Friday, September 25, 2026

Creating liberating content

অভিষেকের বাড়ির গেটে ধাক্কা,...

কলকাতায় তৃণমূল সাংসদ অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায়ের কালীঘাটের বাড়ির গার্ডরেলে গাড়ি ধাক্কা দেওয়ার ঘটনায় চাকরি...

ওমানের কাছে জাহাজে হামলা,...

মধ্যপ্রাচ্যে চলতে থাকা সংঘাতের মধ্যে ফের বিপদের মুখে পড়ল বাণিজ্যিক জাহাজ। ওমানের পূর্ব...

গোবিন্দা-কমলকে ঘিরে জল্পনা, ক্রিপ্টিক...

গোবিন্দা ও অভিনেত্রী কোমলরানি স্বর্ণকারকে ঘিরে নতুন করে তৈরি হয়েছে জল্পনা। মুম্বইয়ের লালবাগচা...

ডেটা ছাড়াই কম মেয়াদের...

স্মার্টফোনে ইন্টারনেট ব্যবহার করেন না, অথচ মোবাইল রিচার্জ করতে গিয়ে ডেটার জন্যও টাকা...
Homeहिंदीदिशा सालियान मामले...

दिशा सालियान मामले में सीबीआई की नई जांच शुरू

दिशा सालियान की मौत से जुड़े बहुचर्चित मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच अपने हाथ में लेने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी ने सोमवार को मामले में औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज की। प्राथमिकी में हत्या और सामूहिक दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। मामले में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे सहित कई अन्य लोगों के नाम भी जांच के दायरे में रखे गए हैं।

दिशा सालियान दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व प्रबंधक थीं। जून 2020 में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद से ही यह मामला राजनीतिक विवाद और विभिन्न अटकलों का केंद्र बना हुआ है। दिशा की मौत के कुछ ही दिनों बाद सुशांत सिंह राजपूत की भी मृत्यु हो गई थी। दोनों घटनाओं के बीच समय का अंतर होने के कारण वर्षों से कई तरह के सवाल और दावे सामने आते रहे हैं।

प्राथमिकी में क्या कहा गया है

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दर्ज प्राथमिकी में दिशा सालियान की मौत से जुड़े घटनाक्रम और उसके बाद हुई जांच की प्रक्रिया की विस्तृत पड़ताल की मांग की गई है। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार के स्तर पर प्रभावशाली लोगों ने कथित साजिश और बाद में मामले को दबाने में भूमिका निभाई हो सकती है।

प्राथमिकी में तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और अन्य लोगों की कथित भूमिका की जांच किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, प्राथमिकी में किसी व्यक्ति का नाम शामिल होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। संबंधित आरोपों की सत्यता जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर निर्धारित होगी।

केंद्रीय एजेंसी से यह भी जांच करने को कहा गया है कि क्या मामले से जुड़े सरकारी दस्तावेज, पुलिस अभिलेख, फाइलें या अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड नष्ट किए गए, दबाए गए, बदले गए या कथित तौर पर तैयार किए गए थे। इसके अलावा सरकारी धन, कर्मचारियों और पुलिस तंत्र के कथित दुरुपयोग की संभावना की भी जांच के दायरे में रखा गया है।

कई चर्चित नाम जांच के दायरे में

प्राथमिकी में कई ऐसे नाम शामिल हैं, जिनकी कथित भूमिका या मामले की जांच के बाद के घटनाक्रम में उनकी गतिविधियों की पड़ताल की जानी है। इनमें आदित्य ठाकरे, रोहन राय, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के सुरक्षा कर्मी, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाजे, परमबीर सिंह, पुलिस उपायुक्त विशाल ठाकुर, उद्धव ठाकरे और अनिल देशमुख के नाम शामिल हैं।

इसके अलावा मालवणी थाने से जुड़े कई पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की बात प्राथमिकी में कही गई है। इनमें सहायक पुलिस निरीक्षक अशोक देवड़े, पुलिस निरीक्षक जगदेव कलापड़, पुलिस निरीक्षक शैलेंद्र नागरकर, पुलिस निरीक्षक चिमाजी आढाव और पुलिस निरीक्षक अर्जुन राजणे सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।

मामले से जुड़े चिकित्सकों और शव परीक्षण में कथित देरी की भी जांच प्रस्तावित है। चिकित्सक संजय जाधव और कलीना स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला से जुड़े अधिकारियों का भी उल्लेख प्राथमिकी में किया गया है। इनमें सहायक रासायनिक विश्लेषक एन. पी. भाले का नाम भी शामिल है।

इसके अतिरिक्त रीजेंट गैलेक्सी इमारत के सुरक्षा कर्मियों सहित कई अन्य लोगों की भूमिका की जांच किए जाने की बात कही गई है। इनमें सुशील कुमार यादव और शिवमुराद गौतम उर्फ मुन्ना सहित कई व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। प्राथमिकी में विशेष जांच दल के वरिष्ठ सदस्यों, जांच की निगरानी करने वाले वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और कुछ अज्ञात लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की मांग की गई है।

