चंडीगढ़ में प्रस्तावित बहुचर्चित आईफोन लंगर कार्यक्रम को प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बाद रोक दिया गया है। इस अनोखे आयोजन की घोषणा अमृतसर के कारोबारी और सामाजिक माध्यमों पर चर्चित राकेश ट्रेहान ने की थी, जिन्हें राजा डी किंग के नाम से जाना जाता है। कार्यक्रम में लोगों को प्रसाद के रूप में आईफोन वितरित करने की बात कही गई थी। आयोजन को लेकर पिछले कुछ दिनों से सामाजिक माध्यमों पर काफी चर्चा हो रही थी और बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी।
राकेश ट्रेहान के अनुसार, चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले इस विशेष आईफोन लंगर में 100 लोगों में से 10 भाग्यशाली लोगों को मुफ्त आईफोन दिए जाने थे। उन्होंने घोषणा की थी कि इस आयोजन में आईफोन 17 और उससे आगे के नए उपकरण वितरित किए जाएंगे। कार्यक्रम के लिए 22 सितंबर की तारीख तय की गई थी और दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच वितरण किए जाने की बात कही गई थी। यह आयोजन चंडीगढ़ और मोहाली के लोगों के लिए प्रस्तावित था।
राजा डी किंग ने अपने इस आयोजन को धार्मिक सेवा और प्रसाद वितरण से जोड़ते हुए कहा था कि उन्हें इसकी तारीख और अन्य विवरणों का संकेत ‘जय माता दी’ की ओर से मिला है। उनकी घोषणा सामने आने के बाद लोगों में इस कार्यक्रम को लेकर उत्सुकता बढ़ गई थी। हालांकि, प्रशासन ने अब सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण से जुड़ी चिंताओं के चलते आयोजन को रोकने का निर्देश दिया है।
कौन हैं राजा डी किंग
राकेश ट्रेहान को अमृतसर से जुड़े कारोबारी और सामाजिक माध्यमों पर सक्रिय व्यक्ति के रूप में जाना जाता है। वह राजा डी किंग नाम से अपनी गतिविधियां और सामाजिक कार्यों से संबंधित जानकारी साझा करते हैं। उनके बारे में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह स्वयं को आभासी मुद्रा के कारोबार से जुड़ा व्यक्ति और शेयर बाजार में पूर्व निवेशक बताते रहे हैं।
राकेश ट्रेहान इससे पहले भी अपने अनोखे सामाजिक सेवा कार्यक्रमों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। कुछ समय पहले उन्होंने चंडीगढ़ में पेट्रोल लंगर आयोजित करने की घोषणा की थी। इस कार्यक्रम के तहत वाहन चालकों को मुफ्त पेट्रोल उपलब्ध कराने की योजना बताई गई थी।
बताया गया था कि दोपहिया और तिपहिया वाहन चालकों को 500 रुपये के ईंधन कूपन दिए जाने थे, जबकि चार पहिया वाहन चालकों के लिए 1,000 रुपये तक के कूपन देने की बात कही गई थी। घोषणा के बाद कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए थे। भीड़ बढ़ने के कारण स्थिति को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण हो गया था और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था। इसके बाद संबंधित ईंधन केंद्र पर कार्यक्रम को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था।
पहले भी भीड़ के कारण विवादों में रहा आयोजन
राजा डी किंग के प्रस्तावित आईफोन लंगर को रोकने के पीछे भी प्रशासन ने मुख्य रूप से भीड़ और सुरक्षा से जुड़ी आशंकाओं को कारण बताया है। पेट्रोल लंगर के दौरान सामने आई भीड़ को देखते हुए प्रशासन को आशंका थी कि आईफोन वितरण कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो सकते हैं।
यदि सीमित संख्या में लोगों के लिए घोषित कार्यक्रम में अपेक्षा से कहीं अधिक लोग पहुंचते हैं, तो यातायात, कानून-व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। इसी कारण चंडीगढ़ प्रशासन ने प्रस्तावित आयोजन को अनुमति नहीं दी।
अपनी संपत्ति दान करने की बात कह चुके हैं
राकेश ट्रेहान इससे पहले अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा लोगों की सेवा में देने की घोषणा को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। उन्होंने एक मीडिया बातचीत के दौरान कथित तौर पर कहा था कि वह अपनी कुल संपत्ति का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा दान करना चाहते हैं।
बताया गया है कि उनके पास उनके पिता से मिली संपत्ति के अलावा उनकी स्वयं की अर्जित संपत्ति भी है। उन्होंने समाज सेवा और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल करने की इच्छा जताई थी।
इसके अलावा, उनके द्वारा चंडीगढ़ में जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री और 500 रुपये के नोट वितरित किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। इन गतिविधियों के कारण राजा डी किंग की पहचान सामाजिक सेवा से जुड़े आयोजनों के माध्यम से भी बनी है।
प्रशासन ने क्यों रोका आईफोन लंगर
प्रशासन की ओर से सामने आई जानकारी के अनुसार, चंडीगढ़ के उपायुक्त निशांत यादव ने पुलिस को प्रस्तावित कार्यक्रम को रोकने का निर्देश दिया। अधिकारियों की मुख्य चिंता संभावित भीड़ और उससे उत्पन्न होने वाली सुरक्षा संबंधी स्थिति को लेकर बताई गई है।
प्रशासन को आशंका थी कि मुफ्त आईफोन वितरण की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में लोग आयोजन स्थल पर पहुंच सकते हैं। ऐसी स्थिति में भीड़ को नियंत्रित करना कठिन हो सकता है और भगदड़ जैसी परिस्थिति उत्पन्न होने का खतरा पैदा हो सकता है।
निशांत यादव ने कथित तौर पर राकेश ट्रेहान को सुझाव दिया कि वह अपनी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल अन्य प्रकार की सामाजिक सेवा में करें। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम को रोकने का निर्णय सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया बताया गया है।
फिलहाल राकेश ट्रेहान की ओर से कार्यक्रम रोके जाने के संबंध में कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह प्रशासन के निर्णय के बाद किसी अन्य स्थान पर इसी प्रकार का आयोजन करेंगे या कार्यक्रम को पूरी तरह स्थगित करेंगे।
इस बीच, आईफोन लंगर की घोषणा और उसके बाद प्रशासन द्वारा आयोजन रोकने की खबर ने सामाजिक माध्यमों पर इस पूरे मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। मुफ्त आईफोन वितरण की घोषणा से लोगों में पैदा हुई उत्सुकता अब प्रशासन की सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण अलग दिशा में चली गई है।


