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पुरुषों में पेशाब से जुड़े 7 लक्षण कभी नजरअंदाज न करें

पुरुष अक्सर अपनी सेहत से जुड़ी कई समस्याओं को तब तक नजरअंदाज करते रहते हैं, जब तक वे उनकी नींद, काम, रिश्तों या रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करना शुरू नहीं कर देतीं। खासकर urinary symptoms यानी पेशाब से जुड़ी समस्याओं को कई पुरुष उम्र बढ़ने का सामान्य हिस्सा मानकर टाल देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पेशाब करने की आदत या तरीके में लगातार होने वाले बदलावों को केवल “normal ageing” मानकर छोड़ना सही नहीं है।

CK Birla Hospitals के Additional Director – Urology and Renal Transplant, डॉ. लोकेश शर्मा, के अनुसार कई पुरुष urinary problems के बारे में बात करने में असहज महसूस करते हैं। यही झिझक डॉक्टर से मिलने में देरी का कारण बन सकती है और परिणामस्वरूप सही बीमारी की पहचान और उपचार में भी देर हो सकती है।

कमजोर urine flow, बार-बार पेशाब आना, पेशाब शुरू करने में कठिनाई, urine leakage या रात में बार-बार उठकर पेशाब करना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ये हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होते, लेकिन लगातार बने रहने पर इनकी medical evaluation जरूरी हो सकती है।

  1. पेशाब की धार कमजोर या बीच-बीच में रुकना

अगर पहले की तुलना में urine stream काफी कमजोर हो गई है या पेशाब करते समय धार बार-बार रुकती और फिर शुरू होती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

ऐसा Benign Prostatic Hyperplasia (BPH) यानी prostate gland के गैर-कैंसरकारी रूप से बढ़ने के कारण हो सकता है। उम्र बढ़ने के साथ prostate का आकार बढ़ सकता है और यह urethra पर दबाव डाल सकता है। इससे bladder से urine बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है।

हालांकि, कमजोर urine flow का कारण हमेशा prostate enlargement ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। इसलिए लगातार समस्या होने पर डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

  1. पेशाब शुरू करने में ज्यादा समय लगना

पेशाब करने की तीव्र इच्छा होने के बावजूद urine flow शुरू होने में काफी समय लगना भी ध्यान देने योग्य symptom है।

कई पुरुष इसे उम्र बढ़ने का सामान्य प्रभाव समझ लेते हैं, लेकिन urinary obstruction या prostate से जुड़ी समस्या इसके पीछे हो सकती है।

यदि बार-बार ऐसा हो रहा है, तो इसे “उम्र का असर” मानकर महीनों या वर्षों तक इंतजार करने के बजाय urologist से सलाह लेना उचित है।

  1. सामान्य से ज्यादा बार पेशाब आना

अगर आपको पहले की तुलना में बहुत अधिक बार पेशाब करने की जरूरत महसूस होने लगी है, तो इसके कई कारण हो सकते हैं।

Prostate enlargement के अलावा urinary tract infection, कुछ medications और अन्य urinary conditions भी बार-बार पेशाब आने का कारण बन सकती हैं।

इसलिए केवल prostate को दोष देना भी सही नहीं है। यदि urinary frequency में लगातार बदलाव आया है या यह आपकी daily routine को प्रभावित कर रहा है, तो medical evaluation जरूरी हो सकता है।

  1. रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना

रात में बार-बार उठकर पेशाब करने की समस्या को Nocturia कहा जाता है। यह पुरुषों में नींद की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

अगर किसी व्यक्ति को रात में कई बार बिस्तर छोड़कर bathroom जाना पड़े, तो उसकी sleep लगातार टूटती रहती है। लंबे समय में इसका असर energy, concentration, mood और overall quality of life पर पड़ सकता है।

Nocturia prostate problems के साथ दिखाई दे सकती है, लेकिन इसका कारण केवल BPH नहीं होता। इसलिए बार-बार रात में पेशाब आने की समस्या का वास्तविक कारण जानना महत्वपूर्ण है।

  1. पेशाब करने के बाद भी bladder खाली न होने का एहसास

कुछ पुरुषों को पेशाब करने के बाद भी लगता है कि bladder पूरी तरह खाली नहीं हुआ है। यदि यह sensation लगातार बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

Incomplete bladder emptying urine flow में रुकावट या अन्य urinary समस्या का संकेत हो सकता है। लंबे समय तक समस्या का पता न चलने पर underlying condition का diagnosis भी देर से हो सकता है।

अगर पेशाब करने के तुरंत बाद फिर से bathroom जाने की जरूरत महसूस होती है या bladder खाली न होने का एहसास लगातार बना रहता है, तो urologist से बात करना उपयोगी हो सकता है।

  1. पेशाब का लीक होना

पुरुषों में urinary incontinence यानी पेशाब का अनैच्छिक रूप से निकल जाना अक्सर शर्मिंदगी का कारण बनता है। इसी वजह से कई पुरुष इस समस्या के बारे में परिवार या डॉक्टर से भी बात नहीं करते।

