रविवार, 23 अगस्त को भारतीय महिला हॉकी टीम विश्व कप के एक बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया का सामना करेगी। यह मुकाबला भारत के लिए करो या मरो की स्थिति वाला है, क्योंकि सेमीफाइनल में पहुंचने की उसकी उम्मीदें इसी मैच के साथ-साथ नीदरलैंड और चीन के बीच होने वाले मुकाबले के नतीजे पर भी निर्भर हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों के पूल ई में एक-एक अंक हैं, जबकि नीदरलैंड छह अंक हासिल करके पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुका है।
भारतीय महिला टीम के सामने इतिहास रचने का भी सुनहरा अवसर है। भारतीय पुरुष या महिला, किसी भी हॉकी टीम ने पिछले 51 वर्षों से विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह नहीं बनाई है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत भारत को लंबे इंतजार के बाद इतिहास के बेहद करीब पहुंचा सकती है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच यह महत्वपूर्ण मुकाबला नीदरलैंड के एम्स्टेलवीन स्थित वेगेनर हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार मुकाबला रात 10 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा। स्थानीय समय के अनुसार नीदरलैंड में यह मुकाबला शाम सात बजे से खेला जाएगा।
भारत के लिए मुकाबले से पहले नीदरलैंड और चीन का मैच भी बेहद महत्वपूर्ण होगा। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम सात बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा। इस मैच का परिणाम भारत की आगे की संभावनाओं को काफी हद तक तय कर सकता है।
भारत को सबसे पहले यह उम्मीद करनी होगी कि चीन नीदरलैंड को हरा न पाए। यदि चीन नीदरलैंड को हरा देता है, तो उसके पांच अंक हो जाएंगे और भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदें वहीं समाप्त हो जाएंगी। दूसरी ओर, यदि चीन और नीदरलैंड का मुकाबला बराबरी पर समाप्त होता है या नीदरलैंड जीत हासिल करता है, तो भारत के पास ऑस्ट्रेलिया को हराकर आगे बढ़ने का अवसर रहेगा।
इस समीकरण के कारण भारतीय टीम को मैदान पर उतरने से पहले ही अपने लिए स्थिति का कुछ अंदाजा हो जाएगा। हालांकि भारतीय खिलाड़ियों का पूरा ध्यान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने प्रदर्शन पर रखना होगा। टीम के लिए सबसे सीधा लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया को हराना है।
नीदरलैंड के खिलाफ पिछले मुकाबले से भारतीय टीम को अपनी रक्षापंक्ति को लेकर काफी आत्मविश्वास मिला होगा। भारत ने उस मुकाबले में शुरुआती गोल गंवा दिया था, लेकिन उसके बाद रक्षापंक्ति ने मजबूती से मोर्चा संभाला। मेजबान टीम को भारतीय गोल क्षेत्र में लगातार दबाव बनाने के बावजूद खुले खेल से गोल करने का मौका नहीं दिया गया।
हालांकि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ केवल मजबूत रक्षा पर्याप्त नहीं होगी। भारतीय टीम को अपने आक्रमण को भी अधिक प्रभावी बनाना होगा। पिछले मुकाबलों में भारत ने खुले खेल और पेनल्टी कॉर्नर के माध्यम से कई अवसर बनाए हैं, लेकिन उन मौकों को गोल में बदलने में टीम को परेशानी हुई है। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिले अवसरों को गंवाना भारत के लिए भारी पड़ सकता है।
भारतीय टीम के मुख्य प्रशिक्षक श्योर्ड मारिन ने इस मुकाबले की अहमियत को देखते हुए इसे लगभग क्वार्टर फाइनल जैसा बताया है। दोनों टीमें एक-दूसरे की ताकत और कमजोरियों से अच्छी तरह परिचित हैं। हाल में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार मुकाबलों की श्रृंखला भी खेली गई थी, जो दो-दो की बराबरी पर समाप्त हुई थी।
इस वजह से रविवार का मुकाबला दोनों टीमों के लिए बिल्कुल नया अनुभव नहीं होगा। भारतीय खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलियाई टीम की शैली, उसकी गति और आक्रमण की क्षमता के बारे में अच्छी जानकारी है। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया भी भारतीय टीम की रक्षापंक्ति, पेनल्टी कॉर्नर और आक्रमण की रणनीति से परिचित है।
भारत को इस मुकाबले में शुरुआत से ही संयम बनाए रखना होगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जल्दबाजी में लिए गए फैसले टीम पर दबाव बढ़ा सकते हैं। भारतीय रक्षापंक्ति को ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की तेज गति और लगातार हमलों के सामने अनुशासन बनाए रखना होगा।
आक्रमण में भारतीय खिलाड़ियों की भूमिका भी निर्णायक रहेगी। पेनल्टी कॉर्नर भारत के लिए गोल करने का महत्वपूर्ण माध्यम हो सकता है। इसके अलावा खुले खेल में बनाए गए अवसरों को गोल में बदलना जरूरी होगा। यदि भारत मौके बनाकर उन्हें भुनाने में सफल रहता है, तो ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बनाया जा सकता है।
भारत के सामने सिर्फ एक मुकाबला जीतने की चुनौती नहीं है, बल्कि पांच दशक से अधिक पुराने इंतजार को खत्म करने का अवसर भी है। विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंचना भारतीय महिला हॉकी के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। 51 साल पहले किसी भारतीय हॉकी टीम ने विश्व कप के अंतिम चार में जगह बनाई थी और तब से यह उपलब्धि दोहराई नहीं जा सकी है।
भारत-ऑस्ट्रेलिया मुकाबला कब और कहां?
भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला हॉकी टीमों के बीच विश्व कप मुकाबला नीदरलैंड के एम्स्टेलवीन स्थित वेगेनर हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार मैच रात 10 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा।
मुकाबला कहां देखा जा सकेगा?
भारत में इस मुकाबले का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के माध्यम से किया जाएगा। खेल प्रेमी इसे स्टार सेलेक्ट दो के मानक और उच्च गुणवत्ता वाले प्रसारण के अलावा खेल चैनल पर भी देख सकेंगे। डीडी फ्री डिश के दर्शकों के लिए यह मुकाबला डीडी स्पोर्ट्स पर भी उपलब्ध रहेगा।
मोबाइल और इंटरनेट पर सीधा प्रसारण
भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया मुकाबले का सीधा प्रसारण जियोहॉटस्टार के माध्यम से भी देखा जा सकेगा। दर्शक इसके अनुप्रयोग और वेबसाइट के जरिये मुकाबले का आनंद ले सकते हैं। भारतीय पुरुष और महिला हॉकी विश्व कप के मुकाबलों का प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स पर भी किया जा रहा है।
भारतीय टीम के लिए अब समीकरण पूरी तरह स्पष्ट है। चीन यदि नीदरलैंड को हरा देता है तो भारत की उम्मीदें समाप्त हो जाएंगी। यदि नीदरलैंड हार से बचता है, तो भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत हासिल करनी होगी। ऐसे में रविवार की रात भारतीय महिला हॉकी के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है।
भारत को इतिहास रचने के लिए रक्षा में मजबूती, आक्रमण में धार और मौकों को गोल में बदलने की क्षमता दिखानी होगी। 51 वर्षों का इंतजार खत्म करने के लिए टीम के पास एक बड़ा अवसर है। अब यह भारतीय खिलाड़ियों पर निर्भर करेगा कि वे दबाव के इस मुकाबले में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ मैदान से बाहर निकलती हैं या नहीं।


