjoy exclusive access to all of our content

Get an online subscription and you can unlock any article you come across.