लेकिन urine leakage के कई कारण हो सकते हैं। इनमें prostate-related problems और prostate treatment के बाद होने वाले प्रभाव भी शामिल हो सकते हैं।

यह समस्या केवल physical inconvenience नहीं है। इसके कारण नींद, काम, social activities और self-esteem पर भी असर पड़ सकता है। अच्छी बात यह है कि कई मामलों में urinary incontinence की जांच और उपचार संभव है।

  1. पेशाब में खून आना

Urine में blood यानी Hematuria ऐसा symptom है जिसे कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर यदि पेशाब में खून केवल एक बार दिखाई दिया हो या कोई दर्द न हो, तब भी medical evaluation जरूरी है।

पेशाब में खून urinary infection या kidney/urinary stones जैसी स्थितियों के कारण हो सकता है। लेकिन कुछ मामलों में यह अधिक गंभीर urological conditions से भी जुड़ा हो सकता है।

इसलिए “एक बार हुआ था, फिर ठीक हो गया” सोचकर इसे टालना उचित नहीं है। पेशाब का रंग लाल, गुलाबी या भूरे रंग का दिखे या स्पष्ट रूप से blood नजर आए तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

हर urinary problem सिर्फ prostate से जुड़ी नहीं

पुरुषों में urinary symptoms के लिए BPH एक सामान्य कारण हो सकता है, खासकर बढ़ती उम्र में। लेकिन हर समस्या का कारण prostate enlargement नहीं होता।

Urinary tract infections, prostatitis, bladder disorders, urethral narrowing, कुछ दवाएं और अन्य urological conditions भी समान symptoms पैदा कर सकती हैं।

CK Birla Hospitals- CMRI के Urologist डॉ. पंकज गुप्ता के अनुसार पुरुष कई बार तब डॉक्टर के पास पहुंचते हैं जब urinary या sexual health से जुड़ी समस्या उनकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगती है।

उन्होंने यह भी बताया कि painful urination या ejaculation, pelvic pain और penis या scrotum के आसपास दर्द जैसे symptoms को भी professional evaluation की जरूरत होती है।

कब तुरंत urologist से मिलना चाहिए?

हर urinary symptom emergency नहीं होता, लेकिन कुछ स्थितियों में तुरंत medical attention लेना जरूरी है।

अगर किसी पुरुष को पेशाब बिल्कुल नहीं हो पा रहा, urine में लाल या स्पष्ट blood दिखाई दे रहा है, तेज या लगातार urinary अथवा lower abdominal pain है, या urinary symptoms के साथ fever और chills हो रहे हैं, तो चिकित्सा सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

Urologist के पास जाने का मतलब यह नहीं है कि surgery की जरूरत पड़ेगी। डॉक्टर आम तौर पर पहले symptoms, medical history और lifestyle के बारे में जानकारी लेते हैं। इसके बाद physical examination और जरूरत के अनुसार tests किए जा सकते हैं।

कौन-कौन से टेस्ट हो सकते हैं?

स्थिति के अनुसार डॉक्टर urine tests, blood tests, ultrasound या prostate से संबंधित investigations की सलाह दे सकते हैं।

जांच का उद्देश्य यह पता लगाना होता है कि समस्या prostate enlargement, infection, bladder condition, obstruction या किसी अन्य कारण से जुड़ी है।

Treatment भी उसी आधार पर तय किया जाता है। हर patient के लिए एक जैसा treatment जरूरी नहीं होता।

BPH का इलाज हमेशा surgery नहीं

यदि जांच में BPH की पुष्टि होती है, तो उपचार समस्या की severity और patient की स्थिति पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में केवल monitoring और lifestyle changes पर्याप्त हो सकते हैं, जबकि अन्य मरीजों को medicines की जरूरत पड़ सकती है।

जिन लोगों में अधिक गंभीर समस्या होती है, उनके लिए minimally invasive procedures भी उपलब्ध हैं। डॉ. पंकज गुप्ता के अनुसार, UroLift system जैसी नई approaches ने selected patients के लिए treatment options का दायरा बढ़ाया है।

इसलिए urinary symptoms को लंबे समय तक सहते रहना या खुद से इलाज करना उचित नहीं है। समय पर diagnosis से समस्या का कारण समझने और उपयुक्त treatment चुनने में मदद मिल सकती है।

उम्र बढ़ना वजह हो सकती है, बहाना नहीं

उम्र बढ़ने के साथ कुछ urinary changes सामान्य रूप से दिखाई दे सकते हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हर symptom को बिना जांच के स्वीकार कर लिया जाए।

कमजोर urine flow, पेशाब शुरू करने में कठिनाई, बार-बार पेशाब आना, nocturia, incomplete bladder emptying, urine leakage और urine में blood—ये सातों ऐसे symptoms हैं जिन पर पुरुषों को ध्यान देना चाहिए।

विशेषकर यदि कोई लक्षण लगातार बना हुआ है, बढ़ रहा है या नींद, काम और दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा है, तो urologist से सलाह लेना समझदारी है। समय पर जांच का मतलब हमेशा गंभीर बीमारी नहीं होता, लेकिन गंभीर बीमारी होने की स्थिति में जल्दी पहचान महत्वपूर्ण हो सकती है।

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