8 जून 2020 को हुई थी दिशा की मौत

दिशा सालियान की मृत्यु 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में एक ऊंची इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। उनकी मृत्यु को लेकर शुरुआती तौर पर दुर्घटना की दिशा में जांच की गई थी। बाद में इस घटना को लेकर कई सवाल उठे और विभिन्न दावे सामने आए।

दिशा की मृत्यु के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मुंबई स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए थे। दोनों घटनाओं के बीच कम समय का अंतर होने के कारण सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में दोनों मामलों को जोड़कर कई तरह के दावे किए गए बीच वास्तविक संबंध को लेकर अलग-अलग स्तर पर जांच और कानूनी प्रक्रियाएं चलती रही हैं। सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु की जांच बाद में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपी गई थी। एजेंसी ने बाद में आत्महत्या के निष्कर्ष के साथ मामले में अंतिम रिपोर्ट दाखिल की थी। यह की मौत के मामले में हालिया घटनाक्रम तब सामने आया जब बंबई उच्च न्यायालय ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपने का निर्देश दिया। न्यायालय ने इस बात पर भी सवाल उठाए कि लगभग छह वर्षों तक मुंबई।

हालांकि, इन दावों और घटनाओं के बीच वास्तविक संबंध को लेकर अलग-अलग स्तर पर जांच और कानूनी प्रक्रियाएं चलती रही हैं। सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु की जांच बाद में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपी गई थी। एजेंसी ने बाद में आत्महत्या के निष्कर्ष के साथ मामले में अंतिम रिपोर्ट दाखिल की थी। यह रिपोर्ट अभी अदालत के समक्ष लंबित बताई जाती है।

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद जांच तेज

दिशा सालियान की मौत के मामले में हालिया घटनाक्रम तब सामने आया जब बंबई उच्च न्यायालय ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपने का निर्देश दिया। न्यायालय ने इस बात पर भी सवाल उठाए कि लगभग छह वर्षों तक मुंबई पुलिस ने प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की।

न्यायालय ने अब तक की पुलिस जांच के तरीके पर भी गंभीर सवाल उठाए। सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी सामने आई कि पुलिस की जांच से कई सवालों के जवाब मिलने के बजाय स्वयं कई नए प्रश्न पैदा होते दिखाई दिए।

न्यायालय ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि इतने लंबे समय तक मामले को दुर्घटनाजनित मृत्यु की रिपोर्ट के रूप में क्यों रखा गया। जांच के दौरान सामने आए विभिन्न पहलुओं के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने के निर्णय की भी न्यायालय ने आलोचना की।

अब सामने आएंगे कई सवालों के जवाब

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद अब दिशा सालियान की मौत से जुड़े सभी पहलुओं की नए सिरे से जांच हो सकती है। एजेंसी घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों, चिकित्सकीय दस्तावेजों, पुलिस अभिलेखों, गवाहों के बयानों और उस समय की जांच प्रक्रिया की भीायरा पहले की तुलना में व्यापक हो सकता है। हालांकि, जांच पूरी होने और अदालत के समक्ष साक्ष्य समीक्षा कर सकती है।

मामले में दर्ज गंभीर आरोपों के कारण जांच का दायरा पहले की तुलना में व्यापक हो सकता है। हालांकि, जांच पूरी होने और अदालत के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत होने से पहले किसी भी आरोप को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।

फिलहाल इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की प्राथमिकी ने कई वर्षों से चले आ रहे विवाद को एक नया कानूनी मोड़ दे दिया है। आने वाले समय में जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि दिशा सालियान की मृत्यु के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और उनकी मृत्यु के बाद हुई जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या कथित दबाव की भूमिका थी या नहीं।

Get notified whenever we post something new!

spot_img

Create a website from scratch

Just drag and drop elements in a page to get started with Newspaper Theme.

Continue reading

44 वर्षीय डॉक्टर ने बताए जवां रहने के छह आसान राज

उम्र बढ़ना जीवन की स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन स्वस्थ तरीके से बढ़ती उम्र का संबंध केवल त्वचा की देखभाल या महंगे उत्पादों से नहीं है। रोजमर्रा की जीवनशैली, खान-पान, नींद, तनाव, शारीरिक गतिविधि और मांसपेशियों की मजबूती लंबे समय...

राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा आगे, कांग्रेस से कानूनी जंग

राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अध्यक्षीय पदों के स्तर पर बड़ी बढ़त दर्ज की है, लेकिन इन चुनावों की कहानी केवल जीत और हार के आंकड़ों तक सीमित नहीं रही। नगर निकायों पर नियंत्रण...

फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज़ 2026 नौ अक्टूबर से शुरू

त्योहारी खरीदारी के मौसम का इंतजार कर रहे ग्राहकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। फ्लिपकार्ट ने अपने बहुप्रतीक्षित बिग बिलियन डेज़ 2026 की तारीखों की घोषणा कर दी है। इस वर्ष मुख्य बिक्री अभियान नौ अक्टूबर 2026...

Enjoy exclusive access to all of our content

Get an online subscription and you can unlock any article you come across.